Wednesday, April 1, 2020
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आप नेता बंगाल में डाक्टरों के विरोध से अनजान, सांकेतिक विरोध पर उठाया सवाल, ट्विटर पर छिड़ा घमासान

संजय सिंह ने जिस फ़ोटो पर प्रतिक्रिया दी, वह एम्स की है, जहाँ डॉक्टर्स ने ऐसा ही किया। यह विरोध प्रदर्शनों में इस्तेमाल किए जाने वाले काले बैंड के उपयोग के समान है, और इस बारे में AAP सांसद को छोड़कर पूरे देश में सब जानते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

यह दावा करने के बाद कि दिल्ली में AAP सरकार द्वारा प्रस्तावित मुफ्त मेट्रो यात्रा योजना से दिल्ली मेट्रो की आय बढ़ जाएगी, पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपनी अज्ञानता का प्रदर्शन किया। दरअसल, कोलकाता में डॉक्टरों पर हमला करने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग करते हुए डॉक्टरों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इस फ़ोटों में सभी डॉक्टर्स ने अपने सिर पर जो पट्टी बाँधी है उसमें माथे पर लाल पैच (सांकेतिक चोट) लगा हुआ है।

न्यूज़ एजेंसी ANI द्वारा ख़बर स्वरूप इस फ़ोटो को शेयर किया गया जिस पर आप नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दर्ज की और लिखा, “ये ANI की फ़ोटो है या फिर फ़ोटो शाप है इसमें तो सारे डॉक्टर को एक ही जगह चोट लगी है।”

ऐसा लगता है कि AAP नेता को बंगाल में डॉक्टर्स की हड़ताल के बारे में कुछ नहीं मालूम है, और इसीलिए उन्हें यह भी नहीं मालूम है कि उन्हीं डॉक्टर्स के समर्थन में पूरे देश के डॉक्टर्स अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने प्रतीकात्मक स्वरूप माथे पर पट्टी बाँधी और सांकेतिक चोट के ज़रिए डॉक्टर्स पर हुए हमले का विरोध जताया। ग़ौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में NRS अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में, डॉक्टर अपने सिर पर लाल दाग वाली पट्टियाँ लपेट रहे हैं, और कुछ हेलमेट पहने हुए भी दिखाई दिए। संजय सिंह ने जिस फ़ोटो पर प्रतिक्रिया दी, वह एम्स की है, जहाँ डॉक्टर्स ने ऐसा ही किया। यह विरोध प्रदर्शनों में इस्तेमाल किए जाने वाले काले बैंड के उपयोग के समान है, और इस बारे में AAP सांसद को छोड़कर पूरे देश में सब जानते हैं।

एक डॉक्टर एक सहयोगी को पट्टी पर लाल दाग लगाने में मदद करते हुए
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बाद में, संजय सिंह ने ट्वीट किया कि एक पत्रकार मित्र ने उन्हें सूचित किया है कि एम्स में डॉक्टर नकली पट्टियों के साथ विरोध कर रहे हैं, और कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इस तरह की फ़ोटो से यह भ्रम फैलने का डर है कि पूरे देश में डॉक्टर्स को पीटा जा रहा है।

अत: यह बात स्पष्ट हो गई है कि श्री सिंह विरोध में प्रतीकों के इस्तेमाल के बारे में कुछ नहीं जानते हैं, और उन्हें लगता है कि लोग डॉक्टर्स पर सच में हमले कर रहे हैं।

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