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हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर ब्रेनवॉश, विरोध करने पर पैसे देकर चुप कराने की कोशिश: फतेहपुर में ईसाई धर्मांतरण का रैकेट ध्वस्त, पादरी डेविड ग्लेडविन समेत 8 पर FIR

प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। चर्च में मौजूद लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही, यह भरोसा दिलाया जा रहा था कि जो भी व्यक्ति ईसाई धर्म स्वीकार करेगा उसे पैसे, घरेलू सामान, रोजगार और बच्चों की मुफ्त शिक्षा की सुविधा दी जाएगी

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने 28 दिसंबर को एक पादरी डेविड ग्लेडविन और उनके बेटे अभिषेक ग्लेडविन को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों बाप-बेटे गरीब हिंदुओं को लालच और धमकी देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे।

यह गिरफ्तारी बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। संगठनों ने आरोप लगाया कि पादरी और उनके साथियों द्वारा जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा था। बताया गया है कि ये धर्मांतरण गतिविधियाँ फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र के देविगंज इलाके में स्थित इंडिया प्रेस्बिटेरियन चर्च में हो रही थीं। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है, जिसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास है।

FIR में क्या लिखा है?

इस मामले में FIR देवप्रकाश पासवान की शिकायत पर दर्ज की गई है। पुलिस ने यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 299 और 351(3) के तहत दर्ज की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) भी लगाई गई हैं।

FIR में पादरी डेविड ग्लेडविन, उनके बेटे अभिषेक ग्लेडविन और जोहान विश्वास उर्फ केके बंगाली को आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

फोटो साभार: यूपी पुलिस

अपनी शिकायत में देवप्रकाश ने बताया कि 28 दिसंबर को सुबह करीब 10 बजे उन्हें और उनके साथियों नीरज पासवान तथा सुशील रैदास को देवीगंज स्थित चर्च में बुलाया गया था। जब वे लोग चर्च के अंदर पहुँचे तो वहाँ प्रार्थना सभा चल रही थी। इस दौरान ईसा मसीह की प्रेयर की जा रही थी।

फोटो साभार: यूपी पुलिस

शिकायत में आगे कहा गया है कि प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। चर्च में मौजूद लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। देवप्रकाश के अनुसार, वहाँ यह भरोसा दिलाया जा रहा था कि जो भी व्यक्ति ईसाई धर्म स्वीकार करेगा उसे पैसे, घरेलू सामान, रोजगार और बच्चों की मुफ्त शिक्षा की सुविधा दी जाएगी।

फोटो साभार: यूपी पुलिस

जब देवप्रकाश और उनके साथियों ने इन गतिविधियों का विरोध किया तो उन्हें 1,100 रुपए देकर चुप रहने को कहा गया। आरोप है कि पादरी और उसके साथियों ने चुप रहने के बदले और ज्यादा पैसे देने की पेशकश भी की।

शिकायत के अनुसार, आरोपी लगातार उनके गाँव में आ-जा रहे थे और ग्रामीणों पर अपने घरों में ईसा मसीह की तस्वीर लगाने तथा हर रविवार चर्च आने का दबाव बना रहे थे। पादरी और उसके साथी यह भी कहते थे कि जो व्यक्ति किसी नए व्यक्ति को चर्च लेकर आएगा, उसे आर्थिक इनाम दिया जाएगा। वहीं, इनकार करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।

पासवान ने कहा कि इन गतिविधियों के कारण ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल बन गया है। लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, कुछ लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं और कई लोग अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने की स्थिति तक पहुँच गए हैं।

चर्च के बाहर विरोध प्रदर्शन

चर्च में धर्मांतरण कार्यक्रम होने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता चर्च परिसर पहुँचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

मीडिया से बातचीत में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चर्च के अंदर बड़ी संख्या में हिंदू महिलाएँ मौजूद थीं और उन्हें रोजगार, आस्था के नाम पर इलाज, पैसे तथा बच्चों की शिक्षा का लालच देकर निशाना बनाया जा रहा था।

कार्यकर्ताओं ने चर्च के बाहर निकलने के रास्तों को रोक दिया और पुलिस कार्रवाई की माँग की। उन्होंने पुलिस से माँग करते हुए कि चर्च के अंदर मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की जाए और उसके बाद ही उन्हें बाहर जाने दिया जाए।

आरोपितों की गिरफ्तारी

इस मामले की शिकायत मिलने के बाद थरियांव के DSP वीर सिंह कई थानों की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शन कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया कि सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस ने पादरी डेविड ग्लेडविन को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि पादरी सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, FIR में नामजद और अज्ञात बताए गए अन्य आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।

पुलिस और हिंदू संगठनों ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत में DSP वीर सिंह ने बताया कि कुछ हिंदू महिलाएँ चर्च में गई थीं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ किन परिस्थितियों में वहाँ पहुँचीं इसकी जाँच की जा रही है। DSP के अनुसार, पादरी से पूछताछ की जा रही है और जाँच में जो सामने आएगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राधानगर थाने के इंस्पेक्टर विनोद मौर्य ने बताया कि चर्च के अंदर मौजूद महिलाओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जाँच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कहीं धर्मांतरण के लिए लालच या दबाव तो नहीं बनाया गया।

वहीं, हिंदू संगठनों के नेताओं ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि गरीब और हाशिए पर रहने वाले हिंदुओं को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘चंगाई सभा’ के नाम पर प्रार्थना सभाओं की आड़ में धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही हैं और यहाँ लोगों को लालच और धमकियों के जरिए धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की आगे की जाँच जारी है।

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Anurag
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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over twenty one years of professional experience, including more than five years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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