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शराब पर ‘बिहार मॉडल’ दिखाकर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को लताड़ा, कहा- आग लगने पर कुँआ न खोदे: AAP सरकार बोली- कम अल्कोहल वाला पाउच बेचेंगे

याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि इस मामले में सरकार ने यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि यह शराब कहाँ बनाई गई और किसने बनाई। जहाँ इन शराबों को बनाया जाता है, उसके लिए किन लोगों ने भुगतान किया था, क्योंकि इन भट्ठियों को बनाने के लिए भारी पूँजी की जरूरत होती है।

बिहार में नकली शराब पीकर लोगों की हो रही मौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान (Bhagwant Mann) की नेतृत्व वाली पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में अवैध शराब की बिक्री को लेकर कहा कि ‘जब घर में आग लग जाए, तब कुँआ खोदने का काम ना करें’।

उधर पंजाब सरकार ने गुरुवार (15 दिसंबर 2022) को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अवैध रूप से घर में बन रही शराब के ‘स्वस्थ विकल्प’ के रूप में 40 प्रतिशत अल्कोहल वाली देशी शराब सरकार पेश करेगी। पंजाब सरकार ने बताया कि इसे पाउच में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाएगा। यह पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति का हिस्सा है।

पंजाब सरकार ने बताया कि जिन इलाकों में अवैध एवं जहरीली शराब बेची जाती हैं, वहाँ बिहार जैसी त्रासदी को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार ने बताया कि शराब वाली इन पाउचों को बनाने के लिए डिस्टिलरी से बात की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच को पंजाब सरकार ने बताया कि इस दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं। जिन इलाकों में अवैध शराब की भट्ठी पाई जाएगी, वहाँ की स्थानीय पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

वहीं, याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर रही है और अवैध शराब बनाने एवं बेचने वाले बचे रह जा रहे हैं। उदाहरण देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 60 लीटर अवैध शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने की बात स्वीकार की थी।

याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि इस मामले में सरकार ने यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि यह शराब कहाँ बनाई गई और किसने बनाई। जहाँ इन शराबों को बनाया जाता है, उसके लिए किन लोगों ने भुगतान किया था, क्योंकि इन भट्ठियों को बनाने के लिए भारी पूँजी की जरूरत होती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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