Saturday, January 16, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे प्रशांत भूषण के नहले पर सुप्रीम कोर्ट का दहला: कथित गाँधीवादी घेराबंदी बनाम ₹1...

प्रशांत भूषण के नहले पर सुप्रीम कोर्ट का दहला: कथित गाँधीवादी घेराबंदी बनाम ₹1 की इज्ज़त

एक शोषक, सत्तावादी चाकर का सारा रूपक एक रुपए के ज़ुर्माने की रकम के आगे भरभरा जाएगा। शोषण और आवाज़ दबाने के विमर्श को एक रुपया कमज़ोर कर देगा। अगर ज़ुर्माने की रकम एक, दो, दस या बीस लाख होती तो यकीनन प्रशांत को रणनीतिक बढ़त मिलती, लेकिन एक रुपए ने उनकी रणनीति को धता बताते हुए सुप्रीम कोर्ट को बढ़त दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश की अवमानना के मसले पर प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण पर एक रुपए का ज़ुर्माना लगाया है। ज़ुर्माना न भर पाने की सूरत में तीन महीने की क़ैद तथा साथ ही तीन साल के लिए वकालत पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालॉंकि बेशर्मी से माफी नहीं मॉंगने की बात कहने वाले भूषण अब जुर्माना भरने को तैयार हैं।

इस फैसले को सुनकर प्रथम दृष्ट्या आपको लगेगा कि यह क्या हास्यास्पद फैसला है। एकदम बकवास, बोगस, विद्रुपतापूर्ण, सस्ता और प्रशांत भूषण के विरोध के आगे झुकता सा, हार मानता सा, घुटने टेकते सा फैसला।

लेकिन यह असल में वैसा नहीं है जैसा कि यह ऊपर-ऊपर से लग रहा है। सुप्रीम-कोर्ट की इस बेंच ने दुनिया के सुप्रीम-कोर्ट्स के इतिहास में पहली बार वह किया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। दुनिया के न्यायालय हमेशा प्रतिरोध की आवाज़ और एकेडमिक घेरेबंदी के आगे बौने साबित हुए हैं। दुनिया में हर बार न्यायालय सत्तावादी विमर्श में शोषक और निर्मम साबित किए जाते रहे हैं। दुनिया का हर इतिहास ऐसी घटनाओं और उदाहरणों से भरा पड़ा है।

लेकिन भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस शानदार फैसले में मानो कलम तोड़ दी हो। प्रशांत भूषण ने अपनी सूझबूझ और रणनीति से सुप्रीम कोर्ट को विराट सत्ता और शोषण के रूपक की तरह चित्रित कर दिया था। पूरी दुनिया में भारत का सुप्रीम कोर्ट अभिव्यक्ति की आज़ादी और जनता की आवाज़ को दबाने वाली इकाई की तरह दिखने लगा था। प्रशांत ने इंग्लैंड और अमेरिका तक में अपने लिए समर्थन का जुगाड़ कर लिया। इस खूबसूरत घेरेबंदी के बाद अगर प्रशांत को सुप्रीम कोर्ट सज़ा देता तो यह एक सत्तावादी धड़े का एक जनवादी वकील पर सत्ता का इस्तेमाल करके आवाज़ दबाना होता। यानी फिर एक न्यायालय का परास्त होना होता।

कानून की नज़र में सुप्रीम कोर्ट अथवा बार काउंसिल अपनी पीठ और नैतिकता को ज़रूर सहला लेते, थपथपा लेते लेकिन, अभिव्यक्ति के नज़रिए से, अभिव्यक्ति के माध्यमों और अभिव्यक्ति के मंचों पर भारत का सुप्रीम कोर्ट भारत की सरकार का सबऑर्डिनेट सिद्ध हो जाता और भारत और उसके न्याय की विश्वसनीयता दुनिया की नज़र में दो कौड़ी की हो जाती।

प्रशांत के इस अकेले कदम से मोदी और उनकी सरकार की छवि को बड़ा धक्का लगता और यह भी कि चुनाव जीत कर आने के बाद मोदी सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं पर कब्ज़ा जमाकर देश को तानाशाही दे दी है- का रूपक लोगों में घर कर जाता।

