Thursday, September 24, 2020
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निजामुद्दीन मरकज में महिलाएँ भी हुईं थीं शामिल, कुशीनगर में 5 पर दर्ज हुआ मुकदमा, भेजी गई क्वारंटाइन सेंटर

“एक ईमेल आया था, जिसमें ये सूचना थी कि असम के रहने वाले 10 लोग दिल्ली के जमात में शामिल होकर 9 मार्च को वहाँ से निकले थे। वे जनपद कुशीनगर में छिपे हो सकते हैं। पहले जब सूचना के आधार पर तलाशी कराई गई, तो ये लोग नहीं मिल पाए। बाद में इनके पीछे सूचना तंत्र और विश्वासपात्र लोगों को लगाया गया। जिससे......"

दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुई 5 महिलाओं को उत्तरप्रदेश के कुशीनगर से ढूँढ निकाला गया है। खुफ‍ियाँ एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद इनकी तलाश यहाँ शुरू हुई थी। मगर, कल देर रात जाकर पुलिस को इन्हें खोज निकालने में सफलता मिली। 

बता दें, पाँचों औरतों के अलावा पुलिस ने इनके शौहरों को भी हिरासत में लिया है। इनमें से 2 लोगों को परसों चिह्नित किया गया था और 3 को कल सुबह पकड़ा गया। पतियों के गिरफ्तारी के बाद भी ये महिलाएँ पुलिस से छिपी हुईं थी। लेकिन कल रात इन्हें भी धर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार ये सभी असम के निवासी हैं। जो 9 मार्च को मरकज़ से निकले और कुशीनगर में जाकर छिप गए।

कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, “एक ईमेल आया था, जिसमें ये सूचना थी कि असम के रहने वाले 10 लोग दिल्ली के जमात में शामिल होकर 9 मार्च को वहाँ से निकले थे। वे जनपद कुशीनगर में छिपे हो सकते हैं। पहले जब सूचना के आधार पर तलाशी कराई गई, तो ये लोग नहीं मिल पाए। बाद में इनके पीछे सूचना तंत्र और विश्वासपात्र लोगों को लगाया गया। जिससे 2 लोग पकड़ में आए और इनको चिह्नित करके क्वारंटाइन कराया गया। बाद में 3 व्यक्ति पकड़े गए। उन्हें भी एंबुलेंस से भिजवाकर क्वारंटाइन कराया गया। इसके बाद पाँच महिलाएँ शेष थीं। पर उन्हें भी (रात में) चिह्नित करते सेंटर भेजा गया।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, देर रात पकड़ी गई इन औरतों की पहचान राहिमा खातून, शकीना खातून, जाहूरा खातून, रजीफा खातून व एफ खातून के रूप में हुई है। अब इन्हें और इनके पतियों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। सभी के सैंपल जाँच के लिए गोरखपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इनपर आगे की कार्रवाई होगी। 

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खबर के अनुसार, इन महिलाओं को सोमवार देर रात नगर से सटे गाँव अमवा जंगल में उसी मकान से पकड़ा गया जहाँ दो दिन पूर्व दो जमाती पकड़े गए थे। बाद में पता चला कि ये महिलाएँ पकड़े गए जमातियों की खातूनें हैं। पुलिस ने महिलाओं के पकड़े जाने के बाद इनके ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कर लिया और फिर जाँच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

एसपी कुशीनगर विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि जमाती दिल्ली से 9 मार्च को कुशीनगर के लिए चले। 11 मार्च को हाटा के एक हाजी ने उन्हें शरण दी। लॉकडाउन होने के बाद वहीं इन्हें अलग-अलग गाँवों में अपने मददगारों के जरिए शरण दे रहा था। उनके मुताबिक सभी के सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं। यदि जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो इन सभी पर कोरोना अपराधी का भी केस दर्ज किया जाएगा। 

यहाँ बता दें 2 दिन पहले यानी रविवार रात को पुलिस ने अमवा गाँव के जंगल स्थित एक मकान में छापेमारी कर हाशिम तथा यशोधर अली को पकड़ उन्हें जाँच के लिए जिला अस्पताल भेजा था। पूछताछ में मालूम हुआ था दोनों मरकज में शामिल होने के बाद हाटा फिर पडरौना पहुँचे थे। इसके बाद पुलिस ने जमातियों व उनके मददगारों सलाउद्दीन, साहिल, खुदाद्दीन, शाकिर अली व हाजी हमीद के विरुद्ध धारा 188, 269, 271 आइपीसी व 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

फिर, सोमवार शाम को ही नेबुआ-नौरंगिया थाने के गाँव पटेरा बुजुर्ग से भी दो जमाती पकड़े गए। इनकी पहचान अब्दुल सलाम व फकरूद्दीन के रूप में हुई। दोनों ने पुलिस के सामने निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने की बात स्वीकार की। दोनों के साथ रहे एक अन्य जमाती ऐनुलहक ने देर शाम पडरौना कोतवाली में पहुँच खुद के मरकज में शामिल होने की जानकारी दी। उसने बताया था कि वह भटक गया है। पुलिस की जाँच में पाँचों के तार आपस में जुड़े मिले। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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