Friday, July 19, 2024
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भाजपा के समर्थन में व्हाट्सएप स्टेटस डालने पर सलीम पाशा का वीरेंदर जाट पर हमला… रवि ठाकुर पर मारी तलवार… पवन तोमर को कैद किया घर के अंदर

पीड़ित पक्ष के विशाल का कहना है, "ये (आरोपित पक्ष) रात को अंडर पास के नीचे खड़े होते हैं। लोगों से मोबाईल और पैसे की छीना-झपटी करते हैं। इन्हीं में एक लड़का सलमान या सलीम नाम का है। उसने किसी हिन्दू लड़की को प्रपोज किया था। लड़की ने मना कर दिया तो उसके घर में घुसकर लड़की की नस काट दी थी। डर के मारे लड़की के परिवार ने कहीं भी शिकायत नहीं दर्ज करवाई थी।"

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले (नोएडा) के छिजारसी चौकी क्षेत्र के बुद्ध विहार कॉलोनी में भाजपा के पक्ष में व्हाट्सएप स्टेटस लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद गाली गलौज से लेकर मारपीट में बदल गया। इस बीच एक भीड़ ने 5 युवकों पर हमला किया। इनमें से 2 युवकों की बुरी तरह से पिटाई और धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले का मुख्य आरोपित सलीम पाशा है। 11 फरवरी (शुक्रवार) की इस घटना में अब तक एक नाबालिग सहित 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

घटना की शिकायत पुलिस में करते हुए वीरेंदर सिंह जाट ने लिखा, “मेरे पिता का नाम भगवान सिंह है। मैं बुद्ध विहार कॉलोनी के 25 फुटा रोड के गली नंबर 7 में रहता हूँ। 10 फरवरी को मैंने अपने फोन में BJP के समर्थन में अपना वोटर ID स्टेटस पर लगाया था। इस स्टेटस पर रात लगभग 10:35 बजे पर मेरे मोहल्ले के सलीम पाशा ने मुझे रिप्लाई में गंदी-गंदी गालियाँ दीं। सलीम ने मुझे लिख दिया कि ‘तेरी *** कुत्तों ने मारी’। इसके बाद मैं 11 फ़रवरी को लगभग 5 बजे शाम को अपने साथियों अतुल और अजय के साथ गौ माता का उपचार करके घर आ रहा था। उसी समय सलीम पाशा नाम का लड़का अपने साथियों शादाब, सलमान, राजा अल्ताफ, अफ़रोज़, अमन चुची के साथ हम लोगों पर हमला किया। हमलावरों के साथ लगभग 30 अन्य अज्ञात लोग भी थे।”

FIR

शिकायत में आगे कहा गया, “हमले के बाद जब हम FIR करवाने पुलिस चौकी जा रहते थे, उसी समय हमें घेर कर दुबारा हमला किया गया। इस हमले में रवि ठाकुर और पवन ठाकुर घायल हो गए। इसी हालत में उन्हें अपहरण करके घर के अंदर ले जाया गया। घर में दुबारा उन दोनों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमने इसकी सूचना 112 पर पुलिस को दी। पुलिस ने आ कर रवि और पवन को आरोपितों के घर से मुक्त करवाया। रवि को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।”

Case Details

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में सलमान, राजा, सलीम, अमन चुची, अफ़रोज़, अल्ताफ, शादाब को नामज़द किया गया है। आरोपितों पर धारा 147, 149, 323, 324, 365, 342, 506 और IT एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। हमले के शिकार युवकों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच में है। वो गौ सेवा का काम करते हैं।

हमले में रवि ठाकुर को सबसे ज्यादा चोटें आईं हैं। उनका इलाज SJM अस्पताल छिजारसी में चल रहा है।

SJM अस्पताल और घायलों के मित्र / परिजन

ऑपइंडिया की टीम पहुंची SJM अस्पताल

ऑपइंडिया ने इस मामले की जमीनी पड़ताल की। हमने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग की शुरुआत 12 फरवरी को लगभग 3 बजे शाम से SJM अस्पताल से शुरू की। अस्पताल में घायलों के पास ज्यादा लोगों को जाने की अनुमति वहाँ के सुरक्षा गार्ड नहीं दे रहे थे। मौके पर पुलिस का कोई सुरक्षाकर्मी नहीं मिला। उस समय घायलों के परिजनों के अलावा हिन्दू संगठन के कुछ कार्यकर्ता और कुछ मीडियाकर्मी मौजूद थे।

SJM अस्पताल के सुरक्षा गार्ड की अनुमति के बाद हम नियमानुसार घायल रवि ठाकुर तक पहुँच पाए। उस समय रवि ठाकुर को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया था। वहाँ पर रवि कुमार के परिवार वाले मौजूद थे। अस्पताल के नियमों और बाकी मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए हमने उनके परिजनों से अस्पताल के गेट के बाहर बात करने का निवेदन किया। इस निवेदन को उन्होंने मान लिया।

पीड़ित रवि ठाकुर के परिजन और मित्र

घायल रवि ठाकुर की माँ ने ऑपइंडिया से बात की

ऑपइंडिया से बात करते हुए घायल रवि ठाकुर की माँ पिंकी ने बताया, “मेरा बेटा गाय की सेवा करने गया था। मेरा एक ही लड़का है। उसको इन लोगों (आरोपितों) ने बहुत मारा। हमें 8 बजे पता चला। जब हमारे पास फोन आया तब तक हमारे बेटे को अस्पताल में डाल दिया था। मेरे पति सिक्युरिटी की नौकरी करते हैं। हम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के निवासी हैं। पूरा इलाज हम खुद से करवा रहे हैं। पुलिस अस्पताल में आई है। मेरे लड़के से पूछताछ की है। मेरा बेटा इस हालत में नहीं है कि वो सही से बता सके। उसको बहुत ज्यादा चोट लगी है। उसकी खोपड़ी फाड़ रखी है। चार जगहों से सिर पर हमला किया गया है। उसकी आवाज निकलना मुश्किल हो रहा है।” इस पूरी बातचीत के दौरान रवि ठाकुर की माँ लगातार रोती रहीं।

रवि ठाकुर के पिता ने की ऑपइंडिया से बात

हमले में घायल रवि ठाकुर के पिता ने भी ऑपइंडिया को बताया, “मेरा नाम ठाकुर सुखवीर सिंह है। मेरा बेटा पढ़ाई के साथ जॉब भी कर रहा था। लॉकडाउन के दौरान उसकी जॉब छूट गई थी। इस बीच में हम लोग गाँव चले गए थे। लौटने के बाद वो जॉब खोज रहा था। घटना के बारे में मुझे कुछ मालूम नहीं है। मैं ड्यूटी पर था तब मुझे जानकारी मिली। खबर सुनकर मैं आया तो ये पोजीशन देखा। मेरी कोई रंजिश नहीं थी। यही जो सरकार बन रही है बीजेपी की इसी चक्कर में वाद विवाद हुआ है।”

हमले में घायल रवि ठाकुर के माता – पिता

हमले के शिकार दूसरे पीड़ित पवन कुमार तोमर से ऑपइंडिया ने की बात

पवन कुमार तोमर वो दूसरे पीड़ित हैं, जिन्हें हमलावरों ने घर में बंद कर जान से मारने का प्रयास किया था। ऑपइंडिया को पवन तोमर ने बताया, “घटना की मुख्य वजह मेरे दोस्त वीरेंदर चौधरी (वीरेंदर जाट) द्वारा BJP का व्हाट्सएप स्टेटस लगाना है। इस स्टेट्स पर सलीम पाशा नाम के लड़के ने गाली गलौज की। सलीम 25 फुटा क्षेत्र में आवारागर्दी करने के लिए बदनाम है। वो लड़कियों को छेड़ता रहता है। घटना के समय 25 से 30 लोगों ने वीरेंदर चौधरी पर हमला किया। हमले के बाद में वीरेंदर ने मुझे फोन किया। तब मैं गाय का इलाज कर रहा था। मैंने वीरेंदर को थाने पहुँचने को कहा और खुद वहाँ के लिए निकल गया। जब मैं वहाँ पहुँचा तो देखा कि मेरे साथ वाले लड़के आगे-आगे भाग रहे थे। उनके पीछे कई मुस्लिम लोग पीछा कर रहे थे।”

अस्पताल में इलाज करवाते एक अन्य पीड़ित पवन कुमार

पवन कुमार तोमर ने आगे बताया, “मैंने सुना कि वहाँ मस्जिदों से एलान हुआ कि बजरंग दल वालों से लड़ाई हुई है। आज इन्हें देख लेना है। सबको सलीम के घर पर इकट्ठा किया गया था। मेरे साथ रवि भाई भी थे। मेरे और रवि भाई के साथ मारपीट की गई। मैं बाइक लेकर वहाँ रुका तो मेरे माथे पर टीका देख कर उन्होंने (हमलावरों) बोला कि ये भी बजरंग दल का है। मुझे और रवि भाई को काट देने की धमकी देते हुए उठाकर ले गए। अपने घर में ले जाकर बंद कर दिया। बंद करने के बाद एक मोटे से आदमी ने तलवार से पहला वार रवि भाई पर किया। उस वार से रवि भाई के सिर से खून बहने लगा। मैं थोड़ा सा डर गया था। मैं डर के सामने वाले कमरे में घुस गया। इसके बाद मैंने अंदर से कुंडी लगा ली थी। फिर मैंने 112 पर फोन किया। तब वहाँ पर पुलिस पहुँची। पुलिस के पहुँचने के बाद हम वहाँ से निकल पाए। पुलिस कम से कम 7 से 8 गाड़ियों में पहुँची थी। इस हमले में पुरुषों के साथ महिलाएँ भी शामिल थीं। वो छतों से ईंटें बरसा रही थीं। मेरे पीछे ईंट लगी। अभी भी वहाँ सूजन है। मैंने उनसे कहा कि मैं वहाँ नहीं था और मुझे मत मारो, पर उन्होंने कहा कि तू भी बजरंग दल से है। हमले के दौरान वो बजरंग दल – बजरंग दल चिल्ला रहे थे।”

शिकायतकर्ता और पीड़ित वीरेंदर सिंह जाट ने ऑपइंडिया से की बात

वीरेंदर सिंह जाट वही युवक हैं, जिनका आरोप है कि उनके द्वारा भाजपा समर्थन में लगाए गए व्हाट्सएप स्टेट्स पर आरोपित सलीम पाशा ने गाली दी। वीरेंदर इस मामले में शिकायतकर्ता भी हैं। ऑपइंडिया से बातचीत में उन्होंने बताया, “10 तारीख़ को मैंने अपनी वोटर ID का स्टेटस लगा कर लिखा था ‘ओनली बीजेपी भगवाधारी’। मेरे ही साथ पढ़ने वाले सलीम पाशा ने मुझे उस स्टेटस पर गाली दी। मैंने भी उन्हें जवाब दिया। फिर उसने मुझे कल मिलने को कहा। हम गौ सेवक हैं। हम शाम को गाय की सूचना पर गए थे। हम उसी सूचना से आ रहे थे। हमें घेर कर मारा गया। हम वहाँ से भाग गए। फिर हम रिपोर्ट लिखाने जा रहे थे तो उनके पूरे मोहल्ले वालों ने मिलकर हमें फिर मारा।”

शिकायतकर्ता व पीड़ित वीरेंदर सिंह जाट का मकान

वीरेंदर सिंह जाट ने आगे बताया, “हमारे दो साथियों को उठा कर घर में बंद कर दिया गया। उनके नाम पवन कुमार तोमर और रवि ठाकुर हैं। पवन भाई ने 112 पर कॉल कर के पुलिस को बुलाया। इस बीच रवि को तलवार और चाकुओं से मार कर घायल कर दिया गया। उनके साथ 1-2 और लड़कों को भी मारा गया। इन्हें मारने के बाद 112 पर सूचना के बाद पुलिस पहुँची और उन्हें ले कर थाने गई। रवि भाई को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हमारे साथ विश्व हिन्दू परिषद, गौ रक्षा दल और अग्निवीर टीम थाने में पहुँची। वहाँ पर मुस्लिमों की टीम भी आना शुरू हो गई थी। उधर से बहुत लोग आए थे। पुलिस वालों ने उन्हें वहाँ से भगाया। वो पुलिस वालों से भी तू-तू, मैं-मैं कर रहे थे।”

शिकायतकर्ता व स्टेट्स लगाने वाले वीरेंदर जाट

पीड़ित वीरेंदर के मुताबिक, “हमारा घर 7 नंबर गली में है और सलीम का घर 4 नंबर गली में है। हमारे घर के बीच थोड़ी ही दूरी है। वहाँ पर मुस्लिम लोग ज्यादा है और हिन्दू कम हैं। अभी सलीम पाशा पकड़ा नहीं गया। मैं जाट हूँ। मैं योगी-मोदी को सपोर्ट करता हूँ। ये जो राजनीति कर रहे हैं उनमें से किसी ने भी मेरी मदद नहीं की। समाजवादी पार्टी से सुनील चौधरी या कोई भी हमसे कुछ भी पूछने नहीं आया। मैं अपने जाट भाइयों से कहना चाहूँगा कि इनके चक्कर में न पड़ें।”

पीड़ितों के मित्र और उनके गौ सेवा समूह प्रमुख विशाल गौतम ने ऑपइंडिया से की बात

विशाल गौतम ने ऑपइंडिया को बताया, “घटना के दिन भी हमेशा की तरह ये लड़के गौ सेवा करके आ रहे थे। उसके कुछ घंटों पहले इनका व्हाट्सएप स्टेट्स को लेकर विवाद हुआ था। स्टेट्स बीजेपी समर्थन में था। इसी के चलते वहीं के मुस्लिम युवक ने उस से विवाद किया। हमारे अग्निवीर संगठन का नियम है कि हर घटना के बाद अधिकारियों को सूचित किया जाए। इसलिए इन्होंने (शिकायतकर्ता वीरेंदर सिंह जाट) ने मुझे पूरी घटना से अवगत करवाया। मैंने उन्हें पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा। तभी उन्होंने (हमलावरों) कहा कि जब हमें जेल जाना ही है तो इन्हें मार कर ही जाते हैं। उन्होंने फोन करके तमाम लड़कों को जमा कर लिया। हमारे दर्जनों लड़के वहाँ घायल हुए, जिनमें मुख्य रूप से पवन तोमर और रवि ठाकुर हैं। उन पर चाकू फरसे जो भी थे उस से वार किया गया। डेढ़ से 2 इंच के उसके सिर पर घाव हैं। 13-14 टाँके भी लगे हैं।”

विशाल गौतम ने आगे बताया, “रवि को हमलावरों ने मरा समझ कर छोड़ा। इसके बाद वो पवन की पिटाई करने लगे। पवन ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। मैं डासना में रहता हूँ इसलिए मुझे आने में देर लगी। तब तक पुलिस और मीडिया के कुछ मित्रों को सूचित किया जा चुका था। मैं उस गली में चला गया। मेरी गली में जाते ही आरोपित सलीम पाशा के पिता ने गली में अवरोध लगा दिया। साथ ही वो अंदर और लोगों को बुलाने चला गया। स्थिति को भाँपकर मैं स्कूटी लेकर बाहर आ गया। तभी मौके पर नोएडा और गाजियाबाद पुलिस की टीमें पहुँच गईं। पुलिस ने दोनों (रवि और पवन) को घर से बाहर निकाला। पुलिस ने ही रवि को अस्पताल में भर्ती करवाया। बाकियों को थाने में ले गए।”

