Homeदेश-समाजमूसेवाला हत्याकांड में गुजरात से दिल्ली पुलिस ने 2 शूटर को दबोचा, मास्टरमाइंड भी...

मूसेवाला हत्याकांड में गुजरात से दिल्ली पुलिस ने 2 शूटर को दबोचा, मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार: हथियार और विस्फोटक भी बरामद

गिरफ्तार बदमाशों में से एक प्रियव्रत उर्फ फौजी है। आरोप है कि उसने ही हत्या की साजिश रची थी। वह गोल्डी बराड़ के संपर्क में था। हत्या से पहले फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी में भी नजर आया था।

दिल्ली पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या (Sidhu Moosewala Murder) के मामले में तीन गिरफ्तारी की है। इनमें से दो शूटर हैं, जबकि तीसरा उस मॉड्यूल का सरगना है जिसने पंजाबी गायक और कॉन्ग्रेस मूसेवाला की हत्या को अंजाम दिया।

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने गुजरात के कच्छ से इन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने सोमवार (20 जून 2022) को बताया कि इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं। जिनमें 8 ग्रेनेड, 3 पिस्तौल और लगभग 50 गोलियाँ शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक हत्या से पहले बदमाश गोल्डी बराड़ के संपर्क में थे। रेकी करने वालों ने बताया था कि मूसेवाला बिना किसी सुरक्षा के खुलेआम घूम रहा है। हत्या के बाद बदमाशों ने फोन कर काम पूरा होने की खबर दी थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े तीन बदमाशों में से एक का नाम प्रियव्रत उर्फ फौजी है। वह मूसेवाला की हत्या करने वाले मॉड्यूल का सरगना बताया जा रहा है। आरोप है कि प्रियव्रत ने ही हत्या की साजिश रची थी। हत्या के समय प्रियव्रत गोल्डी बराड़ के संपर्क में था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मूसेवाला की हत्या से पहले प्रियव्रत फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी में भी नजर आया था।

प्रियव्रत के अलावा जो दो शूटर गिरफ्तार किए गए हैं, उनमें से एक कशिश उर्फ कुलदीप है और दूसरा केशव कुमार है। कुलदीप हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। कुलदीप भी फतेहगढ़ में सीसीटीवी में नजर आया था। वहीं केशव कुमार ने मूसेवाला की हत्या के बाद सभी शूटर्स को भागने में मदद की थी।

गौरतलब है कि मूसेवाला की 29 मई, 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिए जाने के एक दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -