‘कश्मीरी लड़की शादी कर अन्य राज्यों में जाएगी, देखते-देखते J&K सही मायने में पूरे भारत में घुल-मिल जाएगा’

इस दौरान गृह मंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें कीं, जिनमें 370/35A के विकास में बाधक होने की बात कहने से लेकर उनके खात्मे को एक रक्तपात भरे युग का अंत बताया। गृह मंत्री बड़ी सूक्ष्मता से 370/35A के कारण खुद कश्मीरियों को हो रहे एक-एक नुकसान को गिना रहे हैं।

राज्यसभा में फ़िलहाल (5 अगस्त, शाम को) गृह मंत्री अमित शाह का भाषण चल रहा है, और वह अनुच्छेद 370 के विषय में सदन को सम्बोधित कर रहे हैं। इस दौरान गृह मंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें कीं, जिनमें 370/35A के विकास में बाधक होने की बात कहने से लेकर उनके खात्मे को एक रक्तपात भरे युग का अंत बताया। गृह मंत्री बड़ी सूक्ष्मता से 370/35A के कारण खुद कश्मीरियों को हो रहे एक-एक नुकसान को गिना रहे हैं।

अमित शाह ने गुलाम नबी आज़ाद के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “गुलाम नबी आज़ाद जी आपने पूछा था इंटरस्टेट शादियाँ शुरू हो गई हैं। यदि कश्मीर की लड़की ओडिशा में शादी करती है तो क्या उसके बच्चे को जम्मू-कश्मीर में अधिकार मिलेगा? ऐसा कोई कानून नहीं है। अब समाधान हो गया है। आप खुश हैं इन शादियों से, होने दीजिए इंटरस्टेट मैरिज, कश्मीर की लड़की ओडिशा या अन्य राज्यों में जाएगी, देखते-देखते जम्मू-कश्मीर सही मायने में पूरे भारत में घुल-मिल जाएगा।”

कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पर्यटन है, लेकिन 370/35A के चलते पर्यटन भी नहीं पनप पाया।

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बिल लाने के तरीके पर कॉन्ग्रेस के सवाल उठाने को लेकर शाह ने उन्हें भी आड़े हाथों लिया, और इंदिरा गाँधी के आपातकाल लगाने के तरीके की याद दिलाई।

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