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दिल्ली चुनाव ख़त्म होते ही ठंडा पड़ा जोश: रामलीला मैदान शिफ्ट होने को तैयार शाहीन बाग़ के उपद्रवी

शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो लोगों की दिक्कतों को बढ़ाना नहीं चाहते। हालाँकि, पिछले 2 महीने से उनके कारण पूरे क्षेत्र में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहाँ बिरयानी पार्टी हो रही है और पिकनिक मनाई जा रही है, ऐसा लोगों का कहना है।

शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों का जोश ठंडा हो गया है क्योंकि दिल्ली चुनाव बीत गया है। मतदान संपन्न होने के साथ ही अब सीएए के नाम पर विरोध प्रदर्शन कर रही मुस्लिम महिलाएँ वहाँ से कहीं और शिफ्ट होने के लिए तैयार हो गई हैं। हालाँकि, वो वहाँ से हटने के लिए कोई न कोई बहाना ढूँढ रहे थे क्योंकि उनका इरादा दिल्ली चुनाव के दौरान चर्चा में रहना था। इस विरोध प्रदर्शन को विदेश से फंडिंग मिलने के कई आरोप लगे थे।

ईडी मामले की जाँच कर रही है, जिसके तार आम आदमी पार्टी के संजय सिंह तक जुड़ते नज़र आ रहे हैं। ओवैसी की पार्टी के नेताओं की भी संलिप्तता मिली है। केजरीवाल के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान भी उपद्रवी भीड़ का नेतृत्व करते देखे गए थे।

शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों ने ये भी कहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करेंगे और इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि देश की शीर्ष अदालत क्या कहती है। न्यायपालिका के प्रति आस्था का दिखावा करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जैसा कहेगा, वैसा किया जाएगा।

शाहीन बाग़ के उपद्रवियों का कहना है कि अब वो रामलीला मैदान शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी की है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर इतने दिनों तक सड़कें बाधित कर के नहीं रखी जा सकतीं और लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को वहाँ से हटने का बहाना मिल गया है। उनका कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट निर्देशित करता है तो वो रामलीला मैदान में जाकर सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करेंगे।

वहीं इसके बाद उपद्रवियों से सहानुभूति रखने वाले तहसीन पूनावाला सरीखे लोग संघ को घेरने लगे हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए प्रदर्शनकारी जगह बदलने को तैयार हुए हैं। हालाँकि, ये स्पष्ट दिख रहा है कि दिल्ली चुनाव ख़त्म होने के बाद उनकी ज़रूरत ही नहीं बची थी और उन पर लगातार लग रहे आरोपों के बीच उन्हें मीडिया कवरेज मिलना भी बंद हो गया था, इसीलिए वो वहाँ से हट कर धीरे-धीरे इस विरोध प्रदर्शन को ख़त्म करने में जुटे हैं।

शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो लोगों की दिक्कतों को बढ़ाना नहीं चाहते। हालाँकि, पिछले 2 महीने से उनके कारण पूरे क्षेत्र में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहाँ बिरयानी पार्टी हो रही है और पिकनिक मनाई जा रही है, ऐसा लोगों का कहना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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