Sunday, July 25, 2021
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कॉन्ग्रेस नेता ने महिला दिवस पर मिस इंडिया रनर अप को गिफ्ट में दिए रद्दी कागज के टुकड़े: इस ‘सनक’ से हर कोई हैरान

"कॉन्ग्रेस नेता अजंता यादव ने उनकी बेटी को सम्मानित करने के नाम पर एक गिफ्ट बैग दिया। जब यह गिफ्ट वाला बैग खोला गया तो उसमें रद्दी कागज भरे हुए थे और उसमें मान्या की एक फटी हुई तस्वीर थी। '

मुंबई महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष अजंता यादव ने वीएलसीसी फेमिना मिस इंडिया 2020 की रनर अप रहीं मान्या सिंह यादव का ऐसा सम्मान किया है जिस पर हर कोई हैरान है। 7 मार्च को, ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ की पूर्व संध्या पर अजंता यादव ने अपनी और अपनी टीम की फोटो माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर डाला, जिसमें वह मान्या सिंह यादव को सम्मानित कर रही हैं।

कॉन्ग्रेस प्रमुख राहुल गाँधी को टैग करते हुए, महिला समानता और सशक्तीकरण और सबसे पुरानी पार्टी के अन्य सदस्यों की ‘पथप्रदर्शक’ कॉन्ग्रेस महिला अध्यक्ष ने ट्वीट किया, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर’ मैंने और मेरी टीम मुंबई महिला कॉन्ग्रेस ने वीएलसीसी फेमिना मिस इंडिया 2020 रनर अप मान्या सिंह का उनके घर पर सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।”

अजंता यादव का ट्वीट

अब मिस इंडिया रनर अप रहीं मान्या के पिता ओमप्रकाश का आरोप है कि कॉन्ग्रेस नेता अजंता यादव ने उनकी बेटी को सम्मानित करने के नाम पर एक गिफ्ट बैग दिया। जब यह गिफ्ट वाला बैग खोला गया तो उसमें रद्दी कागज भरे हुए थे और उसमें मान्या की एक फटी हुई तस्वीर थी। मीडिया से बात करते हुए, ओमप्रकाश ने कॉन्ग्रेस नेता द्वारा दिया गया गिफ्ट बैग दिखाया और इसके अंदर के रद्दी कागज को दिखाया। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे सनकी व्यवहार कहकर आलोचना भी कर रहे हैं।

फेमिना मिस इंडिया 2020 की रनर अप मान्या सिंह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की रहने वाली हैं। वह मिस इंडिया 2020 का ताज नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से लोगों का दिल जीत लिया। उनकी कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो चाँदी के चम्मच के साथ पैदा नहीं होती हैं।

मान्या सिंह के पिता एक ऑटो-रिक्शा चालक हैं और उनका यह सफर काफी मुश्किलों से भरा था। मान्या आगे बताती हैं कि उनकी कई रातें ऐसी भी गुजरी हैं जब बिना खाना और नींद के रात बितानी पड़ी है। लेकिन उनके माता- पिता ने हमेशा उनका सपोर्ट किया। उनकी माँ ने उनकी परीक्षा की फीस भरने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए और हमेशा पैशन को फॉलो करने के लिए कहा। 

मान्या आगे बताती हैं कि 14 साल की उम्र घर से भाग गई थी। उसके माता-पिता ने उसके फैसले का समर्थन किया और मुंबई भी स्थानांतरित हो गए। वह वहाँ पर दिन के वक्त वो पढ़ाई करती थी, शाम को बर्तन धोती थी और रात के वक्त कॉल सेंटर में काम करती थी। रिक्शा भाड़ा बचाने के लिए वो काफी दूर तक चलती थी। आज वो Femina Miss India के स्टेज पर है वह सिर्फ और सिर्फ अपने माता- पिता और भाई की वजह से। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मुझे सिखाया कि आपको अगर खुद पर विश्वास है तो आपके सपने पूरे हो सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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