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’22 दिन भी टिकना मुश्किल, MP में अल्पमत में है कमलनाथ सरकार, राज्यपाल बुलाएँ विशेष सत्र’

मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष की माँग है कि विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर कमलनाथ को सदन में बहुमत साबित करने को कहा जाए।

लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और अब परिणाम का इंतजार है। कल (19 मई) को जहाँ सभी एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत से भी अधिक सीटें मिलने का अनुमान है वहीं कॉन्ग्रेस की हालत पतली दिख रही है।

इसी बीच मध्य प्रदेश से खबर आ रही है कि वहाँ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की माँग की है। मध्य प्रदेश में भाजपा विपक्ष में है और भार्गव के अनुसार कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ चुकी है।

भार्गव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एग्जिट पोल के अनुसार एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो से तीन सीटें मिलने वाली हैं, यह इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश में वर्तमान सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है।”

भार्गव ने यह भी कहा कि भाजपा कॉन्ग्रेस के विधायकों को खरीदने नहीं जा रही है बल्कि उन्होंने दावा किया कि बहुत से कॉन्ग्रेसी विधायक कमलनाथ से परेशान हो चुके हैं इसलिए वो भाजपा में आना चाहते हैं। इसीलिए उनकी माँग है कि विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर कमलनाथ को सदन में बहुमत साबित करने को कहा जाए।

इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय कह चुके हैं कि 23 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद कमलनाथ सरकार 22 दिन भी रह पाएगी इसमें संदेह है। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में 114 सीटों के साथ कॉन्ग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। निर्दलीय, सपा और बसपा के समर्थन से कॉन्ग्रेस ने सरकार बनाई थी और सिख दंगों के आरोपी कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था। लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने के बाद गोपाल भार्गव के दावों में कितनी सच्चाई है यह देखना होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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