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ज्ञानवापी पर फैसले से पहले श्री काशी विश्वनाथ धाम में घुसते पकड़े गए 2 मुस्लिम, ‘हरा गमछा’ से पड़ी नजर: हिंदू दोस्त को भी लाए थे साथ

अब तक की पूछताछ में संदिग्धों ने बताया है कि वाराणसी से उन्हें दिल्ली और उसके बाद अजमेर जाना था। उन्हें यह पता था कि मंदिर में सिर्फ हिंदू प्रवेश कर सकते हैं।

वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में ज्ञानवापी से जुड़े मसले की आज (14 नवंबर 2022) सुनवाई होनी है। उससे पहले श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश करने की कोशिश करते तीन संदिग्ध पकड़े गए हैं। तीनों झारखंड के रहने वाले हैं। इनमें दो मुस्लिम और एक कथित तौर पर इनका हिंदू दोस्त है। हरे रंग के गमछे के कारण इन पर सुरक्षा में जवान तैनातों को शक हुआ। केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ इनसे पूछताछ कर रही हैं।

तीनों को 13 नवंबर को पकड़ा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों संदिग्ध गिरडीह के निवासी हैं। तीनों को मंदिर में इंट्री करते समय वहाँ मौजूद सुरक्षा बल ने पकड़ा। ये सभी गेट नंबर 4 से मंदिर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। पकड़े जाने पर तीनों ने बताया कि उन्हें मंदिर में सिर्फ हिन्दुओं के इंट्री होने की जानकारी नहीं थी।

पूछताछ में तीनों ने बताया कि वो वाराणसी के बाद दिल्ली जाने की तैयारी में थे, जहाँ से उन्हें अजमेर के लिए निकलना था। जानकारी के अनुसार मंदिर में घुसने से पहले तीनों संदिग्ध गंगा नदी के पास बने घाटों पर काफी देर तक घूम कर आए थे। एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों से केंद्रीय जाँच एजेंसी की पूछताछ के बाद आए निष्कर्ष पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि जिला अदालत में आज शिवलिंग की पूजा के अधिकार पर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। याचिका दाखिल करने वाले वैदिक सनातन संघ ने अदालत के आगे तीन माँगे रखी हैं। इनमें ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने, मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने और सर्वे में मिले शिवलिंग नुमा आकृति की पूजा की अनुमति शामिल है। संभावना जताई जा रही है कि इस याचिका पर काशी की फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला आज आ सकता है। मिल रही जानकारी के मुताबिक सुनवाई से पहले कोर्ट, ज्ञानवापी के साथ आस-पास के इलाकों में सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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