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AAP विधायक की वकीलगिरी का हाई कोर्ट ने उतारा भूत: गलत-सलत लिख कर ले गया था याचिका, लग चुका है बीवी को कुत्ते से कटवाने का आरोप

सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में कहा कि मतदान वाले दिन पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी के बूथ एजंट्स उन पोस्टरों का वितरण कर रहे थे, जिन पर उनका बैलेट नंबर, तस्वीर और चुनाव चिह्न के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगी थी।

AAP नेता सोमनाथ भारती की दिल्ली उच्च न्यायालय में बेइज्जती हो गई। वो भाजपा सांसद बाँसुरी स्वराज के खिलाफ याचिका लेकर पहुँचे थे। उन्होंने नई दिल्ली लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि बाँसुरी स्वराज की जीत गड़बड़ी के कारण हुई है। बता दें कि 2024 लोकसभा चुनाव में बाँसुरी स्वराज ने सोमनाथ भारती को ही हराया है। उन्होंने 78,370 मतों से जीत दर्ज की। बाँसुरी स्वराज को 53.48% वोट प्राप्त हुए, वहीं 44.23% वोटों के साथ सोमनाथ भारती पीछे रहे।

बाँसुरी स्वराज को 4.53 लाख वोट मिले थे, वहीं सोमनाथ भारती 3.74 लाख वोट ही पा सके। सोमनाथ भारती का आरोप है कि बाँसुरी स्वराज और उनके पोलिंग एजेंट्स ने 25 मई, 2024 को हुए मतदान में धाँधली की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोगों में साड़ी और सूट-सलवार का वितरण किया। उन्होंने कहा कि AAP कार्यकर्ताओं ने उन्हें मतदाताओं को ललचाने से रोका भी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। बता दें कि सोमनाथ भारती मालवीय नगर से लगातार तीसरी बार विधायक हैं।

सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में कहा कि मतदान वाले दिन पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी के बूथ एजंट्स उन पोस्टरों का वितरण कर रहे थे, जिन पर उनका बैलेट नंबर, तस्वीर और चुनाव चिह्न के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगी थी। हाईकोर्ट ने सोमवार (22 जुलाई, 2024) को उनकी ये याचिका रद्द कर दी। उच्च न्यायालय ने कहा कि ये याचिका टाइपिंग संबंधी त्रुटियों से भरी पड़ी है। जस्टिस मनमीत PS अरोड़ा ने इसकी सुनवाई की।

उन्होंने सोमनाथ भारती के वकील को 10 दिनों की मोहलत देते हुए कहा कि वो याचिका में सुधार कर के फिर से इसे दायर करें। 13 अगस्त तक इस पर सुनवाई स्थगित कर दी गई है। जस्टिस अरोड़ा ने कहा कि याचिका में कई गलतियाँ हैं, आपको पहले इसे ठीक करना होगा। उन्होंने कहा कि वो नोटिस जारी नहीं कर सकते, उन्हें ये समझ ही नहीं आ रहा है, वो मामला स्थगित करते हैं। साथ ही उन्होंने याचिका में दिए गए रेफरेंस को भी त्रुटिपूर्ण बताया। याचिका में ये भी दावा किया गया था कि BSP के राजकुमार आनंद को भाजपा की मदद करने के लिए खड़ा किया गया था। लोगों ने कोर्ट के आदेश पर मीम्स भी शेयर किए:

याचिका में आरोप लगाया गया कि राजकुमार आनंद दिल्ली सरकार में मंत्री हुआ करते थे और अचानक से इस्तीफा देने से पहले सोमनाथ भारती के लिए ही चुनाव प्रचार कर रहे थे। साथ ही आरोप लगाया गया कि राजकुमार आनंद पर जाँच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया गया और गिरफ़्तारी का डर दिखाया गया। बता दें कि सोमनाथ भारती पर अपनी बीवी को पालतू कुत्ते से कटवाने का आरोप लगा था। वो लैब्राडोर नस्ल का था और उसका नाम ‘डॉन’ था। 16 वर्ष की आयु में जुलाई 2018 में उसकी मौत हो गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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