अस्पताल में मौजूद विशाल गौतम

विशाल गौतम के मुताबिक, “हमने 8 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। कुछ अज्ञात हैं। थाने में तहरीर देते समय आरोपित वहाँ मौजूद थे। तभी उनका एक आदमी अंदर आता है और आरोपितों को वहाँ से भगा देता है। इनका एक लीडर अमीरुल हसन नाम से है। वो बुद्ध विहार में एक अवैध स्कूल चलाता है। उस स्कूल की कोई मान्यता नहीं है। अमीरुल हसन थाने के बाहर कहता है कि जब FIR करवाने से ये मान नहीं रहे हैं तो इन्हें मारो। इस बात को खुद पुलिस वालों ने सुना। उन्होंने अमीरुल को वहाँ से डाँटकर भगा दिया। इतनी देर में बुद्ध विहार में रहने वाले लड़कों ने हमें बताया कि यहाँ मस्जिद में एलान हो गया है। एलान में कहा गया कि हमारे लड़कों को सेक्टर 63 थाने में पुलिस मार रही है। जबकि किसी लड़के को हाथ ही नहीं लगाया गया था। इसके बाद लगभग 300 लोग गाड़ियों में भर के नोएडा सेक्टर 63 के हर चौराहे पर 10-12 की संख्या में खड़े हो गए।”

विशाल गौतम ने आगे कहा, “हमारी तरफ से भी लगभग 50 लोग आए तो पुलिस ने हमसे भीड़ को हटाने के लिए कहा। ऐसा उन्होंने सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए बोला। साथ ही चुनाव का समय होने की याद दिलाई। हमने अपने साथियों को वापस भेज दिया। इसके बाद रात को डेढ़ बजे अमीरुल हसन अपनी गाडी लेकर अस्पताल आया। ऊपर अस्पताल प्रशासन द्वारा अनुमित न मिलने के चलते मैं बाहर अपने 4-5 साथियों के साथ स्कूटी पर बैठा था। अमीरुल हसन हमने कहने लगा कि तुम्हारी वजह से पुलिस किसी और सलमान को पकड़ लाई है। अमीरुल हसन मुझ से सलमान को छुड़वाने के लिए कहा। साथ ही ऐसा न करने पर परिणाम की धमकी दी। मेरे एक साथी अतुल तिवारी को वो अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश करने लगा।”

विशाल गौतम ने आगे बताया, “अभी तक पुलिस की कार्रवाई चल रही है। पुलिस दबिश दे रही है। सुनने में आया है कि आरोपित फरार हो गए हैं। हमले में लगभग 300 से 400 लोग शामिल थे। उन्होंने अपनी छतों से ईंटें बरसाई थीं। उन्होंने इस केस को हमारे ही ऊपर डालने के लिए अपने ही घर के शीशे तोड़े हैं। अपने ही घर में ईंटें फेंकी हैं। साथ ही AC आदि की वायरिंग भी खींच ली। सूचना पर हमारे अधिकतम 70 लड़के बचाने के लिए पहुँचे थे। लेकिन इन लोगों (हमलावरों) की संख्या लगातार बढ़ रही थी। वो तमाम हिस्सों से आ रहे थे जैसे नोएडा, कैला भट्टा, इस्लाम नगर, डासना आदि जगहों से। कुछ महिलाएँ भी थीं, जो छेड़खानी का आरोप लगा रही थीं। वो अपने साथ बलात्कार करने की झूठी शिकायत दर्ज करवाने की धमकी दे रही थीं। उस समय पुलिस ने उनको वहाँ से हटाया। इस दौरान समाजवादी पार्टी का नोएडा जिलाध्यक्ष को भी विपक्षियों ने बुलवाया। सपा जिलाध्यक्ष की गाड़ी वहाँ पर दिखी थी।”

