Monday, July 22, 2024
Homeदेश-समाजGF से मिलने के बहाने फरार हुआ था मूसेवाला हत्याकांड का गैंगस्टर, अजमेर से...

GF से मिलने के बहाने फरार हुआ था मूसेवाला हत्याकांड का गैंगस्टर, अजमेर से गिरफ्तार: 5 ग्रेनेड, 2 पिस्तौल बरामद

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग का दीपक टीनू मानसा पुलिस की कस्टडी से भागा था। उसका मूसेवाला हत्याकांड में हाथ था। पुलिस ने उसकी कई राज्यों में तलाशी की। अब उसे राजस्थान के अजमेर के केकड़ी से पकड़ा गया है। उसके पास से 5 ग्रेनेड, 2 पिस्तौल बरामद हुई हैं।

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्‍या में आरोपित दीपक टीनू दोबारा से गिरफ्तार कर लिया गया है। टीनू को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान में जाकर पकड़ा। टीनू कुछ दिन पहले मानसा पुलिस की हिरासत से फरार हुआ था। पहले माना जा रहा था कि टीनू विदेश चला गया है। लेकिन बाद में खबर आई कि वह राजस्थान के गाँव में छिपा बैठा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने वहाँ जाकर उसे पकड़ लिया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग का दीपक टीनू मानसा पुलिस की कस्टडी से भागा था। उसका मूसेवाला हत्याकांड में हाथ था। पुलिस ने उसकी कई राज्यों में तलाशी की। अब उसे राजस्थान के अजमेर के केकड़ी से पकड़ा गया है। उसके पास से 5 ग्रेनेड, 2 पिस्तौल बरामद हुई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 अक्टूबर को सीआईए इंचार्ज टीनू को उसकी गर्लफ्रेंड से मिलाने के लिए सरकारी आवास पर लेकर गए थे। यहीं वह मौका देख फरार हो गया। पुलिस ने उसकी बहुत तलाश की। एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों का पता लगवाया। लेकिन कुछ पता नहीं चला। पंजाब पुलिस ने टीनू को पकड़ने के लिए अलर्ट जारी किया हुआ था। इस बीच दिल्ली पुलिस को उसके राजस्थान में छिपे होने की खबर आई। उन्होंने फौरन टीम बनाकर उसे राजस्थान में जाकर पकड़ लिया।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं था जब दीपक टीनू पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ था। जानकारी के मुताबिक पहले भी वह कुल 4 बार पुलिस के हाथ लगने के बाद फरार हो चुका था। दीपक साल 2017 में अंबाला सेंट्रल जेल में सलाखों के पीछे था। तब, वह एक पुलिस अधिकारी की आँखों में काली मिर्च का स्प्रे कर फरार हो गया था।

मालूम हो कि टीनू उन 24 आरोपितों में से एक है जिनके नाम सिद्धू मूसेवाला की हत्या में सामने आए हैं। उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल है। चार्जशीट में बताया गया है कि वह मूसेवाला के हत्यारों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने में शामिल था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कोई भी कार्रवाई हो तो हमारे पास आइए’: हाईकोर्ट ने 6 संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड को दी राहत, सेन्ट्रल विस्टा के तहत इन्हें...

दिसंबर 2021 में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।

‘कागज़ पर नहीं, UCC को जमीन पर उतारिए’: हाईकोर्ट ने ‘तीन तलाक’ को बताया अंधविश्वास, कहा – ऐसी रूढ़िवादी प्रथाओं पर लगे लगाम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (UCC) को कागजों की जगह अब जमीन पर उतारने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -