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‘जब राज्यपाल थे तब अंतरात्मा क्यों नहीं जगी’: सत्यपाल मलिक के आरोपों पर बोले अमित शाह, कहा- अमृतपाल पर पंजाब सरकार ने अच्छा काम किया

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने में पंजाब पुलिस की नाकामी को लेकर उन्होंने कहा है कि कई बार होता है, लेकिन जिस प्रकार से वह पहले खुलेआम घूमता था, अब ऐसा नहीं होगा। अब वह खालिस्तानी गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ा पाएगा।

जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार (22 अप्रैल 2023) को कहा है कि मलिक जब सत्ता में बैठे थे, तब चुप थे। उस समय उनकी अंतरात्मा क्यों नहीं जगी? गृह मंत्री ने पंजाब में खालिस्तान की लहर की बातों को भी इनकार किया है।

दरअसल, पिछले सप्ताह एक इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले समेत कई मुद्दों को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा था। इंडिया टुडे के कार्यक्रम में बोलते हुए अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जनता और पत्रकारों को इन लोगों की विश्वसनीयता पर विचार करना चाहिए। अगर यह सब सही है तो जब वह राज्यपाल थे तब क्यों चुप रहे?

गृह मंत्री ने आगे कहा है कि वह देश की जनता को यह कहना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसे छिपाना पड़े। उन्होंने आगे कहा है कि समय-समय पर कोई रूप बदलता है तो इस पर क्या किया जा सकता है। जनता को ऐसे लोगों की पहचान कर लेनी चाहिए। सत्यपाल मलिक ने जो आरोप लगाए हैं, वह सार्वजनिक चर्चा के विषय नहीं हैं।

दुनिया भर में बढ़ रही खालिस्तानी गतिविधियों तथा ब्रिटेन में स्थित भारतीय उच्चायोग में हुए हमले को लेकर अमित शाह ने कहा, “हमने NIA को इतना सक्षम बनाया है कि वह इस बात की जाँच कर सके कि विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं हो रही। भाजपा सरकार भारतीय उच्चायोग पर किसी भी तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और भारतीय कानूनों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

भगोड़े अमृतपाल सिंह और पंजाब में खालिस्तानी लहर के बारे में पूछे जाने पर अमित शाह ने कहा, “पंजाब में कोई खालिस्तानी लहर नहीं है। सरकार अपना काम कर रही है। हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं। केंद्र सरकार इसका समर्थन कर रही है। कोई भी भारत की एकता और संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता।”

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने में पंजाब पुलिस की नाकामी को लेकर उन्होंने कहा है कि कई बार होता है, लेकिन जिस प्रकार से वह पहले खुलेआम घूमता था, अब ऐसा नहीं होगा। अब वह खालिस्तानी गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ा पाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने अच्छा काम किया है।

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री ने कर्नाटक में मुस्लिमों को मिलने वाले आरक्षण को लेकर कहा है कि वह आरक्षण संविधान के खिलाफ था। कॉन्ग्रेस ने असंवैधानिक रूप से राज्य में 4 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण को लागू किया था। इसे लागू करने के लिए कॉन्ग्रेस संविधान के खिलाफ चली गई थी। इसे भाजपा सरकार ने खत्म कर अन्य समुदायों का आरक्षण बढ़ाया है।

बता दें कि मार्च 2023 में कर्नाटक की बोम्मई सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को खत्म करते हुए कहा था कि इस फैसले से सभी लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि मुस्लिमों को जहाँ 4 प्रतिशत की जगह अब 10 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, वहीं वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के आरक्षणों में भी 2-2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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