Homeराजनीतिजम्मू में 2G इंटरनेट सेवा शुरू, श्रीनगर में लैंडलाइन सेवा बहाल

जम्मू में 2G इंटरनेट सेवा शुरू, श्रीनगर में लैंडलाइन सेवा बहाल

जम्मू-कश्मीर के 22 ज़िलों में से 12 ज़िलों में आम जनजीवन अब सामान्य हो गया है। केवल पाँच ज़िले ऐसे हैं जहाँ रात में पाबंदियाँ लगाई जा रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में आज शनिवार (17 अगस्त) से फोन सेवाएँ शुरू हो गई हैं। जम्मू में 2G स्पीड के साथ इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। वहीं कश्मीर के श्रीनगर के राजबाग क्षेत्र में लैंडलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल, कश्मीर में इंटरनेट सेवा शुरू नहीं हुई है।

ख़बर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाए जाने के बाद जो प्रतिबंध लगाए गए थे उन्हें चरणबद्ध तरीक़े से हटाया जाएगा। फ़िलहाल, जम्मू, रियासी ज़िले, सांबा, कठुआ और उधमपुर में 2G इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई है। राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि सप्ताह के अंत तक कश्मीर घाटी के सभी स्कूल और कॉलेज खुल जाएँगे और दूरसंचार लिंक भी धीरे-धीरे बहाल हो जाएँगे।

अधिकारी ने इस बात की भी जानकारी दी कि बीते 12 दिनों से लॉकडाउन के दौरान कश्मीर घाटी में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा निष्प्रभावी किए जाने के बाद घाटी में प्रदर्शनों के दौरान मौत व गंभीर रूप से घायल होने की बात का खंडन किया। उनका कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर भारत के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने के लिए विदेशी मीडिया रिपोर्टस का इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जल्द ही प्रतिबंधों को हटा लिया जाएगा और जीवन पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा।

ख़बर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 22 ज़िलों में से 12 ज़िलों में आम जनजीवन अब सामान्य हो गया है। केवल पाँच ज़िले ऐसे हैं जहाँ रात में पाबंदियाँ लगाई जा रही हैं। बीते शुक्रवार (16 अगस्त) को जुमे की नमाज़ के बाद भी पूरे राज्य में शातिंपूर्ण माहौल रहा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -