Friday, June 25, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे हिन्दू होने के नाते भारत की राष्ट्रीयता मिल जाने का प्रावधान जब तक लागू...

हिन्दू होने के नाते भारत की राष्ट्रीयता मिल जाने का प्रावधान जब तक लागू नहीं होगा, तब तक…

गौर से सोचा जाए तो शायद एनआरसी की सोच में ही कमी है। सेक्युलर सोच के साथ बने इस नियम के बदले भारत को हिन्दुओं का नैसर्गिक देश मान कर काम शुरू होना चाहिए था।

थोड़े ही दिन पहले सोशल मीडिया की बड़ी बहसों का मुद्दा रहा – ज़ोमैटो। मेट्रो ही नहीं, टायर टू कहे जाने वाले पटना, इंदौर, भोपाल, लखनऊ जैसे शहरों में भी इसके कर्मी सड़कों पर निकलते ही बड़ी आसानी से नजर आ जाते हैं। हाल में इनके बारे में परिवहन विभाग में पूछताछ की तो पता चला कि वैसे तो मोटरसाइकिल के लिए भी कमर्शियल और प्राइवेट के नियम बने हैं, मगर ये कंपनी अपने लिए चलने वाली मोटरसाइकिल को कमर्शियल की लिस्ट में डालती है या नहीं ये आरटीआई के लायक मुद्दा है। इस बारे में कोई भी सीधा बताने को तैयार नहीं हुआ।

मोटे तौर पर खाना पहुँचाने वाली ये कंपनी करती क्या है? इनके खुद के कोई किचन-रेस्तरां हैं क्या? जी नहीं, इनका खुद का खाना बनाने का कोई इंतजाम नहीं होता। इनके पास एक लिस्ट ग्राहकों की होती है और दूसरी शहर भर के रेस्तरां की लिस्ट होती है। उन्हें पता है कि आपके बजट में आपकी पसंद का व्यंजन कहाँ मिलेगा। वो बस आपके लिए आपकी पसंद का व्यंजन आपके घर पहुँचाने के दलाल हैं। बिलकुल ऐसे ही दलाल ओला/उबर या फिर ओयो वाले भी हैं। ओला/उबर वालों के पास अपनी कोई टैक्सी नहीं, ओयो वालों के पास अपना कोई होटल नहीं। ये आपकी जरुरत को आपके बजट में पूरा कर देने की दलाली लेते हैं।

दलालों का ये परिष्कृत और स्वीकार्य रूप जब देख चुके तो सोचिए कि सरकारी दफ्तरों पर क्या होता है? आपको फॉर्म भरना नहीं आता, फॉर्म कहाँ जमा करना है ये नहीं पता। ऐसी दर्जन भर जरुरतें होती हैं जिसकी वजह से पासपोर्ट ऑफिस, ड्राइविंग लाइसेंस बनने की जगह या ऐसे दूसरे सरकारी दफ्तरों के बाहर दलालों की पूरी एक व्यवस्था ही काम करती है। ऐसे ही दलालों ने पिछले दशकों में वोटर कार्ड से लेकर आधार कार्ड तक बनवा डाले होंगे। यानी आप जिसे घुसपैठिया समझ रहे हैं, वो सरकारी दस्तावेजों के हिसाब से एक साधारण नागरिक से ज्यादा नागरिकता रखता है। ऐसे में एनआरसी का क्या होगा?

बात यहीं ख़त्म हो जाती तो कोई बात नहीं थी। एनआरसी के हालिया समाचार बताते हैं कि करीब-करीब 19 लाख लोगों का आँकड़ा जो उन्होंने निकाला है, उसमें से अधिकांश हिन्दू ही हैं। ये संभवतः वो गरीब मजदूर होंगे, जो एक पीढ़ी पहले वहाँ गए और वहीं के होकर रह गए। दूसरी तरफ बांग्लादेश पहले से ही अड़ा हुआ है कि उसकी सीमा से भारत में कोई अवैध घुसपैठ हुई ही नहीं है! पिछले महीने मंत्री एस जयशंकर कह चुके हैं कि एनआरसी एक आतंरिक प्रक्रिया है और इससे बांग्लादेश को चिंतित होने की जरूरत नहीं। वहीं अमित शाह कहते हैं कि अवैध घुसपैठ बांग्लादेश से जुड़ा मुद्दा ही है!

जिन उन्नीस लाख लोगों को एनआरसी से बाहर किया गया है, उनकी अपील को अगर फोरेनर ट्रिब्यूनल ने ठुकरा दिया तो उन्हें लम्बी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ेगी। इन सबके बीच याद दिला दें कि एक सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल भी आया था, जिसे भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। करीब पाँच साल का वक्त और 1000 करोड़ से ऊपर की धनराशी खर्च करने के बाद अगर एनआरसी के जरिए भारतीय नौकरशाही कोई फायदा नहीं पहुँचा पाई है, तो उसके निकम्मेपन पर ये एक और मेडल ही होगा। अगर गौर से सोचा जाए तो शायद एनआरसी की सोच में ही कमी है। सेक्युलर सोच के साथ बने इस नियम के बदले भारत को हिन्दुओं का नैसर्गिक देश मान कर काम शुरू होना चाहिए था।

वो बांग्लादेश या पाकिस्तान में जारी शोषण और लड़कियों के जबरन अपहरण, बलात्कार, और फिर विवाह का सामना नहीं कर सकते, ये काफी पहले ही तय हो गया था। जब इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल इस जय भीम के साथ जय मीम को जोड़ने के मुगालते से बाहर आए, तभी वो सब कुछ छोड़ कर 1950 के दौर में भारत लौट आए थे। गुमनामी की मौत मरे जोगेंद्र नाथ मंडल की गलतियों से सीखकर सिर्फ हिन्दू होने के नाते भारत की राष्ट्रीयता मिल जाने का प्रावधान जब तक लागू नहीं होगा, तब तक ऐसी समस्याएँ जारी रहेंगी।

बाकी रहा कागज़ी तौर पर नागरिकता सिद्ध करने का सवाल तो उसके लिए दलाली की अर्थव्यवस्था को तोड़ना होगा। अफसरशाही के शामिल रहते और नागरिकों के दलाली को एक जीवनशैली मानने के दौर में ये दलाली ख़त्म होगी, ये सोचना भी एक सपने जैसा ही है!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोगा हत्याकांड: RSS के 25 स्वयंसेवकों ने बलिदान देकर खालिस्तानी आतंकियों की तोड़ी थी ‘कमर’

25 जून की सुबह मोगा में RSS की शाखा, सामने खालिस्तानी आतंकी... बावजूद कोई भागा नहीं। ध्वज उतारने से इनकार करने पर गोलियाँ खाईं लेकिन...

दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन जरूरत को 4 गुना बढ़ा कर दिखाया… 12 राज्यों में इसके कारण संकट: सुप्रीम कोर्ट पैनल

सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को चार गुना से अधिक बढ़ाने के लिए केजरीवाल सरकार को...

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

चित्रकूट का पर्वत जो श्री राम के वरदान से बना कामदगिरि, यहाँ विराजमान कामतानाथ करते हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान लगभग 11 वर्ष मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित चित्रकूट में गुजारे। चित्रकूट एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है...

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं कि तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।

‘हर चोर का मोदी सरनेम क्यों’: सूरत की कोर्ट में पेश हुए राहुल गाँधी, कहा- कटाक्ष किया था, अब याद नहीं

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सूरत की एक अदालत में पेश हुए। मामला 'सारे मोदी चोर' वाले बयान पर दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले से जुड़ा है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,792FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe