एनकाउंटर स्पेशलिस्ट नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश के चर्चित IPS अफसर अजय पाल शर्मा को बंगाल चुनाव में पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद सियासी बवाल मच गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता उन्हें धमकाने लगे हैं। बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल 2026) को दूसरे चरण का विधानसभा चुनाव होना है। जिन इलाकों में दूसरे चरण का चुनाव हो रहा है, उन्हें पारंपरिक रूप से TMC का गढ़ माना जाता रहा है।
इन इलाकों में मतदाताओं पर दबाव की कोशिशें ना हों और चुनाव निष्पक्ष रहे इसके लिए चुनाव आयोग ने सख्त रणनीति अपनाई है और कई सख्त अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। इसी कड़ी में अजय पाल शर्मा की भी दक्षिण 24 परगना का ऑब्जर्वर बनाया गया है। हालाँकि, अजय पाल को लेकर विवाद शुरू हो गया है और TMC व समाजवादी पार्टी ने उन पर सवाल उठाए हैं।
जहाँगीर को ‘चेतावनी’ देने पर शुरू हुआ विवाद
अजय पाल शर्मा को लेकर विवाद TMC के उम्मीदवार जहाँगीर को चेतावनी देने से शुरू हुआ। अजय पाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह TMC प्रत्याशी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले जहाँगीर खान के घर पर जाकर उनके ‘गुंडों’ को सख्त चेतावनी देते दिख रहे हैं।
बीजेपी की आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने भी X पर यह वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अजय पाल कह रहे हैं, “जहाँगीर के घरवाले भी खड़े हैं। उसको बता देना कायदे से, बार-बार जो खबरें आ रही हैं कि उसके लोग धमका रहे हैं। तो फिर अच्छे से खबर लेंगे, बाद में रोना पछताना मत।”
अमित मालवीय ने लिखा, “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और यूपी पुलिस के सिंघम अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया गया है। उन्होंने तुरंत ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया और अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी जहाँगीर खान के परिवार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी।” मालवीय ने लिखा, “यह साफ संदेश है कि धमकियों और मनमानी का दौर खत्म हो गया है। कानून व्यवस्था कायम रहेगी और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
Ajay Pal Sharma, the encounter specialist and “Singham” of UP Police, has been deployed as Police Observer in South 24 Parganas.
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 27, 2026
He wasted no time in setting the tone, firmly reading the riot act to the family members of Abhishek Banerjee’s close aide, Jehangir Khan.
The… pic.twitter.com/N5sYcDdJCG
बौखला गई TMC
अजय पाल शर्मा की सख्त चेतावनी सुन TMC बौखला गई और अजय पाल शर्मा के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। TMC के प्रवक्ता रिजू दत्ता ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “साफ-साफ शब्दों में अजय पाल शर्मा को बताना चाहता हूँ। आपके ऊपर हमारी नजर है। आप जो गैर-कानूनी काम कर रहे हैं, रात के अँधेरे में रेड कर रहे हैं। महिलाओं के साथ अश्लील व्यवहार कर रहे हैं।”
रिजू दत्ता ने कहा, “अपने बीजेपी के मालिकों के निर्देश पर जो असंवैधानिक काम आप कर रहे हैं। मैं आपको बता देना चाहता हूँ 4 तारीख को नतीजे आने के बाद आप जहाँ भी भाग जाएँ, आप छिप नहीं पाएँगे।”
रिजू दत्ता ने अजय पाल शर्मा को धमकाते हुए कहा, “आपको ऐसा लगता होगा कि दूसरे राज्य में हमारे बीजेपी के मालिक हमें बचा लेंगे। मैं सीधे तौर पर कहना चाहता हूँ कि आपके खिलाफ FIR होगी, चार्जशीट होगी और आपको घसीटकर कोर्ट में लाया जाएगा, जहाँ पर कानून सख्त-से-सख्त कार्रवाई आपके खिलाफ करेगा। कोई बीजेपी का मालिक आपको बचा नहीं पाएगा।”
TMC प्रवक्ता Riju Dutta ने Ajay Pal Sharma को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 4 तारीख के बाद Bharatiya Janata Party भी नहीं बचा पाएगी। #TMC #AjayPalSharma #BJP #WestBengalElection pic.twitter.com/wNd89GlTps
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 28, 2026
TMC की राज्यसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने X पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट लिखा। महुआ ने लिखा, “मेरे फेयर & लवली बबुआ अजय पाल- हम तो वो लोग हैं जो कायदे से आपके छोटे फैंटा और बड़े फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं। हीरो गिरी थोड़ा संभाल कर कीजिए।”
Mera Fair & Lovely babua @DripsAjaypal – Hum toh woh log hai joh kaidey se apke Chhota Fanta aur Bada Fanta ka bhi ilaaj kar lete hai!! Herogiri thoda samhaal ke kijiye. pic.twitter.com/eLOrg5bQOi
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) April 27, 2026
अजय पाल को लेकर बौखलाहट सिर्फ TMC तक ही सीमित नहीं रही बल्कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी बौखला गए और अजय पाल पर आरोप लगाने लगे। उन्होंने X पर IPS अधिकारी का एक वीडियो शेयर कर लिखा, “प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!”
