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UP की शाबिया बनी सीता, संजय के साथ मंदिर में लिए सात फेरे: परिवार के विरोध पर बोली- मैं बालिग, अपनी जिंदगी का फैसला लेने का मुझे अधिकार

"मैं जब 17 साल की थी, तब से संजय से मेरा अफेयर चल रहा है। इसमें धर्म की कोई बात नहीं है। अब मैं 20 साल की हो गई हूँ। बालिग हूँ और मुझे मेरी जिंदगी का फैसला लेने का पूरा अधिकार है।"

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में परिजनों के विरोध के बावजूद एक मुस्लिम लड़की ने अपने हिंदू प्रेमी के साथ विवाह किया है। इस युवती का नाम शाबिया है। घर वापसी के बाद उसका नाम सीता रखा गया है। 27 दिसंबर 2023 को हिंदू विधि-विधान के साथ उसने मंदिर में शादी की। इस दौरान बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद थे।

रिपोर्ट के अनुसार 20 साल की साबिया जिले बहुआ ब्लॉक के नरतौली गाँव की रहने वाली है। 22 साल का संजय उसकी पड़ोस के गाँव सोनबरसा का रहने वाला है। दोनों के बीच तीन साल से प्रेम संबंध चल रहा था। लेकिन शाबिया का परिवार दोनों की शादी का विरोध कर रहा था। पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज का फैसला किया। लेकिन शाबिया के परिजनों ने वहाँ हंगामा कर दिया। इसके बाद बजरंग दल से जुड़े लोगों ने तांबेश्वर शिव मंदिर में दोनों की शादी करवाई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय का नरतौली गाँव में आना-जाना था। इसी दौरान शाबिया से उसकी मुलाकात हुई थी। बुधवार (27 दिसंबर 2023) को प्रेमी जोड़े ने कोर्ट के माध्यम से राजीनामा लिखा। लेकिन इस दौरान लड़की के परिजनों ने हंगामा कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुँच गए। दोनों को तांबेश्वर मंदिर ले गए। यहाँ प्रेमी जोड़े ने मन्त्रोचारण के बीच मंदिर में सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए।

शादी के बाद शाबिया ने बताया, “मैं जब 17 साल की थी, तब से संजय से मेरा अफेयर चल रहा है। इसमें धर्म की कोई बात नहीं है। अब मैं 20 साल की हो गई हूँ। बालिग हूँ और मुझे मेरी जिंदगी का फैसला लेने का पूरा अधिकार है।” शादी के बाद हिंदू संगठन के लोगों ने नवविवाहित जोड़े को 10 हजार रुपए का चेक भी सौंपा, ताकि उन्हें अपनी जिंदगी को शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं आए। शादी के बाद संजय और सीता (शाबिया) दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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