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दलित लड़की को राशिद ने किया अगवा, पीड़ित परिवार को घर में घुसकर दी धमकी- केस वापस लो नहीं तो दूसरी बेटी को भी उठा लेंगे

लड़की के गायब होने की शिकायत पीड़ित परिवार ने पुलिस से की। इसके बाद परवेज, नदीम, शहजाद और नौशाद पीड़ित परिवार के घर देर रात पहुँच गए। इन सभी ने लड़की को मुस्लिम बना कर उसका निकाह राशिद से कराने की बात कही। पीड़ित परिवार को चुप रहने और शिकायत वापस लेने को कहा।

उत्तर प्रदेश के शामली की एक दलित लड़की को अगवा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने राशिद के पर बेटी को धर्मांतरण की नीयत से अगवा करने का आरोप लगाया है। लड़की बागपत में अपने रिश्तेदार के घर गई थी। वहीं से 11 जून 2023 को लापता हो गई। इसकी पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद राशिद के परिजन 15 जून को पीड़ित परिवार के घर पहुँच गए। केस वापस लेने की धमकी दी। धमकी देने के मामले में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जाँच में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक मूल रूप से शामली जिले के बाबरी थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की 28 मई 2023 को बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र स्थित एक रिश्तेदार के घर गई थी। यहाँ से वह 11 जून को गायब हो गई। जब को उसका एक पत्र मिला। इसमें लड़की ने लिखा था, “मैं घर छोड़ कर जा रही हूँ। प्लीज मुझे ढूँढने की कोशिश न करना। आपको खाटू श्याम की कसम।”

इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 363 में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जाँच शुरू की। इस बीच मामले में लड़की के ही गाँव के राशिद का नाम सामने आया। पुलिस राशिद और पीड़िता की तलाश में लगी थी। इसी बीच 15 जून 2023 की रात पीड़ित परिवार के घर राशिद के परिजन रात के लगभग 11 बजे पहुँच गए। इनमें परवेज, नदीम, शहजाद और नौशाद शामिल थे। इन सभी ने लड़की को मुस्लिम बना कर उसका निकाह राशिद से कराने की बात कही। पीड़ित परिवार को चुप होने और शिकायत वापस लेने को कहा।

इस मामले में दर्ज कराई गई शिकायत में परवेज, नदीम, शहजाद और नौशाद पर पीड़ित परिवार की दूसरी बेटी को भी उठा ले जाने और पत्नी तथा बच्चों की हत्या करने की धमकी देने का भी आरोप है। लड़की के पिता ने खुद को दहशत में बताते हुए गाँव से पलायन की बात कही है। इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 452, 504 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। शामली पुलिस ने अब तक 2 आरोपितों परवेज और शहजाद की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। ऑपइंडिया के पास बागपत और शामली में दी गई शिकायत की कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता के भाई से बात की। उन्होंने हमें बताया गया कि आरोपित राशिद उनकी बहन से उम्र से लगभग दोगुनी उम्र का है। उसने पीड़ित के गाँव के पास एक दलित व्यक्ति के मकान में जनता फर्नीचर नाम से दुकान खोली थी। लड़की के भाई का दावा है कि इसी जगह राशिद से उसकी बहन की जान पहचान हुई थी। पीड़िता के भाई ने राशिद को 4 बच्चों का भी अब्बा बताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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