अखिलेश ने आगे लिखा, “सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएँगे, खोद के लाए जाएँगे और अपने कुकृत्यों के लिए कानूनी सजा भी पाएँगे।”
प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 27, 2026
सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त… pic.twitter.com/MlQuCiSn3p
यूँ ही नहीं है TMC की बौखलाहट
TMC की बौखलाहट यूँ ही नहीं है। पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा होना लंबे समय से आम रहा है, नेताओं और उनके समर्थकों द्वारा वोट के लिए लोगों को धमकाना। यहाँ तक की हत्या और बमबाजी की खूब घटनाएँ सामने आती रही हैं। हालाँकि, इस बार चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि वो किसी भी सूरत में चुनावी हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगा। चुनाव आयोग ने बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की है और पुलिस अधिकारियों के भी लगातार तबादले किए हैं।
भयमुक्त चुनाव के लिए बंगाल में करीब 2,400 अर्धसैनिक बलों की कंपनियाँ तैनात की गई हैं जिनमें लगभग 2,40,000 जवान शामिल हैं। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भयरहित, हिंसारहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ और सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे। बंगाल में बीजेपी के आक्रामक प्रचार और प्रबंधन के चलते TMC को इस बार सत्ता जाने का डर सता रहा है। इन चुनावों का दूसरा चरण ही TMC को अपने लिए राहत लग रहा है क्योंकि यहीं से उसे अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है।
हालाँकि, चुनाव में वोटरों पर किसी भी तरह का दबाव ना बन पाए इसलिए चुनाव आयोग ने बाहरी अधिकारियों को भी पर्यवेक्षक बनाकर तैनात किया है। अजय पाल शर्मा जैसे ये पर्यवेक्षक चुनावों में किसी भी तरह की धमकी-हिंसा को रोकने के लिए जमीन पर लगातार काम कर रहे हैं। TMC से जुड़े लोगों द्वारा किसी भी तरह का दबाव ना बनाया जा सके इसकी पूरी तैयारी की जा रही है। इन अधिकारियों का यही आक्रामक रवैया TMC की आँख की किरकिरी बन गया है। वो अजय पाल पर निजी हमले से लेकर उन्हें धमकाने तक पर उतर आए हैं।
कौन हैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा?
2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को उत्तर प्रदेश पुलिस में एक सख्त और तेज-तर्रार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उनकी कार्यशैली और अपराधियों के प्रति कड़े रुख के कारण उन्हें अक्सर ‘यूपी का सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहा जाता है।
26 अक्टूबर 1985 को लुधियाना में जन्मे अजय पाल शर्मा ने 19 दिसंबर 2011 को भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की। हाल ही में उन्हें पदोन्नति देकर DIG बनाया गया है और इस समय वे प्रयागराज में जॉइंट पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात हैं। खास बात यह है कि IPS बनने से पहले उन्होंने डेंटल साइंस की पढ़ाई की थी और वह पेशे से डॉक्टर भी रह चुके हैं।
शिक्षा के मामले में भी उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने UPSC की तैयारी 2008 में शुरू की थी। 2009 में प्रारंभिक सफलता मिलने के बावजूद इंटरव्यू पार नहीं कर सके लेकिन हार नहीं मानी और बाद में ऑल इंडिया 17वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने। स्कूल के दिनों में भी वह टॉपर रहे और हाईस्कूल में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया। साथ ही हिंदी, अंग्रेजी और गणित में पूरे 100 अंक प्राप्त किए।
उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई जिसके बाद उन्होंने मथुरा, नोएडा, जौनपुर सहित कई जिलों में काम किया। 16 मार्च 2018 से 7 जनवरी 2019 तक वह गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के SSP रहे, जहाँ उन्होंने अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। उनके कार्यकाल में कई इनामी बदमाश इलाके छोड़कर भाग गए। उनके खौफ से अपराधियों ने खुद थाने जाकर सरेंडर करना शुरू कर दिया था। अपराधी तख्ती लटकाकर थाने जाते और सरेंडर कर देते।
साल 2019 में उनका नाम पूरे प्रदेश में तब चर्चित हुआ जब रामपुर में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपित को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद उनकी छवि और भी सख्त अधिकारी के रूप में स्थापित हुई। इसके अलावा कैराना पलायन से जुड़े आरोपित की गिरफ्तारी भी उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है।
अजय पाल शर्मा ने अपने करियर में 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक के कई इनामी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की और कई को मुठभेड़ों में ढेर किया। खनन माफिया पर एनएसए लगाने जैसे कड़े कदम भी उठाए। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी नीति भी स्पष्ट रही, उन्होंने 63 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई, यहाँ तक कि नोएडा में एक इंस्पेक्टर पर उसी के थाने में केस दर्ज कराया।
कुल मिलाकर अजय पाल शर्मा की पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी की है जो फिटनेस, अनुशासन और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए जाने जाते हैं। उनकी यही नीति अब बंगाल में TMC के लिए सिरदर्द बन रही है।