वैसे भी, पहले से ही हिन्दुत्ववादी सत्ता विमर्श और बहुसंख्यक शक्ति के बल पर देश में लोकतंत्र की हत्या का एकेडेमिक्स रूपक दुनियाभर के ज्ञानजगत और अभिव्यक्ति के मंचों पर सिर चढ़कर बोल रहा है। इन मंचों पर प्रधानमंत्री मोदी की किम जोंग से कम की छवि नहीं है।

पूरी दुनिया में मार्क्सवादी एकेडेमिक्स को प्रतिरोध की भाषा का मास्टर माना जाता है। भारत में शाहीनबाग के समय छात्रा का लाठीधारी पुलिसवाले को गुलाब देती तस्वीर ने जैसे इस गुण को उच्चता दे दी थी। वह एक शानदार प्रयोग था। पूरी दुनिया की मीडिया ने उस तस्वीर का इस्तेमाल किया था और भारत की सरकार की पुलिस की बर्बरता के बरअक्स छात्रों का गाँधीवादी विरोध एक शानदार रूपक बन गया था।

प्रशांत भूषण ने भी पिछले दिनों से सरकार के खिलाफ़ अपनी प्रतिबद्धता को पुरज़ोर तरीके से प्रकट किया है। वे लगातार सरकार के तमाम फैसलों के विरुद्ध कोर्ट में अथवा अभिव्यक्ति के विभिन्न मंचों पर जाते रहे हैं। अयोध्या श्रीराम मंदिर मसले पर भी वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ थे।

इसी कड़ी में प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर आपत्तिजनक ट्वीट किए थे। उस ट्वीट के निहितार्थ थे कि सुप्रीम कोर्ट के जज भाजपा सरकार से अनुग्रहित हैं। इसका सीधा अर्थ है कि भारत का उच्चतम न्यायालय संविधान की नहीं, सरकार की चाकरी कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा घटना का संज्ञान लेने पर प्रशांत का माफी माँगने से इनकार करना और उसे सत्ता द्वारा उनकी आवाज़ दबाने के प्रयत्न की तरह प्रचारित करना, एक ऐसा दबाव था जिसके आगे सुप्रीम कोर्ट बौना हो सकता था।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में प्रशांत और उनकी तमाम कोशिशों को पटकनी दे दी है। अब प्रशांत भूषण अगर ज़ुर्माना भरते हैं तो यानी अपनी ग़लती मानते हैं, जिससे उनकी नैतिक और रणनीतिक हार होती है, क्योंकि उन्होंने सप्रीम कोर्ट की जो क्रूर और सत्तावादी चाकर की छवि बनाई थी उस पर आघात लगता है और नहीं देते हैं तो जेल और 1095 दिनों तक वकालत के क्षेत्र से प्रतिबंधित होने का दंश झेलने को बाध्य होंगे। भारत के हर दूसरे मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले एक्टिविस्ट वकील के लिए यह सज़ा फाँसी से कम नहीं है। ऐसे देखें तो प्रशांत भूषण के नहले पर सुप्रीम कोर्ट ने दहला मारा है।

एक शोषक, सत्तावादी चाकर का सारा रूपक एक रुपए के ज़ुर्माने की रकम के आगे भरभरा जाएगा। शोषण और आवाज़ दबाने के विमर्श को एक रुपया कमज़ोर कर देगा। अगर ज़ुर्माने की रकम एक, दो, दस या बीस लाख होती तो यकीनन प्रशांत को रणनीतिक बढ़त मिलती, लेकिन एक रुपए ने उनकी रणनीति को धता बताते हुए सुप्रीम कोर्ट को बढ़त दे दी है। प्रशांत के गाँधीवाद के बरअक्स सुप्रीम कोर्ट ने गाँधीवाद की बड़ी लकीर खींचकर अपने सयानेपन का सबूत दिया है।

जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षा में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने प्रशांत के गाँधीवादी घेरेबंदी का बेहतरीन तोड़ निकालकर यह साबित कर दिया कि भारत का सुप्रीम कोर्ट किसी भी किस्म के बाहरी दबाव या रणनीति को बेहतरीन ढंग से काउंटर कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट को भारत के संविधान का प्रहरी यूँ ही नहीं कहा जाता।

यह फैसला देकर जजों ने अपनी सूझबूझ का परिचय तो दिया ही है, साथ ही किसी भी लोकतंत्र में नकारात्मक प्रेशर-ग्रुप्स को भी एक शानदार मैसेज दिया है कि वे कोर्ट को कोई हलवा न समझें। दो मज़बूत पक्षों की लड़ाई में एक लोकतांत्रिक संस्था की सूझबूझ और समझदारी को देखकर भारतीय लोकतंत्र को गर्व हो सकता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आदित्य कुमार गिरि
मैं ख़ुद को खोज रहा हूँ। इसी क्रम में बहुत कुछ किया, बहुत सारी ग़लतियां भी हुईं, बहुत कुछ सीखा भी। अब शायद जीना आ जाये।शुरू में यह पीड़ादायक लगा लेकिन अब समझ में आ रहा है कि पीड़ा से ही सृजन होता है।

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM मोदी ने किया विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का आगाज, कोरोना वैक्सीनेशन पर प्रोपेगेंडा से किया आगाह

कोरोना वायरस पर अंतिम प्रहार के रूप में होने वाले दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए 2 मॉक ड्रिल्स पहले ही किए जा चुके हैं।

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

केंद्रीय मंत्री को झूठा साबित करने के लिए रवीश ने फैलाई फेक न्यूज: NDTV की घटिया पत्रकारिता के लिए सरकार ने लगाई लताड़

पत्र में लिखा गया कि ऐसे संवेदनशील समय में जब किसान दिल्ली के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उस समय रवीश कुमार ने महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है, जो किसानों को भ्रमित करता है और समाज में नकारात्मक भावनाओं को उकसाता है।
00:06:17

अजीत भारती छोड़ रहे हैं ऑपइंडिया, ऑक्सफोर्ड से आया बुलावा | Ajeet Bharti roasts Nidhi Razdan

आज जब श्री भारती जी के पास यह खबर आई कि उन्हें ऑक्सफोर्ड से प्रोफेसरी का बुलावा आया है तो उन्होंने भारी हृदय से सीईओ को त्यागपत्र सौंप दिया।

श्री अजीत भारती जी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने असोसिएट प्रोफेसर नियुक्त किया, ऑपइंडिया से विदाई तय

श्री अजीत भारती को उनके मित्र अलख सुंदरम् ने बताया कि गोरों की जमीन पर जाते ही मुँह पर मुल्तानी मिट्टी लगा कर घूमें ताकि ऑक्सफोर्ड में उन्हें ब्राउन समझ कर कोई दुष्टता न कर दे।

NDTV की निधि ने खरीद लिया था हार्वर्ड का टीशर्ट, लोगों को भेज रही थी बरनॉल… लेकिन ‘शिट हैपेन्स’ हो गया!

पोटेंशियल हार्वर्ड एसोसिएट प्रोफेसर निधि राजदान ने कहा कि प्रोफेसर के तौर पर ज्वाइन करने की बातें हार्वर्ड नहीं बल्कि 'व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी' से जारी की गईं थीं।

प्रचलित ख़बरें

मारपीट से रोका तो शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी के नेता रंजीत पासवान को चाकुओं से गोदा, मौत

शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी नेता रंजीत पासवान की चाकू घोंप कर हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपित के घर को जला दिया।

दुकान में घुस कर मोहम्मद आदिल, दाउद, मेहरबान अली ने हिंदू महिला को लाठी, बेल्ट, हंटर से पीटा: देखें Video

वीडियो में देख सकते हैं कि आरोपित युवक महिला को घेर कर पहले उसके कपड़े खींचते हैं, उसके साथ लाठी-डंडों, बेल्ट और हंटरों से मारपीट करते है।

अब्बू करते हैं गंदा काम… मना करने पर चुभाते हैं सेफ्टी पिन: बच्चियों ने रो-रोकर माँ को सुनाई आपबीती, शिकायत दर्ज

माँ कहती हैं कि उन्होंने इस संबंध में अपने शौहर से बात की थी लेकिन जवाब में उसने कहा कि अगर ये सब किसी को पता चली तो वह जान से मार देगा।

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

चोटी गुहल कनिया रहिए गेल: NDTV में रहीं निधि राजदान को हार्वर्ड ने कभी नहीं बुलाया, बताई ठगे जाने की व्यथा

वह महामारी के कारण सब चीजों को नजर अंदाज करती रहीं लेकिन हाल ही में उन्हें इन चीजों को लेकर शक गहराया और उन्होंने यूनिवर्सिटी के शीर्ष प्रशासन से संपर्क किया तो...

MBBS छात्रा पूजा भारती की हत्या, हाथ-पाँव बाँध फेंका डैम में: झारखंड सरकार के खिलाफ गुस्सा

हजारीबाग मेडिकल कालेज की छात्रा पूजा भारती पूर्वे के हाथ-पैर बाँध कर उसे जिंदा ही डैम में फेंक दिया गया। पूजा की लाश पतरातू डैम से बरामद हुई।

PM मोदी ने किया विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का आगाज, कोरोना वैक्सीनेशन पर प्रोपेगेंडा से किया आगाह

कोरोना वायरस पर अंतिम प्रहार के रूप में होने वाले दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए 2 मॉक ड्रिल्स पहले ही किए जा चुके हैं।

गोरखपुर से रिटायर आर्मी अफसर की बेटी को अगवा किया, इस्लाम कबूल करवाया: यूपी पुलिस ने कर्नाटक से महबूब को दबोचा

यूपी पुलिस ने कर्नाटक से महबूब को गिरफ्तार किया है। उस पर गोरखपुर की लड़की को अगवा कर जबरन उसका धर्मांतरण कराने का आरोप है।

पहले देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ टूटी, अब पुजारियों की गिरफ्तारी: मंदिरों पर हमलों को पुलिस ने ‘पॉलिटिक्स’ से जोड़ा

आंध्र प्रदेश के DGP ने मंदिरों में तोड़फोड़ और प्रतिमाओं को खंडित करने की घटनाओं के लिए TDP और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।

झटकों के बाद व्हाट्सएप ने ‘प्राइवेसी अपडेट’ टाला, बढ़ती लोकप्रियता के बीच डाउन हुआ सिग्नल

व्हाट्सएप ने प्राइवेसी अपडेट का प्लान फिलहाल टाल दिया है। वहीं, दुनियाभर में सिग्नल डाउन होने से यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

विदाई से पहले ट्रम्प से मिलना चाहती हैं पामेला, कहा- बायडेन के शपथ से पहले मिल जाए जूलियन असांजे को माफी

अभिनेत्री और मॉडल पामेला एंडरसन डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मुलाकात चाहती हैं, ताकि वे अपने मित्र जूलियन असांज के लिए क्षमा-प्रार्थना कर सकें।

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

दिल्ली दंगों के आरोपितों को बचाने वाले महमूद प्राचा को दिल्ली पुलिस ने किया एक्सपोज़, प्रशांत भूषण के आरोपों का भी दिया जवाब

प्रशांत भूषण द्वारा दिल्ली पुलिस की छापेमारी पर सवाल खड़े किए जाने के बाद पुलिस ने बिन्दुवार तरीके से हर प्रश्न का जवाब दिया है। भूषण ने यह सवाल ISIS पोस्टर बॉय के वकील महमूद प्राचा के विरुद्ध की गई पुलिस की रेड पर खड़े किए थे।

‘BJP वैक्सीन नहीं, नपुंसक बनाने की दवा के बाद अब जानलेवा टीका’: कोविड-19 को लेकर सपा की घटिया राजनीति जारी

अपने मास्टर अखिलेश यादव की तरह सपा नेता आईपी सिंह ने बर्ड फ्लू के बाद अब कोविड-19 वैक्सीन को लेकर एक विवादित बयान दिया है।

केंद्रीय मंत्री को झूठा साबित करने के लिए रवीश ने फैलाई फेक न्यूज: NDTV की घटिया पत्रकारिता के लिए सरकार ने लगाई लताड़

पत्र में लिखा गया कि ऐसे संवेदनशील समय में जब किसान दिल्ली के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उस समय रवीश कुमार ने महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है, जो किसानों को भ्रमित करता है और समाज में नकारात्मक भावनाओं को उकसाता है।

राम मंदिर के लिए इकबाल अंसारी भी करेंगे निधि समर्पण, कहा- यह श्रद्धा का सवाल है, इससे पुण्य मिलता है

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी भी भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि देंगे। श्रीराम जन्मभूमि समर्पण निधि अभियान पर इकबाल अंसारी ने कहा कि बात राम मंदिर की है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
380,000SubscribersSubscribe