Homeदेश-समाजएक नहीं कई हथियार से किए थे श्रद्धा के शव के टुकड़े-टुकड़े, दोस्त ने...

एक नहीं कई हथियार से किए थे श्रद्धा के शव के टुकड़े-टुकड़े, दोस्त ने बताया- सिगरेट से जिस्म को दाग देता था आफताब

रजत शुक्ला ने बताया है कि साल 2021 में श्रद्धा ने उन्हें बताया था कि आफताब ने उसकी पीठ को सिगरेट से जला दिया था। यह सुन उन्हें काफी बुरा लगा था। तब श्रद्धा के दोस्तों ने आफताब को पुलिस में शिकायत की चेतावनी दी थी। लेकिन श्रद्धा ने ही सबको रोक दिया था।

श्रद्धा वालकर (Shraddha Walker Murder Case) के शव को टुकड़ों में काटने के लिए आफताब अमीन पूनावाला ने कई हथियारों का इस्तेमाल किया था। बताया जा रहा है कि पुलिस को अब तक 5 बड़े चाकू मिले हैं। इन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। इस बीच श्रद्धा के एक दोस्त ने बताया है कि आफताब (Aftab Amin Poonawalla) सिगरेट से उसके शरीर को दागता भी था।

श्रद्धा की हत्या का खुलासा होने के बाद यह बात सामने आई थी कि उसके शव के 35 टुकड़े किए गए थे। आफताब ने इन टुकड़ों को करीब 18 दिनों में एक एक कर फेंका। अब न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया है शव के टुकड़े करने के लिए कई हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। खुद आफताब ने पूछताछ में यह जानकारी पुलिस को दी है।

पिछले कुछ दिनों में दिल्ली पुलिस ने 5 बड़े चाकू बरामद किए हैं। लेकिन वह आरी अब तक नहीं बरामद हुई है, जिससे शव को काटा गया था। दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि श्रद्धा की हत्या को करीब 6 माह बीत चुके हैं। इस दौरान आरोपित ने अधिकतम सबूत मिटा दिए होंगे।

इस बीच श्रद्धा के एक दोस्त ने दावा किया है कि आफताब उसे सिगरेट से जलाता था। दोस्त का दावा है कि इसके बावजूद श्रद्धा उसे एक मौका देना चाहती थी। इस दोस्त की पहचान रजत शुक्ला के तौर पर हुई है। शुक्ला ने बताया है कि साल 2021 में श्रद्धा ने उन्हें बताया था कि आफताब ने उसकी पीठ को सिगरेट से जला दिया था। यह सुन उन्हें काफी बुरा लगा था। शुक्ला के मुताबिक तब श्रद्धा के दोस्तों ने आफताब को पुलिस में शिकायत की चेतावनी दी थी। लेकिन श्रद्धा ने ही सबको रोक दिया था।

गौरतलब है कि श्रद्धा की हत्या 18 मई 2022 को ही आफताब ने कर दी थी। मामले का खुलासा नवंबर में हुआ। यह बात भी सामने आई है कि श्रद्धा ने आफताब के हिंसक बर्ताव के बारे में 2 साल पहले ही मुंबई के तूलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आफताब से अपनी जान को खतरा बताया था। 23 नवंबर 2020 को उसने मुंबई की पालघर पुलिस को एक पत्र भी लिखा था। इसमें उसने बताया था कि उसका लिव-इन पार्टनर आफताब उसे मारता-पीटता है। अगर वक्त पर एक्शन नहीं लिया, तो आफताब उसे टुकड़े-टुकड़े कर डालेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -