Monday, October 26, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे वामपंथी दौर में हिंदुओं की आवाज बुलंद करने वाले सीता राम गोयल, जिनकी किताबें...

वामपंथी दौर में हिंदुओं की आवाज बुलंद करने वाले सीता राम गोयल, जिनकी किताबें आज भी हैं प्रामाणिक

ये वो दौर था जब सोशल मीडिया जैसे साधन नहीं थे। अगर अख़बारों और स्थापित प्रकाशनों में आपको छपने से रोक दिया जाए, तो आपके विचारों को भी दबाया जा सकता था। ऐसे दौर में सीताराम गोयल नाम के एक लेखक “हिन्दू समाज: संकटों के घेरे में” जैसी किताबें लिख रहे थे।

हाल का दौर नित नए खुलासों का भी दौर रहा। अगर आप एक आयातित विचारधारा के प्रति झुकाव नहीं रखते हों, तो कैसे आपको हाशिए पर धकेल दिया जाता है, ये विश्वसनीय नहीं लगता था। जब ब्लूम्सबरी और “दिल्ली दंगे 2020” का विवाद सामने आया तब प्रकाशन जगत में वाम विचारधारा की पैठ नजर आई।

विदेशियों के हुक्म पर भारतीय लेखकों की किताबों को कैसे सीधे प्रकाशन से ही बाहर किया जा सकता है, ये तो दिखा ही मगर साथ ही दूसरे कई क्षेत्रों में भी नजर आने लगा। ये प्रक्रिया 1950 में पी सी जोशी के दौर में ही शुरू हो गई थी। शिक्षा और उससे जुड़े आस-पास की जगहों पर वामपंथी विचारधारा ने चुपके-चुपके कब्ज़ा ज़माना शुरू कर दिया था।

भारत की आजादी के शुरूआती दौर में (कम से कम 1977 तक) जिनके हाथों में शिक्षा का मंत्रालय रहा, उन्होंने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया होगा ये एक अलग बहस का विषय हो सकता है। जो भी हो पी सी जोशी के पार्टी से निकाले जाने के बाद भी उन्हें पता रहा कि विश्वविद्यालय, नाटक-सिनेमा, साहित्य जैसे क्षेत्रों पर कब्ज़ा जमाने से ना केवल सतत आय के साधन बनते हैं, बल्कि युवाओं को लगातार भर्ती करते रहने के मौके भी बनते रहते हैं। इसका उन्होंने फायदा तो उठाया ही, लेकिन इसके साथ ही साथ दूसरी सभी विचारधाराओं को इन क्षेत्रों से बाहर निकाल देने का हर संभव प्रयास किया।

ये वो दौर था जब सोशल मीडिया जैसे साधन नहीं थे। अगर अख़बारों और स्थापित प्रकाशनों में आपको छपने से रोक दिया जाए, तो आपके विचारों को भी दबाया जा सकता था। ऐसे दौर में सीताराम गोयल नाम के एक लेखक “हिन्दू समाज: संकटों के घेरे में” जैसी किताबें लिख रहे थे।

कांचा इल्लैया जैसे मिशनरी फंड पर पलने वाले या शशि थरूर जैसे लोग जो कि घृणित अपराधों के आरोपित रहे हैं, वो आज तक जिसके विरोध में लिखते आ रहे हैं, उसके समर्थन में सीताराम गोयल “मैं हिन्दू कैसे बना” लिख रहे थे। जाहिर है ऐसे काम का नतीजा यही हुआ होगा कि उनके बारे में चुप्पी साधकर उन्हें उनके विचारों के साथ मिटा देने की भरपूर कोशिश हुई।

अक्टूबर 1921 में जन्मे सीताराम गोयल हमेशा से वामपंथियों के विरुद्ध थे, ऐसा नहीं था, क्योंकि ये माना जाता है कि 1940 के दशक के आसपास वो भी वामपंथी झुकाव रखते थे। उनके लेखन को प्रकाशक मिलना नामुमकिन बना दिया गया और अंततः उन्हें अपना खुद का प्रकाशन शुरू करना पड़ा।

उनके लिखे का प्रभाव कैसा था, इसे देखने के लिए उनके प्रकाशन की प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची देख लेना काफी होगा। उन्होंने राम स्वरुप की लिखी “अंडरस्टैंडिंग इस्लाम थ्रू हदीस” को 1983 पुनः प्रकाशित कर दिया।

इस किताब के लिए 1987 में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उनके खिलाफ मुकदमा बाद में हटा लिया गया लेकिन इस किताब की मूल अंग्रेजी प्रतियों को मार्च 1991 में प्रतिबंधित कर दिया गया। हिंदी अनुवाद को पहले ही 1990 में प्रतिबंधित किया जा चुका था।

प्रतिबंधित होने वाली दूसरी किताब का नाम “हिन्दू व्यू ऑफ़ क्रिश्चियनिटी एंड इस्लाम” था जिसे फिर से राम स्वरुप ने ही लिखा था। इसे प्रतिबंधित करने के लिए 1993 में सांसद सैयद शहाबुद्धीन (जो गया, बिहार से सांसद थे) ने प्रस्ताव दिया था।

सैयद शहाबुद्दीन इससे पहले “सैटानिक वर्सेज” पर भी 1988 में प्रतिबन्ध लगवा चुके थे। बाद में “द कोलकाता कुरान पिटिशन” और कोलिन माइने की “द डेड हैण्ड ऑफ़ इस्लाम” पर भी मुक़दमे हुए।

सीताराम गोयल की सबसे प्रसिद्ध किताब शायद “हिन्दू टेम्पल्स – व्हाट हेप्पेनड टू देम” को कहा जा सकता है। 1990 में इसे उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित करने का प्रयास हुआ था।

अगर “हिन्दू टेम्पल्स – व्हाट हेप्पेनड टू देम” को देखा जाए, तो इसका विषय वो हजारों मंदिर हैं, जो इस्लामिक जिहाद के दौरान भारत में तोड़ डाले गए। एक साथ इतने मंदिरों का प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत कर देना शायद सीताराम गोयल के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

ये पुस्तक आज भी प्रमाणों के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। सेकुलरिज्म और नरसंहारों को नकारने की तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग की आदत को वो अपने दौर में आड़े हाथों लेते रहे। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1921 को हुआ था और आज उनकी जन्मतिथि भी है। किस्मत से काफी कम लोग आज उन्हें याद करते नजर आए।

जो आज के दौर में भी हिन्दुओं के पक्ष से लिखते हैं, उन्हें अच्छी तरह अंदाजा होगा कि ये काम कितना मुश्किल है। प्रकाशकों का ना मिलना, सोशल मीडिया पर विरोध, ये सब मामूली बाते हैं। अक्सर संगठित गिरोहों के खिलाफ जाने पर मुक़दमे और मनगढ़ंत यौन शोषण जैसे आरोप भी झेलने पड़ सकते हैं। चरित्र हनन और आर्थिक नुकसान पहुँचाने की कोशिशें सबने देखी हैं।

हाल ही में सच बोलने के कारण ‘इस्लामोफोबिया’ का आरोप लगा कर एक शेफ को नौकरी से निकलवाने के लिए गिरोहों का पूरा आंदोलन चलाना भी याद होगा। इसके अलावा भी कई बार मध्य-पूर्वी देशों में ऐसी बातों के लिए गिरफ़्तारी-नौकरी से निकाले जाने जैसी घटनाएँ होती रही हैं।

ऐसे में 1990-2000 के दौर में आज से करीब दो दशक पहले जब ख़बरें इतनी तेजी से सफ़र नहीं करती थीं, तब कितनी मुश्किल से सीताराम गोयल टिके रहे होंगे, ये अनुमान लगाना मुश्किल नहीं।

बाकी जिन्हें आज के कोइनार्ड एल्स्ट और राजीव मल्होत्रा जैसे लेखक भी शुरूआती दौर का “बौद्धिक क्षत्रिय” मानते हैं, उन्हें उनकी आगे की पीढ़ी, यानी हम जैसे लोगों को भी एक बार नमन तो करना ही चाहिए!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बुलंदशहर की चुनावी रैली में भिड़े भीम-AIMIM: दिलशाद पर हाजी यामीन समर्थकों का जानलेवा हमला

बुलंदशहर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के काफिले पर फायरिंग की खबर के साथ ही AIMIM प्रत्याशी दिलशाद अहमद पर भी जानलेवा हमले की खबर सामने आई हैं।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

‘मिया म्यूजियम’ चाहिए कॉन्ग्रेसी MLA शेरमन अली को, असम सरकार ने खारिज की माँग

“...कोई मिया संग्रहालय स्थापित नहीं किया जाएगा। संग्रहालयों के प्रबंध विभाग किसी भी मिया संग्रहालय की स्थापना नहीं करेंगे।"

नवरात्रि में महिलाओं की पूजा, अन्य दिन रेप: कार्टून से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली वकील दीपिका पर FIR

जम्मू कश्मीर पुलिस ने दीपिका राजावत के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की है। उनके ख़िलाफ़ धारा 505 (बी)(2), 294 और 295 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

लालू यादव के 3 बकरों की बलि, मुझे मारने के लिए कराई थी तांत्रिक पूजा: सुशील मोदी

"लालू को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वे तंत्र-मंत्र, पशुबलि और प्रेत साधना जैसे कर्म-कांड कराते रहे हैं।" - सुशील मोदी के इस ट्वीट के बाद...

मंदिर तोड़ कर मूर्ति तोड़ी… नवरात्र की पूजा नहीं होने दी: मेवात की घटना, पुलिस ने कहा – ‘सिर्फ मूर्ति चोरी हुई है’

2016 में भी ऐसी ही घटना घटी थी। तब लोगों ने समझौता कर लिया था और मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं के सामने घटना का खेद प्रकट किया था

प्रचलित ख़बरें

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

Video: मजार के अंदर सेक्स रैकेट, नासिर उर्फ़ काले बाबा को लोगों ने रंगे-हाथ पकड़ा

नासिर उर्फ काले बाबा मजार में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चला रहा था। स्थानीय लोगों ने वहाँ देखा कि एक महिला और युवक आपत्तिजनक हालत में लिप्त थे।

वो इंडस्ट्री का डॉन है.. कितनों की जिंदगी बर्बाद की, भाँजा ड्रग्स-लड़कियाँ सप्लाई करता है: महेश भट्ट की रिश्तेदार का आरोप

लवीना लोध ने वीडियो शेयर करके दावा किया है महेश भट्ट और उनका पूरा परिवार गलत कामों में लिप्त रहता है। लवीना ने महेश भट्ट को इंडस्ट्री का डॉन बताया है।

मजार के अंदर सेक्स रैकेट, मौलाना नासिर पकड़ाया भी रंगे-हाथ… लेकिन TOI ने ‘तांत्रिक’ (हिंदू) लिख कर फैलाया भ्रम

पूरी खबर में एक बात शुरू से ही स्पष्ट है कि आरोपित मजार में रहता है और उसका नाम नासिर है। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया उसे तांत्रिक लिख कर...

फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस्लाम के बारे में जो कहा, वही बात हर राष्ट्राध्यक्ष को खुल कर बोलनी चाहिए

इमैनुअल मैक्राँ ने वह कहा जो सत्य है। इस्लाम को उसके मूल रूप में जानना और समझना, उससे घृणा करना कैसे हो गया!

AajTak बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर और बोल कर Live माफी माँगे: सुशांत के फेक ट्वीट पर NBSA का आदेश

सुशांत मामले में फेक न्यूज़ चलाने के लिए 'न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBSA)' ने 'आज तक' न्यूज़ चैनल को निर्देश दिया है कि वो माफ़ी माँगे।
- विज्ञापन -

बुलंदशहर की चुनावी रैली में भिड़े भीम-AIMIM: दिलशाद पर हाजी यामीन समर्थकों का जानलेवा हमला

बुलंदशहर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के काफिले पर फायरिंग की खबर के साथ ही AIMIM प्रत्याशी दिलशाद अहमद पर भी जानलेवा हमले की खबर सामने आई हैं।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

‘मिया म्यूजियम’ चाहिए कॉन्ग्रेसी MLA शेरमन अली को, असम सरकार ने खारिज की माँग

“...कोई मिया संग्रहालय स्थापित नहीं किया जाएगा। संग्रहालयों के प्रबंध विभाग किसी भी मिया संग्रहालय की स्थापना नहीं करेंगे।"

माँ बीमार, दिहाड़ी न कटे इसलिए 15 साल की बेटी को भेजा काम पर… लेकिन मालिक मो. मुक्तजीर ने किया रेप

नाबालिग पीड़िता की माँ मोहम्मद मुक्तजीर नामक व्यक्ति के गोदाम में काम करती थीं। अचानक से उनकी तबियत खराब हो गई, जिसकी वजह से...

नवरात्रि में महिलाओं की पूजा, अन्य दिन रेप: कार्टून से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली वकील दीपिका पर FIR

जम्मू कश्मीर पुलिस ने दीपिका राजावत के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की है। उनके ख़िलाफ़ धारा 505 (बी)(2), 294 और 295 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

₹250 में 10-16 साल के बच्चों के sexual acts वाले वीडियो, TV कलाकार करता था इंस्टाग्राम-टेलीग्राम पर यह काम

CBI ने मुंबई के एक TV कलाकार के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया। आरोपित के ऊपर विदेशी नाबालिग बच्चों की यौन संबंधी सामग्री बेचने का आरोप...

लालू यादव के 3 बकरों की बलि, मुझे मारने के लिए कराई थी तांत्रिक पूजा: सुशील मोदी

"लालू को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वे तंत्र-मंत्र, पशुबलि और प्रेत साधना जैसे कर्म-कांड कराते रहे हैं।" - सुशील मोदी के इस ट्वीट के बाद...

कंगना जब हवाई जहाज में थीं तो 9 रिपोर्टर-कैमरामैन टूट पड़े थे कुछ बुलवाने को, इंडिगो ने लगाया सभी पर बैन

डीजीसीए ने विमानन कंपनी को कहा था कि चंडीगढ़ से मुंबई जा रही फ्लाइट में हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। कंगना इसी से...

Xitler: ओलम्पिक को चीन से बाहर कराने की माँग, लोगों को सता रहा 1936 के हिटलर का डर

वैश्विक शक्ति घोषित करने की होड़ में चीन ने हर उस आवाज़ को दबाने का प्रयास किया है, जो उसके विरोध में उठाई गई। यहाँ तक कि...

मंदिर तोड़ कर मूर्ति तोड़ी… नवरात्र की पूजा नहीं होने दी: मेवात की घटना, पुलिस ने कहा – ‘सिर्फ मूर्ति चोरी हुई है’

2016 में भी ऐसी ही घटना घटी थी। तब लोगों ने समझौता कर लिया था और मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं के सामने घटना का खेद प्रकट किया था

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,187FollowersFollow
337,000SubscribersSubscribe