विशाल के मुताबिक, “ये (आरोपित पक्ष) रात को अंडर पास के नीचे खड़े होते हैं। लोगों से मोबाईल और पैसे की छीना-झपटी करते हैं। मुझे किसी ने बताया कि इन्हीं में एक लड़का सलमान या सलीम नाम का है। उसने किसी हिन्दू लड़की को प्रपोज किया था। लड़की ने मना कर दिया तो उसके घर में घुसकर लड़की की नस काट दी थी। डर के मारे लड़की के परिवार ने कहीं भी शिकायत नहीं दर्ज करवाई थी। हम इस जानकारी को निकलवा रहे हैं। साथ ही इनके किए गए अपराधों को भी जमा कर रहे। सबको हम पुलिस के आगे रखेंगे। हमने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है। अगर कोई रात में धमकाने आ सकता है तो क्या वो कमरे में ऊपर मारने नहीं जा सकता। कम से कम जब तक घायल अस्पताल में है तब तक तो सुरक्षा मजबूत रखी जाए। रात में तो 2 पुलिस वाले तैनात रहे, लेकिन अभी कोई सुरक्षा नहीं है।”

ओवैसी के 15 मिनट वाले बयान पर हथियार लेकर वीडियो बनाई है आरोपित अमन उर्फ़ चुची ने

जतिन राज नाम के हैंडल द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में दावा किया गया है कि हमले के आरोपित अमन उर्फ़ चुची का यह वीडियो है। इस वीडियो में एक युवक हाथ में पिस्टल ले कर दिखा रहा है। बैकग्राउंड में अकबरुद्दीन ओवैसी के 15 मिनट वाले बयान की आवाज आ रही है। जतिन राज ने इस वीडियो में नोएडा पुलिस को भी टैग किया है।

अस्पताल से घटनास्थल पर पहुँची ऑपइंडिया की टीम

पीड़ितों, घायलों के परिजनों और मित्रों से अस्पताल में मिलकर ऑपइंडिया की टीम उस स्थान पर गई जहाँ ये पूरा विवाद हुआ था। यह जगह NH 24 पर नोएडा से हापुड़ रोड पर जाते समय हिंडन नदी पार करने के बाद पड़ती है। अंडरपास के नीचे उतरने पर दाएँ हाथ पर अंडरपास की दीवाल से चलते हुए हम घटनास्थल पर पहुँचे। रास्ते में मिट्टी की ऊबड़-खाबड़ सड़क है। घटना स्थल से लगभग 300 मीटर पहले मुख्य बाजार है जहाँ लगभग आधे दर्जन पुलिसकर्मी तैनात दिखे। मौके पर थाने के कुछ अन्य स्टाफ भी वाहनों से आते जाते दिखाई दिए।

घटनास्थल के कुछ ही दूर पर तैनात पुलिस बल

पुलिस बल की तैनाती स्थल से लगभग 300 मीटर अंदर घनी बाजार में चलते हुए हम उस गली तक पहुँचे जहाँ ये पूरी घटना घटी थी। बाज़ार में मिश्रित आबादी और उसी के अनुसार दुकानें भी दिखीं। इसी सड़क को 25 फुटा रोड कहा जाता है। जिस गली में यह घटना घटी थी वहाँ कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जानकारी दी कि बीच-बीच में पुलिस वाले आते रहते हैं। घटना के बारे में किसी स्थानीय व्यक्ति ने कैमरे के आगे बोलने से मना कर दिया।

NH 24 अंडरपास के बगल से घटनास्थल पर जाती कच्ची सड़क

25 फुटा रोड पर जनजीवन सामान्य था। दुकानें खुली थीं और लोग रोजमर्रा के कामों में वयस्त थे। हालाँकि जिस गली में घटना घटी वहाँ सन्नाटा दिखा। इक्का-दुक्का लोग ही आते जाते दिखे।

वो गली जहाँ हुआ था सारा विवाद

ऑपइंडिया ने इस मामले में स्थानीय SHO से बात की

ऑपइंडिया ने सेक्टर 63 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार शुक्ला से बात की। इंस्पेक्टर ने बताया, “इस केस में अब तक 6 गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं। आरोपितों में एक नाबालिग भी है। मैं इस समय आरोपितों को अदालत में प्रस्तुत करने के कागज़ात तैयार कर रहा हूँ। कार्रवाई की बाकी विस्तृत जानकारी शाम को दे पाऊँगा।”

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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