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‘केदारनाथ धाम में सवा अरब रुपए का सोना पीतल में बदल गया’: वायरल दावे का मंदिर प्रशासन ने किया खंडन, कहा- झूठ फैलाने पर करेंगे कानूनी कार्रवाई

मंदिर के पुजारी त्रिवेदी ने कहा है कि गर्भगृह में सोने की परत लगाने के नाम पर सवा अरब रुपए का घोटाला किया गया और पीतल लगाया गया। उन्होंने कहा कि BKTC, सरकार और प्रशासन में जो भी इस कार्य के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे सोना लगाने का विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद यह किया गया।

उत्तराखंड में स्थित भगवान भोलनाथ से जुड़ा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगे सोने को लेकर विवाद हो गया है। मंदिर के पुजारी संतोष त्रिवेदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया सोना, पीतल में बदल गया है। इतना ही नहीं मंदिर प्रशासन पर उन्होंने अरबों रुपए की हेरफेर का भी आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने के बाद केदारनाथ मंदिर प्रबंधन ने अब इस पर सफाई दी है।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की ओर से जारी बयान में इस आरोप को भ्रामक बताकर इसका खंडन किया गया है। BKTC के अधिकारी आरसी तिवारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह के दीवारों एवं जलेरी को स्वर्णमंडित करवाने का काम साल 2022 में एक दानदाता के सौजन्य से कराया गया था।

बयान में कहा गया है कि वर्तमान में कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया में वीडियो प्रसारित किया जा रहा है कि एक अरब 15 करोड़ रुपए का सोना मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया है। मंदिर प्रशासन ने साफ कहा कि मंदिर में 23,77.8 ग्राम सोना गर्भगृह में लगाया गया है, जिसकी वर्तमान बाजार मूल्य 14.38 करोड़ रुपए है।

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वर्ण मंडित का काम करने के लिए ताँबे के प्लेटों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसका कुल वजन 1,001.30 किलोग्राम है। इस प्लेट का कुल मूल्य 29 लाख रुपए है। ये सारे खर्च एक दानदाता द्वारा किया गया है। भ्रामक जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी बात कही।

दरअसल, पुजारी त्रिवेदी ने कहा कि गर्भगृह में सोने की परत लगाने के नाम पर सवा अरब रुपए का घोटाला किया गया और पीतल लगाया गया। उन्होंने कहा कि BKTC, सरकार और प्रशासन में जो भी इस कार्य के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे सोना लगाने का विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद यह किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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