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बाइबिल देकर कह रहे थे ईसाई बन जाओ, मना करने पर बकी गालियाँ: चंगाई सभा के नाम पर दलितों के धर्मांतरण का प्रयास, यूपी में 3 गिरफ्तार

"जब हम मौके पर गए तो भीड़ दिखी। बाद में पुलिस भी आई। पुलिस देखते ही एक आरोपित रामचंद्र भूसे के ढेर में छिप गया था। भीड़ में अधिकतर दलित समुदाय के लोग थे जिनके धर्मान्तरण का प्रयास चल रहा था।"

UP के फतेहपुर जिले में ईसाई धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ पर चंगाई सभा के नाम पर लोगों के धर्म परिवर्तन के प्रयास की शिकायत पर हिन्दू संगठनों ने गाँव में हंगामा किया। इस सभा का विरोध करने वाले एक युवक के साथ गाली-गलौज का भी आरोप है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर मामले को शांत करवाया और 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना 2 जुलाई, 2022 (शनिवार) की है।

यह घटना खागा थानाक्षेत्र के गाँव सुजरही की है। मामले में शिकायतकर्ता ‘बजरंग दल’ कार्यकर्ता राहुल विश्वकर्मा हैं। राहुल के मुताबिक, “2 जुलाई को मैं दिन में 11 बजे सुजरही गाँव में घूमने गया था। वहाँ पर संजय पासवान और रामचंद्र नाम के 2 व्यक्ति और नीरमती नाम की एक महिला भीड़ के साथ दिखीं। इस दौरान ये सभी बिना अनुमति ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों को ईसाई बनने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर ईसाई धर्म से संबंधित किताबें भी बाँटी जा रहीं थीं।”

शिकायत कॉपी

राहुल ने शिकायत में आगे लिखा, “तीनों आरोपितों ने मुझे भी ईसाई धर्म से संबंधित एक बाइबिल दी और मुझे ईसाई बन जाने के लिए कहा। मैंने उन्हें खुद के हिन्दू होने और हिन्दू ही रहने का जवाब दिया। यह जवाब सुन कर इन तीनों ने मुझे गालियाँ दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मेरे 2 दोस्त मौजूद थे।” राहुल ने पुलिस से कार्रवाई की माँग की है।

राहुल की शिकायत पर पुलिस ने धारा 188, 295- A, 504 और उत्तर प्रदेश धर्मान्तरण निरोधक धारा 3/5 (1) के तहत FIR दर्ज कर ली। मौके से तीनों आरोपितों रामचंद्र, संजय और नीरमती को गिरफ्तार कर के अदालत भेज दिया गया। अदालत ने तीनों आरोपितों को 3 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जाँच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कृष्ण स्वरूप इस मामले में जाँच कर रहे हैं।

FIR Copy

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी शिकायतकर्ता राहुल विश्वकर्मा से ली। उन्होंने बताया, “जब हम मौके पर गए तो भीड़ दिखी। बाद में पुलिस भी आई। पुलिस देखते ही एक आरोपित रामचंद्र भूसे के ढेर में छिप गया था। भीड़ में अधिकतर दलित समुदाय के लोग थे जिनके धर्मान्तरण का प्रयास चल रहा था। मैं घर का अकेला हूँ। तमाम प्रकार के डर रहते हैं लेकिन संगठन से जुड़ा हूँ इसलिए इन कामों में पीछे नहीं रहता। जिला फतेहपुर में धर्मान्तरण बहुत तेजी से हो रहा है। एक हफ्ते पहले भी एक मामले का हमने शिकारपुर क्षेत्र में पर्दाफाश किया था। आज भी एक घटना की जानकारी मिली है लेकिन अकेले कितना दौड़ सकता हूँ। शायद मैं भी निशाने पर आ जाऊँ।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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