Thursday, April 2, 2020
होम विचार राजनैतिक मुद्दे नान-टिमाटर वाला Pak 66वाँ खुशहाल देश, भारत 140वाँ: बकवास सर्वे और इसे शेयर करने...

नान-टिमाटर वाला Pak 66वाँ खुशहाल देश, भारत 140वाँ: बकवास सर्वे और इसे शेयर करने वाले बेकार लोग!

आसमान छूती महँगाई, नान-टिमाटर के लिए कैबिनेट मीटिंग और कार के साथ-साथ गधे बेच कर अर्थव्यस्था सुधारने की बात! ऐसे देश पाकिस्तान को अगर सर्वे में शामिल भी किया जाता है तो यह सर्वे करने वाली संस्था की राजनीति को जगजाहिर करता है।

ये भी पढ़ें

बॉलीवुड के विवादित एक्टर और प्रोड्यूसर कमाल आर खान ने हाल ही में आई संयुक्त राष्ट्र विश्व खुशहाली रिपोर्ट का जिक्र करते हुए इसे भारत के लिए शर्मिंदगी बताया। कमाल खान ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पाकिस्तान खुशहाल देशों की लिस्ट में 67वें नंबर पर है, जबकि भारत का स्थान 140वें पर है। अमेरिका 19वें और यूएई 21वाँ सबसे खुशहाल देश है और हमारी ड्रामा मीडिया यह दिखाती है कि पाकिस्तान सबसे खराब देश है। आज मैं वास्तव में शर्मिंदा हूँ अगर भारत पाकिस्तान की तुलना में बहुत पीछे है। यह सही नहीं है।” हालाँकि कमाल आर खान ने आँकड़ा लिखने में गलती है, क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की रैंकिंग 66वाँ है।

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क ने हाल ही में यह रिपोर्ट जारी की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में 20 मार्च को विश्व खुशहाली दिवस घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र की ये सूची 6 कारकों पर तय की जाती है। इसमें आय, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सपोर्ट, आजादी, विश्वास और उदारता शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र की सातवीं वार्षिक विश्व खुशहाली रिपोर्ट, जो दुनिया के 156 देशों को इस आधार पर रैंक करती है कि उसके नागरिक खुद को कितना खुश महसूस करते हैं। कहा गया है कि इसमें इस बात पर भी गौर किया गया है कि चिंता, उदासी और क्रोध सहित नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि हुई है।

इस रिपोर्ट में भारत को 140वाँ जबकि पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताया गया है। जो कि वाकई काफी आश्चर्यजनक और हैरान करने वाला है। ये वही पाकिस्तान है जो कुछ दिन पहले नान-रोटी के लिए उच्चस्तरीय बैठकें बुलवा रहा था। जो अंतरराष्ट्रीय कर्ज के चलते अपनी जनता को दो जून की नान-रोटी और टिंडे-टिमाटर उपलब्ध करा पाने तक की गारंटी नहीं दे पा रहा था। जिस पाकिस्तान से उनकी जनता रोटियाँ और सस्ते टिमाटर माँग रही थी। कहना गलत नहीं होगा कि नान-टिमाटर वाले देश को अगर खुशहाल रैंकिंग में जगह भी मिल गई तो बड़ी बात है और ऐसे रैंकिंग करने वालों पर सवाल उठना चाहिए। इस रैंकिंग में उस देश को 66वाँ खुशहाल देश बताया जा रहा है, जिस देश की अर्थव्यस्था मरणासन्न स्थिति में है। दिनों-दिन आसमान छूती महँगाई ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पाकिस्तान इस समय घोर आर्थिक संकट और बेतहाशा महँगाई से जूझ रहा है। इससे उबरने के लिए पाकिस्तान के वजीरे आजम इमरान खान ने क्या कुछ नहीं किया। चाहे कारें बेचनी हों या गधे… यहाँ तक कि वहाँ नान और टमाटर के दाम तय करने को भी राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया था। बाकायदा उसके लिए कैबिनेट मीटिंग तक हुई थी। लेकिन कार और गधे बेचने के बाद भी पाकिस्तान की अर्थव्यस्था सुधर नहीं रही है। आतंक की खेती करने वाले पाकिस्तान में जेहादी हूरों के सपने दिखाकर आतंकवाद को पोषित करते आ रहे हैं। 

