Homeदेश-समाजनेता के बेटे ने स्कूटी सवार महिला को कुचल कर मार डाला, 100 मीटर...

नेता के बेटे ने स्कूटी सवार महिला को कुचल कर मार डाला, 100 मीटर तक बोनट पर घसीटा: पिता हिरासत में, आरोपित कार लेकर फरार

पति-पत्नी स्कूटी से मछली खरीदने मंडी में गए थे। यहाँ से लौटते हुए एक तेज रफ़्तार BMW ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।

महाराष्ट्र के मुम्बई से हिट एन्ड रन का मामला सामने आया है। यहाँ BMW चला रहे व्यक्ति ने एक स्कूटी सवार महिला को टक्कर मार दी। दुर्घटना में महिला की मौत हो गई है। BMW मिहिर शाह नाम का व्यक्ति चला रहा था जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पदाधिकारी का बेटा बताया जा रहा है। घटना रविवार (7 जुलाई, 2024) की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मुंबई के वर्ली इलाके की है। यहाँ के कोलीवाड़ा इलाके के रहने वाले प्रदीप मछली बेच कर अपने परिवार को चलाते हैं। उनकी पत्नी कावेरी इस कारोबार में उनका हाथ बँटाती थीं। रविवार को पति-पत्नी स्कूटी से मछली खरीदने मंडी में गए थे। यहाँ से लौटते हुए एक तेज रफ़्तार BMW ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहाँ पर कावेरी ने दम तोड़ दिया जबकि प्रदीप का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने केस दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी है। जाँच में निकल कर आया है कि हादसे के समय कार मिहिर शाह नाम का एक व्यक्ति चला रहा था। कार की स्पीड तय मानक से काफी ज्यादा थी। टक्कर लगने से कावेरी लगभग 100 मीटर तक कार की बोनट पर ही लटकी रह गईं। इसके बावजूद भी मिहिर ने कार नहीं रोकी। मिहिर शाह के पिता राजेश शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के पदाधिकारी हैं। घटना के बाद मिहिर शाह कार ले कर फरार हो गया।

पुलिस ने मिहिर के पिता राजेश शाह को हिरासत में ले लिया है। BMW राजेश के ही नाम पर रजिस्टर्ड है। फरार मिहिर की तलाश की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -