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‘इलेक्शन तो दुनिया जीतती है, आप हार कर दिखाएँ तो माने’: अवध ओझा का बजा बाजा तो मीमबाजों को याद आए ‘राजा’, कहा- पटपड़गंज था तो छोड़ दिए, पूर्वांचल होता तो काउंटिंग रुकवा देते

अवध ओझा की चुनावी मैदान में हुई इस फजीहत के बाद उनके नाम पर और पुराने डॉयलॉगों पर कई मीम्स शेयर हो रहे हैं। लोग उनका ये कहकर मजाक उड़ा रहे हैं कि राजनीति के चक्कर में कोचिंग नहीं छोड़नी चाहिए। अब तो वो करियर भी चौपट, ये भी।

दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने चुनावी मैदान में उतरे अवध ओझा को भारतीय जनता पार्टी के रवींद्र नेगी के सामने मुँह की खानी पड़ी। ताजा आँकड़ों के मुताबिक अवध ओझा इस समय रवींद्र नेगी से करीबन 12 हजार वोट पीछे चल रहे हैं और रवींद्र नेगी को अब तक कुल 36 हजार वोट आ चुके हैं।

अवध ओझा की चुनावी मैदान में हुई इस फजीहत के बाद उनके नाम पर और पुराने डॉयलॉगों पर कई मीम्स शेयर हो रहे हैं। लोग उनका ये कहकर मजाक उड़ा रहे हैं कि राजनीति के चक्कर में कोचिंग नहीं छोड़नी चाहिए। अब तो वो करियर भी चौपट, ये भी।

नीचे देख सकते हैं कि अवध ओझा की तस्वीर के साथ लिखा जा रहा है- “इलेक्शन तो दुनिया जीतती है साहब, आप हार के देखें तो मानें।”

एक मीम में लिखा गया- “वो तो पटपड़गंज था इसलिए छोड़ दिया। अपना पूर्वांचल होता तो काउंटिंग रुकवा देते।”

एक मीम में देख सकते हैं नेटिजन्स ने अवध ओझा के स्टाइल का मजाक बनाते हुए लिखा है- “जीत क्या जीत? हार में भी लोग आपकी बात करें ये होती है राजा मेंटेलिटी। आप हार रहे हो लेकिन हर जगह आपकी चर्चा हो ये होता है राजा का व्यक्तित्व।”

ऐसे ही तमाम वीडियो, तस्वीर और डायलॉग के जरिए अवध ओझा को लेकर सोशल मीडिया पर बातें हो रही हैं। लोग उनके राजनीति में आने के फैसले को ही गलत बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे बढ़िया अगर ये क्लास देते तो साख बची रहती।

बता दें कि अवध ओझा सोशल मीडिया पर अपनी कोचिंग क्लास में करने वाले ढंग के कारण वायरल हुए थे। इसके बाद उनकी कई वीडियो सामने आई जिसमें वो इस्लाम को पूरी दुनिया में रोशनी लाने वाला मजहब बताते थे और भगवान कृष्ण पर विवादित टिप्पणी करते थे। सोशल मीडिया पर इन कारणों से उनकी खूब आलोचना हुई लेकिन फिर भी AAP ने उन्हें राजनीति में उतरने का मौका दिया और उनका जमकर प्रचार भी किया। हालाँकि, नतीजे देख लगता है कि किस्मत इस बार अवध ओझा के साथ नहीं थी। खबर लिखे जाने वो रवींद्र नेगी से 12 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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