वह देश भला खुशहाल कैसे हो सकता है, जहाँ की जनता ही वहाँ के सरकार से खुश न हो। ये कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान इस वक्त सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। अर्थव्यवस्था से लेकर कानून व्यस्था हो, जहाँ देखो, वहाँ के हाल बुरे हैं। सभी जगह अव्यवस्था फैली हुई है। भारत के खिलाफ लगातार जहर उगल कर इमरान खान अपने देश के नजरों में ऊपर उठना चाहते हैं। लेकिन, वो शायद भूल गए कि देश में तरक्की और विकास करके ही जनता का प्यार जीता जा सकता है न कि पड़ोसी देश के लिए सिर्फ उल्टी-सीधी बातें करके। अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण संस्था गैलप की पाकिस्तान इकाई ने वहाँ एक सर्वे किया, जिसमें खुलासा हुआ है कि 66 प्रतिशत पाकिस्तानी इमरान सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।

बता दें कि यह सर्वे फरवरी में किया गया है। इसमें सिर्फ 32 प्रतिशत लोगों ने ही सत्ताधारी पार्टी के कामकाज पर संतुष्टि जताई है। इसके अलावा 59 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इमरान सरकार का प्रदर्शन पिछली सरकारों से भी ज्यादा खराब है। सिर्फ, 22 प्रतिशत लोगों को इमरान सरकार पहले की सरकारों से बेहतर लगी। सर्वे में यह भी पूछा गया कि क्या देश सही दिशा में जा रहा है? इसके जवाब में 62 प्रतिशत ने नकारात्मक जवाब दिया है।

गैलप के सर्वे के मुताबिक इमरान सरकार के कामकाज से असंतुष्ट लोगों में पुरुषों की संख्या 70 फीसदी और महिलाओं की 60 फीसदी है। युवाओं में भी सरकार के काम को लेकर निराशा पाई गई। 30 साल से कम आयु के 66 फीसदी युवाओं ने कहा कि वे इमरान सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं। महँगाई की वजह से पाकिस्तान की आवाम को अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पसीने छूट रहे हैं और वह खुशहाल देश है!

महँगाई की बात चली ही है तो आपको बता दें कि पिछले दिनों एक पाकिस्तानी दुल्हन ने गहने की जगह टमाटर और पाइन नेट के गहने पहने थे। जब दुल्हन से टमाटर के गहने पहनने का कारण पूछा गया तो उसने बड़ा ही मजेदार जवाब दिया। दुल्हन बड़ी ही संजीदगी से कहती है कि आजकल सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं और टमाटर व पाइन नट के भी। उसने बताया कि उसके देश में टमाटर के लिए हाय-तौबा मचा हुआ है। दुल्हन कहती है कि देश में इस समय टमाटर और पाइन नट्स की वैल्यू सोने के बराबर चल रही है। इसलिए उसने सोने की जगह पर टमाटर और पाइन नट्स के गहने पहने हैं। जब एंकर ने पूछा कि पाइन नट्स कहाँ हैं, तो दुल्हन एक शगुन का लिफाफा खोलती है और उसमें से पाइन नट्स निकाल कर दिखाती है। ये लिफाफा उसके बड़े भाई ने ‘सलामी’ (शादी के तोहफे) के रूप में भेजे थे। इस वीडियो को पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने ट्वीट किया था।

जब पड़ोसी देश में आम जनता महँगाई से त्रस्त थी, जनता बेसिक सुविधाओं के लिए मुँहताज हो रही थी, इमरान खान उनकी समस्याओं का समाधान न करके भारत के आंतरिक मामले में दखलअंदाजी करने में व्यस्त थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का मजाक भी उड़ा। लोगों ने तो यहाँ तक कह दिया कि अभी भी वक्त है संभाल लें इमरान कहीं ऐसा न हो कि जिहाद और आतंक की खेती के चक्कर में आम लोग विद्रोह कर बैठें। पहले अपना देश संभाल लें फिर दूसरे देश के आतंरिक मामलों में दखल देने की सोचें। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनियाभर में 45000 से ज़्यादा मौतें, भारत में अब तक 1637 संक्रमित, 38 मौतें

