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खुद को ‘पत्रकार’ बताने वाला नसीम रजा जैदी निकला ‘मीडिया जेहादी’, संभल के दंगाइयों को ‘शहीद’ बता इकट्ठा कर रहा था पैसा: पुलिस ने पकड़ा, पहचान पत्र निकले फर्जी

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 23 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। लेकिन इस बीच कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इन्हीं में से एक नाम नसीम रजा जैदी का है, जो खुद को पत्रकार बताता है। पुलिस ने नसीम को शनिवार (7 दिसंबर 2024) को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। नसीम न सिर्फ दंगाइयों का महिमामंडन में जुटा बल्कि मारे गए उपद्रवियों के नाम पर पैसों की उगाही भी कर रहा था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि नसीम सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाकर लोगों को पुलिस के खिलाफ उकसा रहा है। वह दंगाइयों को ‘शहीद’ बताकर उनकी महिमामंडन कर रहा था और पुलिस को हिंसक और हमलावर साबित करने की कोशिश कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नसीम ने QR कोड जारी कर पैसे जुटाने की भी शुरुआत की थी। वह दावा कर रहा था कि ये पैसे हिंसा में शामिल लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किए जाएँगे।

पुलिस ने नसीम को पकड़कर पूछताछ की तो उसने खुद को एक न्यूज संस्थान का पत्रकार बताया। लेकिन जब पुलिस ने संस्थान से जानकारी ली, तो पता चला कि नसीम का दावा झूठा है। उसके पहचान पत्र भी फर्जी निकले। नसीम के इस फर्जीवाड़े के खिलाफ पुलिस ने कोतवाली में FIR दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस अधीक्षक संभल के मुताबिक नसीम के खिलाफ भारतीय नयाय संहिता (BNS) की धारा 318, 338, 336 और 340 के तहत केस दर्ज किया गया है। नसीम रजा जैदी को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है।

अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उसने कितने पैसे कहाँ से जुटाए और उनका इस्तेमाल कहाँ किया। भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने नसीम की करतूत को ‘मीडिया जिहाद’ बताया है। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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