Homeदेश-समाजवक्फ कानून के विरोध के नाम पर उत्पात मचा रही थी मुस्लिम भीड़, मस्जिद...

वक्फ कानून के विरोध के नाम पर उत्पात मचा रही थी मुस्लिम भीड़, मस्जिद के सामने सड़क जाम कर पढ़ी नमाज: गुजरात पुलिस ने हिरासत में लिया, फैला रहे थे ‘मस्जिद छीने जाने’ का झूठ

मुस्लिमों को हिरासत में लिए जाने के बाद का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति बार-बार झूठ फैलाकर मुस्लिमों को भड़काता हुआ नजर आ रहा है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ये लोग मुस्लिमों की मस्जिदें और कब्रिस्तान छीन लेंगे।

मोदी सरकार ने अपने सालों पुराने वादे को पूरा करते हुए वक्फ संशोधन बिल पास करवाकर उसे लागू करवा दिया है। कट्टरपंथी मुस्लिम और ज्यादातर विपक्षी अभी भी इस सच्चाई को पचा नहीं पा रहे हैं। इसी बीच अहमदाबाद के राखियाल में मुस्लिम भीड़ वक्फ एक्ट के विरोध में सड़क पर उतर आई। हालाँकि, अहमदाबाद पुलिस की सतर्कता के चलते माहौल खराब होने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

सोशल मीडिया साइट X के यूजर सागर पटोलिया द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो के अनुसार, मुस्लिमों ने अहमदाबाद के राखियाल में कलंदरी मस्जिद के पास सड़क को अवरुद्ध करके अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश की। वीडियो में देखा जा सकता है कि मुस्लिम भीड़ ने मुख्य सड़क को पहले पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया और फिर सड़क पर नमाज पढ़ना शुरू कर दिया।

यह भीड़ वक्फ अधिनियम का विरोध करने के लिए यहाँ एकत्र हुई थी और शुक्रवार के दिन जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन करने की योजना थी। हालाँकि, अहमदाबाद पुलिस ने समय रहते स्थिति का आकलन कर लिया और शुरुआत में सभी को हिरासत में ले लिया, ताकि स्थिति ना बिगड़े।

मोदी मस्जिदें छीन लेंगे – एक और झूठ

हिरासत अवधि का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति बार-बार झूठ फैलाकर मुस्लिमों को भड़काता हुआ नजर आ रहा है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ये लोग मुस्लिमों की मस्जिदें और कब्रिस्तान छीन लेंगे।

वीडियो में वह मुस्लिम शख्स यह कहते सुनाई दे रहा है, “ये मोदी और अमित शाह कौन हैं? क्या यह उनके बाप का देश है? यह किसी के बाप की जागीर नहीं है।” फिलहाल अहमदाबाद पुलिस ने दंगाइयों को हिरासत में लेकर स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है।

(यह रिपोर्ट मूल रूप से गुजराती में लिखी गई है। उसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।

हर दिन नई माँग, हर जवाब पर नई शर्त: राहुल गाँधी ने प्रोटेस्ट के नाम पर शुरू किया प्रोपेगेंडा, अपने ‘पेपर लीक’ इतिहास का...

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने छात्रों की माँग का समर्थन करते हुए पीसी किया और पीएम मोदी ने माफी की माँग की। लेकिन कॉन्ग्रेस राज में पेपर लीक पर कभी किसी ने इस्तीफा नहीं दिया।
- विज्ञापन -