विश्वभर में कोरोना संक्रमण के अब तक कुल 903,799 लोग संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से 45,334 लोगों की मौत हुई और 190,675 लोग ठीक भी हो चुके हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका, इटली, स्पेन, चीन और जर्मनी हैं।

तबलीगी मरकज से निकले 72 विदे‍शियों सहित 503 जमातियों ने हरियाणा में मारी एंट्री, मस्जिदों में छापेमारी से मचा हड़कंप

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि सभी की मेडिकल जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी 503 लोगों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है, लेकिन उनकी जानकारी को पुख्ता करने के लिए गृह विभाग अपने ढंग से काम करने में जुटा हुआ है।

फैक्ट चेक: क्या तबलीगी मरकज की नौटंकी के बाद चुपके से बंद हुआ तिरुमला तिरुपति मंदिर?

मरकज बंद करने के फ़ौरन बाद सोशल मीडिया पर एक खबर यह कहकर फैलाई गई कि आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर को तबलीगी जमात मामला के जलसे के सामने आने के बाद बंद किया गया है।

इंदौर: कोरोनो वायरस संदिग्ध की जाँच करने गई मेडिकल टीम पर ‘मुस्लिम भीड़’ ने किया पथराव, पुलिस पर भी हमला

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर सबसे अधिक कोरोना महामारी की चपेट में है, जहाँ मंगलवार को एक ही दिन में 20 नए मामले सामने आए, जिनमें 11 महिलाएँ और शेष बच्चे शामिल थे। साथ ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।

योगी सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलानी पड़ी महँगी: ‘द वायर’ पर दर्ज हुई FIR

"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"

बिहार की एक मस्जिद में जाँच करने पहुँची पुलिस पर हमले का Video, औरतों-बच्चों ने भी बरसाए पत्थर

विडियो में दिख रही कई औरतों के हाथ में लाठी है। एक लड़के के हाथ में बल्ला दिख रहा है और वह लगातार मार, मार... चिल्ला रहा। भीड़ में शामिल लोग लगातार पत्थरबाजी कर रहे हैं। खेतों से किसी तरह पुलिसकर्मी जान बचाकर भागते हैं और...

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

जान-बूझकर इधर-उधर थूक रहे तबलीग़ी जमात के लोग, डॉक्टर भी परेशान: निजामुद्दीन से जाँच के लिए ले जाया गया

निजामुद्दीन में मिले विदेशियों ने वीजा नियमों का भी उल्लंघन किया है, ऐसा गृह मंत्रालय ने बताया है। यहाँ तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम में न सिर्फ़ सैकड़ों लोग शामिल हुए बल्कि उन्होंने एम्बुलेंस को भी लौटा दिया था। इन्होने सतर्कता और सोशल डिस्टन्सिंग की सलाहों को भी जम कर ठेंगा दिखाया।

बिहार के मधुबनी की मस्जिद में थे 100 जमाती, सामूहिक नमाज रोकने पहुँची पुलिस टीम पर हमला

पुलिस को एक किमी तक समुदाय विशेष के लोगों ने खदेड़ा। उनकी जीप तालाब में पलट दी। छतों से पत्थर फेंके गए। फायरिंग की बात भी कही जा रही। सब कुछ ऐसे हुआ जैसे हमले की तैयारी पहले से ही हो। उपद्रव के बीच जमाती भाग निकले।

मंदिर और सेवा भारती के कम्युनिटी किचेन को ‘आज तक’ ने बताया केजरीवाल का, रोज 30 हजार लोगों को मिल रहा खाना

सच्चाई ये है कि इस कम्युनिटी किचेन को 'झंडेवालान मंदिर कमिटी' और समाजसेवा संगठन 'सेवा भारती' मिल कर रही है। इसीलिए आजतक ने बाद में हेडिंग को बदल दिया और 'कैसा है केजरीवाल का कम्युनिटी किचेन' की जगह 'कैसा है मंदिर का कम्युनिटी किचेन' कर दिया।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

170,349FansLike
52,784FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements