उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक युवती की आत्महत्या को लेकर विपक्षी राजनीतिक दल लगातार माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। सपा से लेकर कॉन्ग्रेस तक विपक्ष दल बार-बार इस मुद्दे पर झूठे खबरों के सहारे भड़काने की कोशिश में लगे हैं। अब विपक्ष की इन्हीं कोशिशों पर लगाम लगाने के लिए UP पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कॉन्ग्रेस और सपा से जुड़े सपा मीडिया सेल के खिलाफ FIR दर्ज की है।
क्या है मामला?
गाजीपुर के करण्डा थाना क्षेत्र के कटारिया गाँव में 14 अप्रैल 2026 की रात निशा/नेहा विश्वकर्मा घर से लापता हो गई। CCTV में वह रात करीब 2 बजे अकेले गंगा पुल की ओर जाती दिखी। जाँच में पता चला कि वह अपने दोस्त हरिओम से मिलकर लौटी थी और घरवालों को पता चलने के डर से परेशान थी। सुबह करीब 5:30 बजे उसने अपने पिता को फोन करके आत्महत्या की बात कही और कुछ ही मिनट बाद गंगा नदी में कूद गई।
पुलिस को मौके से उसका मोबाइल, चप्पल और दुपट्टा मिला और पोस्टमार्टम में मौत का कारण डूबना बताया गया। हालाँकि, परिवार ने शुरुआत में आत्महत्या की बात कही लेकिन बाद में इसे हत्या बताया और केस दर्ज कराया। इस मामले में एक आरोपित गिरफ्तार भी हुआ है। बाद में मामला राजनीतिक बन गया और विपक्ष ने गैंगरेप-हत्या की बात कही लेकिन पुलिस का कहना है कि अब तक जाँच में रेप या हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं और मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। हालाँकि, राजनीतिक दल और नेता फिर भी अफवाह फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
कॉन्ग्रेस पर यूपी पुलिस ने की FIR
कॉन्ग्रेस ने इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ को घेरने के लिए झूठ का खूब सहारा लिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन गाजीपुर पुलिस ने उनका फैक्ट चेक कर लोगों को सच्चाई दिखाई। हालाँकि, कॉन्ग्रेस फिर भी नहीं मानी और लगातार इस मुद्दे पर झूठ फैलाती रही और अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR की कॉपी में लिखा गया है, “कटरिया गाँव की घटना को लेकर विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार एवं निर्मम हत्या और FIR कराने से रोकने जैसी गलत टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर Congress (@INCIindia) की ओर की गई है। जिसको लेकर गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है।”

सपा की मीडिया सेल के खिलाफ भी दर्ज हुआ केस
सिर्फ कॉन्ग्रेस ही नहीं बल्कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी सपा की मीडिया सेल के खिलाफ भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सपा के मीडिया सेल पर भी मामले में लोगों को गुमराह करने का आरोप है।
ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR की कॉपी में लिखा गया है, “कटरिया गाँव की घटना को लेकर विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार एवं निर्मम हत्या और FIR कराने से रोकने जैसी गलत टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर Samajwadi Party Media Cell (@mediacellsp) की ओर से की गई है। जिसको लेकर गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है।”

कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी व अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा ने जिस तरह इस संवेदनशील मामले को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया वह सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि समाज को भड़काने की सुनियोजित कोशिश दिखाई देती है। बिना सबूत के ‘गैंगरेप’ और ‘हत्या’ जैसे गंभीर आरोप उछालकर इन दलों ने न केवल लोगों को गुमराह किया बल्कि एक पूरे क्षेत्र में तनाव फैलाने का जोखिम भी खड़ा कर दिया है।
अब UP पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत है कि झूठ और अफवाह के सहारे माहौल बिगाड़ने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएँगी। राजनीतिक फायदे के लिए ऐसी गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी न सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती देती है बल्कि न्याय प्रक्रिया को भी कमजोर करती है और इसी पर अब सख्ती जरूरी हो गई है।


