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हिंदू इलाकों में पर्चे बँटवाती, मुस्लिम लड़कों से शादी करवाती: उज्जैन की शातिर शिरीन हुसैन से मिलिए

शिरीन हुसैन हिंदू इलाकों में पर्चे बँटवा घरेलू हिंसा की पीड़िताओं को शिकायत के लिए कहती। जैसे ही पीड़िता उसके संपर्क में आती आरोपित को ब्लैकमेल करना शुरू कर देती थी।

पैसे लेकर उज्जैन में यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट में नियुक्ति करने की आरोपित शिरीन हुसैन की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वह अखबारों में पैम्पलेट डालकर महिलाओं को फँसाने का काम करती थी। ये पैम्पलेट हिंदू इलाकों में बाँटे जाते थे। पैम्पलेट में वह महिला उत्पीड़न, जमीनी विवाद, घरेलू हिंसा, श्रमिक शोषण, पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करने जैसे मामलों में आवाज उठाने का दावा करती थी।

शिरीन इस तरह के हालात में लोगों को खुद से संपर्क करती। वह घरेलू हिंसा से परेशान लोगों से संपर्क करती और प्रताड़ित करने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल करती। उनसे मोटी रकम वसूलती थी। शिरीन को 11 सितंबर को नागझिरी पुलिस ने धारा 420, 468, 471 व 506 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। शिरीन खुद को यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट का राष्ट्रीय महासचिव बताती थी, जबिक उसे पहले ही बर्खास्त कर दिया गया था। 

पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद रविवार (सितंबर 12, 2021) को उसे चार दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान शिरीन हुसैन पुलिस को भी बरगला रही है। मधु यादव के ऊपर कई आरोप लगा रही है।

यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट मानव अधिकार की राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी मधु यादव ने बताया कि शिरीन हुसैन उनकी संस्था से 2019 में जुड़ी थी। तब शिरीन हुसैन को मध्य प्रदेश प्रदेश का सचिव नियुक्त किया गया था। लेकिन शिरीन हुसैन को नियुक्ति के दो-तीन माह बाद ही संस्था की अन्य महिला सदस्यों से विवाद के बाद हटा दिया गया था। उसने 30 लोगों से 60-60 हजार रुपए लेकर नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी किए थे। मधु यादव ने छह सितंबर को उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को एक ज्ञापन सौंपा था।

रिपोर्ट के अनुसार वह मुस्लिम लड़कों को शादी के लिए हिंदू लड़कियों से मिलवाती थी। पुलिस इसकी भी जाँच कर रही है। शिरीन हुसैन इतनी शातिर है कि वह बुजुर्गों और अधेड़ लोगों की शादी का ठेका लेती थी। उन्हें युवतियों से मिलाती और शादी के नाम पर पैसा लेती थी। इसके बाद उन युवतियों से बुजुर्गों के खिलाफ केस करवाती और पैसे वसूलती। इन आरोपों की जाँच भी पुलिस कर रही है।

लोगों के बीच अपना रुतबा जमाने के लिए शिरीन हुसैन सोशल मीडिया पर अधिकारियों के साथ तस्वीर पोस्ट करती थी। गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले भी वह उज्जैन में कुछ बड़े अधिकारियों से मिली थी। शिरीन के गिरफ्तार होते ही कॉन्ग्रेस और मुस्लिम नेता उसे बचाने के लिए एक्टिव हो गए हैं। इन सभी को शिरीन के घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में पकड़े जाने का डर है। शिरीन हुसैन के घर से कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिसकी पुलिस जाँच कर रही है।

शिरीन हुसैन की शादी अनाम हुसैन के साथ हुई है। दोनों की यह दूसरी शादी है। अनाम राजनीतिक कार्यक्रमों में साउंड सिस्टम लगाने का काम करता है। दोनों ने शादी के बाद पैसे भी खूब जमा किए हैं। अनाम और शिरीन लग्जरी कारों से घूमते हैं। इनके नेताओं और बड़े लोगों से भी संबंध हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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