Homeदेश-समाजउमेश पाल पर गोलीबारी करने वाले अतीक के गुर्गे गुलाम का घर ध्वस्त, चला...

उमेश पाल पर गोलीबारी करने वाले अतीक के गुर्गे गुलाम का घर ध्वस्त, चला बुलडोजर: भाई बोला – अगर उसका एनकाउंटर हुआ तो…

उमेश पाल हत्याकांड के करीब एक महीने बाद मोहम्मद गुलाम के भाई राहिल ने कबूला है कि शूटआउट की तस्वीरों में दिखाई दे रहा शख्स उसका भाई मोहम्मद गुलाम ही है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Murder) के बाद से योगी सरकार एक्शन में है। इस कड़ी में सोमवार (20 मार्च 2023) को माफिया अतीक अहमद के एक और करीबी और 25 दिन से फरार पाँच लाख के इनामी शूटर मोहम्मद गुलाम के घर और मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। दरअसल, मोहम्मद गुलाम वही है, जो इलेक्ट्रिक दुकान के अंदर खड़े होकर उमेश पाल के आने का इंतजार कर रहा था। जैसे ही उमेश पाल गाड़ी से उतरा, उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद वह अतीक अहमद के बेटे असद के साथ फरार हो गया।

‘आज तक’ के मुताबिक, उमेश पाल हत्याकांड के करीब एक महीने बाद मोहम्मद गुलाम के भाई राहिल ने कबूला है कि शूटआउट की तस्वीरों में दिखाई दे रहा शख्स उसका भाई मोहम्मद गुलाम ही है। शूटर की अम्मी और भाई राहिल हसन का कहना है, “गुलाम ने बहुत गलत किया है। उसने पूरे परिवार को कलंकित किया है। उसकी और हमारी ​विचारधारा कभी नहीं मिली। हम योगी सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर एनकाउंटर में गुलाम मारा जाता है, तो वो न तो उसका चेहरा देखेंगे और न ही उसका शव लेंगे।

वहीं, सोशल मीडिया पर शूटर मोहम्मद गुलाम के घर पर बुलडोजर चलाने और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ उसकी एक फोटो खूब वायरल हो रही है।

अखिलेश यादव के साथ शूटर की फोटो देखने के बाद ट्विटर पर ज्ञानेष लोहानी लिखते हैं कि चौंकाने वाली बात तब होती, जब किसी गुंडे माफिया की फोटो अखिलेश के साथ न होती। समाजवादी पार्टी ने हमेशा से ही अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया है। अखिलेश यादव इसी परिपाटी को आगे बढ़ा रहे हैं।

बता दें कि 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। इस शूटआउट में उमेश पाल के साथ ही उनके दो सरकारी गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र भी बलिदानी हो गए थे। पुलिस ने उमेश की पत्नी जया पाल की शिकायत पर अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, उसकी बीवी शाइस्ता, असद समेत दो बेटे व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। उमेश पाल, राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। शूटरों को पकड़ने के लिए प्रयागराज पुलिस और यूपी एसटीएफ की कुल 22 टीमें लगातार छापेमारी कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -