Sunday, November 29, 2020
Home विचार राजनैतिक मुद्दे लालू का MLA, दलित लड़की से रेप... लेकिन 'बाबू साहब के सामने सीना तानकर...

लालू का MLA, दलित लड़की से रेप… लेकिन ‘बाबू साहब के सामने सीना तानकर चलते थे’ के नाम पर वोट!

चुनावी रैलियों के बीच दिए गए एक विवादित बयान में लालू के ही सुपुत्र पूछते हैं “बाबू साहब के सामने सीना तानकर चलते थे ना?” लेकिन वो यह भूल जाते हैं कि उनके सजायाफ्ता बाप के एक MLA थे, जिसने दलित लड़की का रेप किया था।

जुमले में कहा जाता है “जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड”, यानि न्याय देने में देरी करना न्याय देने से इन्कार करना है। मगर क्या भारत की अदालतों की कार्यवाही में ऐसा ही होता है? एक नजर भी देखा जाए तो सच्चाई इस जुमले से कोसों दूर खड़ी मिल जाएगी। इसका एक नमूना बिहार की अदालतों में अभी हाल ही में देखने को मिला, जब एक पच्चीस साल पुराने मामले में सजाएँ सुनाई गईं।

जब तक ये फैसला आया तब तक अपराधियों में से एक मर चुका था, लेकिन पच्चीस साल बीतने पर भी एक दूसरा अपराधी फरार ही बताया जाता है। पच्चीस वर्ष पहले इस मामले के प्रकाश में आने पर हंगामा हुआ होगा?

सुपौल, जहाँ का ये बलात्कार का मामला था, बिहार की राजधानी से करीब तीन सौ किलोमीटर दूर है। जाहिर है वहाँ की खबरें स्थानीय अख़बारों में तो आती हैं, लेकिन कभी-कभी राज्य भर के अख़बार के एडिशन से छूट भी जाती हैं। इस मामले में आरोप लगाने वाली एक दलित युवती थी। जैसा कि अंदाजा लगाया जा सकता है, तब भी एफआईआर फ़ौरन दर्ज नहीं हुआ था, बल्कि अपराध के तीन दिन बाद दर्ज किया गया था।

अपराधियों का सरगना तब के जनता दल यानि लालू यादव की पार्टी का एक एमएलए योगेन्द्र नारायण सरदार था। उसके बेटे उमा सरदार और साथियों शम्भू और भूपेन्द्र यादव के अलावा रामपाल यादव और हरिलाल शर्मा पर भी अपहरण, बलात्कार, घर में जबरन घुसने और मार-पीट जैसे मुक़दमे दर्ज हुए थे।

तारीख पर तारीख पड़ती रही और मामला चलता रहा। चौबीस साल से ऊपर चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष से 11 गवाहों के बयान जाँचें गए। तब त्रिवेणीगंज के एमएलए रहे योगेन्द्र नारायण सरदार ने 16 अक्टूबर 1994 की रात उस दलित युवती को उसके घर से उठाकर अपनी जीप में डाल लिया था।

अफ़सोस कि योगेन्द्र नारायण सरदार ने बलात्कार करने के लिए कोई कमजोर युवती नहीं चुनी! मौका पाते ही लड़की ने वार किया और योगेन्द्र नारायण यादव का बंध्याकरण कर डाला! भागने के बाद बड़ी मुश्किल से तीन दिन बाद जाकर मामला दर्ज हो पाया। इस मामले के आरोपी रामपाल यादव की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई। हरिलाल शर्मा अभी भी (पच्चीस वर्ष बाद) फरार बताया जाता है।

इसी वर्ष जनवरी की एकत्तीस तारीख को इस मामले का फैसला आया और चार अपराधियों को जुर्माने और जेल की सजा हुई। वैसे अपराधियों के वकील एनपी ठाकुर का कहना है कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ वो उच्च न्यायलय में जाएँगे। झोपड़ी में रहने वाली दलित युवती तीन सौ किलोमीटर दूर पटना आकर ये मुकदमा कैसे लड़ेगी और कैसे जीतेगी, पता नहीं।

बंध्याकरण का शिकार हो चुका लालू की पार्टी का पूर्व विधायक योगेन्द्र नारायण सरदार मुक़दमे के उच्च न्यायालय और फिर पता नहीं सर्वोच्च न्यायालय में जाने तक जीवित बचे या नहीं। इस मामले की याद बिहार को अभी इसलिए आनी चाहिए क्योंकि ये अक्टूबर 1994 का ही मामला था और इस अक्टूबर में इसे पच्चीस वर्ष बीत गए।

चुनावी रैलियों के बीच दिए गए एक विवादित बयान में लालू के ही सुपुत्र पूछते हैं “बाबू साहब के सामने सीना तानकर चलते थे ना?” जातीय वैमनस्य बढ़ाने के लिए दिया गया ये बयान शायद उन्होंने चार वोट ज्यादा पाने के लालच में दिया होगा। सच्चाई इससे भी उतनी ही दूर है जितनी “जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड” के जुमले से हो सकती है।

अपराधियों और पीड़िता का नाम देखते ही पता चल जाता है कि कौन सा समुदाय दलितों पर ये अमानवीय अत्याचार कर रहा था। संभवतः फिल्मों के जरिए गढ़े गए अत्याचारी ठाकुर, धूर्त बनिए और ठगी करते ब्राह्मण के जरिए उन्हें अपना “नैरेटिव” चलाने की सुविधा भी मिल जाती है।

यहाँ समस्या ये है कि आज के दौर का बिहार, शिक्षा-रोजगार जैसे मामलों में उतना भी पिछड़ा नहीं रह गया, जितना “जंगलराज” के दौर में उसे बनाकर रखा गया था। बिहार में किताबों के पढ़े जाने की दर भी ज्यादा है और अधिकांश अख़बारों का रीडरशिप भी बिहार में काफी अधिक है।

पिछले चुनावों में राजद सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर जरूर उभरी थी, लेकिन इस बार भी पिछले प्रदर्शन को दोहरा पाना उसके लिए मुश्किल होगा। राजनैतिक समीकरणों के बदलने पर संकर्षण ठाकुर ने अपनी किताब “बन्धु बिहारी” में लिखा भी है। लालू यादव के वाकपटु होने का जो फायदा राजद को मिलता रहा था, वो अब उसके पास नहीं है।

पहले दौर का मतदान अब जब हो चुका है तो अधिकांश राजनैतिक विश्लेषक भी अब ये स्वीकार लेंगे कि “एंटी इनकमबेंसी” का जैसा फायदा वो राजद के लिए मान रहे थे, उसे वैसा फैसला होता नजर नहीं आ रहा।

कहीं ना कहीं ऐसे अपराधियों के लालू यादव और उसकी पार्टी के साथ जुड़ा होना भी इसका एक कारण होता है। जब तक ऐसे अपराधिक तत्वों से राजद खुद को अलग घोषित नहीं कर पाती, लगता नहीं कि महिलाओं के वोट राजद के समर्थन में जाएँगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने संभाला मोर्चा, कहा- पहले हाईवे खाली कर तय मैदान में जाएँ

“मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूँ कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने उन्हें 3 दिसंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। सरकार किसानों की हर समस्या और माँग पर विचार करने के लिए तैयार है।”

ओवैसी के गढ़ में रोड शो कर CM योगी आदित्‍यनाथ ने दी चुनौती, गूँजा- आया आया शेर आया… देखें वीडियो

सीएम योगी के रोड शो के में- ‘आया आया शेर आया.... राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की’, योगी-योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के भी गगनभेदी नारे लगाए गए।

प्रदर्शन करने वाले किसानों को $1 मिलियन का ऑफर, खालिस्तान के समर्थन में खुलेआम नारेबाजी: क्या है SFJ का मास्टरप्लान

किसान आंदोलन पर खालिस्तान समर्थक ताकतों ने कब्ज़ा कर लिया है। SFJ पहले ही इस बात का ऐलान कर चुका है कि वह खालिस्तान का समर्थन करने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद करेगा।

शादी में पैसा, फ्री कार, मस्जिद-दरगाहों का विकास: तेलंगाना में ‘अल्पसंख्यकों’ पर 6 साल में ₹5600 करोड़ खर्च

तेलंगाना में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए सरकारी खजाने का नायाब उपयोग सामने आया है। तेलंगाना सरकार ने पिछले 6 वर्षों में राज्य में अल्पसंख्यक केंद्रित योजनाओं पर 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

ना MSP ख़त्म होगी, न APMC पर कोई फर्क पड़ेगा: जानिए मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का सच

MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।

कैसे बन रही कोरोना वैक्सीन? अहमदाबाद और हैदराबाद में PM मोदी ने लिया जायजा, पुणे भी जाएँगे

कोरोना महामारी संकट के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में कोरोना वैक्सीन की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। इसके तहत पीएम मोदी देश के तीन शहरों के दौरे पर हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

मैं नपुंसक नहीं.. हिंदुत्व का मतलब पूजा-पाठ या मंदिर का घंटा बजाना नहीं, फ़ोर्स किया तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊँगा: उद्धव ठाकरे

साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिमों को भड़काने वाला संगठन ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को पहुँचा रहा भोजन: 25 मस्जिद काम में लगे

UAH के मुखिया नदीम खान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

ये कौन से किसान हैं जो कह रहे ‘इंदिरा को ठोका, मोदी को भी ठोक देंगे’, मिले खालिस्तानी समर्थन के प्रमाण

मीटिंग 3 दिसंबर को तय की गई है और हम तब तक यहीं पर रहने वाले हैं। अगर उस मीटिंग में कुछ हल नहीं निकला तो बैरिकेड तो क्या हम तो इनको (शासन प्रशासन) ऐसे ही मिटा देंगे।

31 का कामिर खान, 11 साल की बच्ची: 3 महीने में 4000 मैसेज भेजे, यौन शोषण किया; निकाह करना चाहता था

कामिर खान ने स्वीकार किया है कि उसने दो बार 11 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण किया। उसे गलत तरीके से छुआ, यौन सम्बन्ध बनाने के लिए उकसाया और अश्लील मैसेज भेजे।

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने संभाला मोर्चा, कहा- पहले हाईवे खाली कर तय मैदान में जाएँ

“मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूँ कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने उन्हें 3 दिसंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। सरकार किसानों की हर समस्या और माँग पर विचार करने के लिए तैयार है।”

खालिस्तानियों के बाद कट्टरपंथी PFI भी उतरा ‘किसान विरोध’ के समर्थन में, अलापा संविधान बचाने का पुराना राग

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ओएमए सलाम ने भी घोषणा किया कि उनका इस्लामी संगठन ‘दिल्ली चलो’ मार्च का समर्थन करेगा। वह किसानों की माँगों के साथ खड़े हैं।

ओवैसी के गढ़ में रोड शो कर CM योगी आदित्‍यनाथ ने दी चुनौती, गूँजा- आया आया शेर आया… देखें वीडियो

सीएम योगी के रोड शो के में- ‘आया आया शेर आया.... राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की’, योगी-योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के भी गगनभेदी नारे लगाए गए।

भोपाल स्टेशन के सालों पुराने ‘ईरानी डेरे’ पर चला शिवराज सरकार का बुलडोजर, हाल ही में हुआ था पुलिस पर पथराव

साल 2017 के एक आदेश में अदालत ने इस ज़मीन को सरकारी बताया था लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद ईरानी यहाँ से कब्ज़ा नहीं हटा रहे थे।

मुंबई मेयर के ‘दो टके के लोग’ वाले बयान पर कंगना रनौत ने किया पलटवार, महाराष्ट्र सरकार पर कसा तंज

“जितने लीगल केस, गालियाँ और बेइज्जती मुझे महाराष्ट्र सरकार से मिली है, उसे देखते हुए तो अब मुझे ये बॉलीवुड माफिया और ऋतिक-आदित्य जैसे एक्टर भी भले लोग लगने लगे हैं।”

प्रदर्शन करने वाले किसानों को $1 मिलियन का ऑफर, खालिस्तान के समर्थन में खुलेआम नारेबाजी: क्या है SFJ का मास्टरप्लान

किसान आंदोलन पर खालिस्तान समर्थक ताकतों ने कब्ज़ा कर लिया है। SFJ पहले ही इस बात का ऐलान कर चुका है कि वह खालिस्तान का समर्थन करने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद करेगा।

SEBI ने NDTV के प्रमोटरों प्रणय रॉय, राधिका रॉय और विक्रम चंद्रा समेत 2 अन्य को किया ट्रेडिंग से प्रतिबंधित, जानिए क्या है मामला

भारत के पूँजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विवादास्पद मीडिया नेटवर्क NDTV के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को इनसाइडर ट्रेडिंग से अनुचित लाभ उठाने का दोषी पाया है।

शादी में पैसा, फ्री कार, मस्जिद-दरगाहों का विकास: तेलंगाना में ‘अल्पसंख्यकों’ पर 6 साल में ₹5600 करोड़ खर्च

तेलंगाना में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए सरकारी खजाने का नायाब उपयोग सामने आया है। तेलंगाना सरकार ने पिछले 6 वर्षों में राज्य में अल्पसंख्यक केंद्रित योजनाओं पर 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

ना MSP ख़त्म होगी, न APMC पर कोई फर्क पड़ेगा: जानिए मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का सच

MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,444FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe