पहले नान-टिमाटर के भाव ठीक कर लो, जिहाद तो हमें पता है कयामत तक करोगे

पाकिस्तान की धमकियों के बीच अगर पाकिस्तान का वर्तमान में कोई खुलकर समर्थन कर सकता है तो वो भारत में ही बैठे अनुच्छेद 370 से दुखी प्रदर्शनकारी हैं। हालाँकि, इस सबसे अलग कुछ लोगों का तो यह भी मत है कि पाकिस्तान को वाकई में जल्द से जल्द भारत पर हमला करने पर गंभीरता से विचार कर ही लेना चाहिए, ताकि इस बार का स्वतन्त्रता दिवस पर तिरंगा इस्लामाबाद में फहराया जा सके।

अनुच्छेद-370 (Article 370) पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, कम से कम पाकिस्तानी सेना को तो यही लगता है। आजकल अनुच्छेद-370 को खत्म करने के भारत के फैसले से पाकिस्तान से सबसे ज्यादा प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। ये वही पाकिस्तान है जो कुछ दिन पहले नान-रोटी के लिए उच्चस्तरीय बैठकें बुलवा रहा था।

इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की एक और बैठक की अध्यक्षता की है। अब भारत के आर्टिकल 370 पर लिए गए फैसले से बौखलाए पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के इस कदम का मुकाबला करने के लिए सभी संभावित विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।

इस विकल्प के बारे में इमरान खान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी भारत को युद्ध की धमकी दी है। फवाद चौधरी ने कहा है कि अब भारत को खून और आँसू से जवाब देना होगा। वहीं, पाकिस्तान आर्मी प्रवक्ता ने कल शाम एक ट्वीट किया है, जिसमें वो कश्मीर को किसी भी तरीके से वापस लेने की बात करते हुए नजर आ रहे हैं। हालाँकि, गफूर द्वारा अभी यह स्पष्टीकरण देना बाकी है कि उन्होंने ये ट्वीट भाँग के नशे में किया था या घोड़े की लीद फूँक कर…

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सबसे मजेदार बात इस सबके बीच ये है कि भारत के खिलाफ युद्ध की पूरी तैयारियाँ होने की बात वो देश कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कर्ज के चलते अपनी जनता को दो जून की नान-रोटी और टिंडे-टिमाटर उपलब्ध करा पाने तक की गेरेंटी नहीं दे पा रहा है। जिस पाकिस्तान से उनकी जनता रोटियाँ और सस्ते टिमाटर माँग रही है वो कश्मीर के नागरिकों को उनका अधिकार दिलाने की खुली घोषणा कर रहे हैं।

पाकिस्तान की धमकियों के बीच अगर पाकिस्तान का वर्तमान में कोई खुलकर समर्थन कर सकता है तो वो भारत में ही बैठे अनुच्छेद 370 से दुखी प्रदर्शनकारी हैं। हालाँकि, इस सबसे अलग कुछ लोगों का तो यह भी मत है कि पाकिस्तान को वाकई में जल्द से जल्द भारत पर हमला करने पर गंभीरता से विचार कर ही लेना चाहिए, ताकि इस बार का स्वतन्त्रता दिवस पर तिरंगा इस्लामाबाद में फहराया जा सके।

पाकिस्तान को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि जिन ‘गणनाओं’ के भरोसे वह युद्ध जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है, वो बीते समय की बात हो चुकी है। कश्मीर और POK पर भारत के रुख का समर्थन दुनिया का हर बड़ा देश इस समय कर रहा है। इस समय पाकिस्तान को सिर्फ अपनी ‘रोटी-नान’ से हटकर शायद ही किसी विषय पर ध्यान देना चाहिए।

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