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‘राहुल गाँधी का अपना कोई विचार नहीं, सिर्फ कुर्सी के पीछे भाग रहे हैं’: कंगना रनौत बोलीं- इंदिरा गाँधी से उनकी तुलना सिर्फ मजाक

कंगना रनौत से जब राहुल की तुलना इंदिरा गाँधी से करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह एक मजाक है। प्लीज देश के साथ इस तरह के मजाक मत करिए।"

हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने राहुल गाँधी को ‘बिना विचार’ वाला करार दिया और कहा कि उनके पास अपना कोई विचार नहीं है। कंगना रनौत ने कहा कि राहुल गाँधी सिर्फ कुर्सी के पीछे भाग रहे हैं, जबकि उन्हें खुद नहीं पता कि उन्हें क्या चाहिए।

इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी का अपना कोई रास्ता नहीं है। कंनगा ने कहा, “वह (राहुल गाँधी) एक गड़बड़झाला है। वह अपने भाषणों और अपने आचरण में एक गड़बड़झाला है।” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गाँधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करने के लिए संसद में भगवान शिव की तस्वीर का इस्तेमाल करने से संबंधित विवाद के दौरान, वह केवल यही सोचती थीं कि राहुल गाँधी की “ड्रग जाँच होनी चाहिए।”

कंगना रनौत ने राहुल के लिए Total mess शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि राहुल के पास कोई विजन नहीं है। उनका खुद का कोई रास्ता नहीं है। वह टोटल Mess हैं। वह अपने व्यवहार में भी इसी तरह के हैं और उनके भाषणों में भी इसी तरह की गड़बड़ी देखने को मिलती है।

हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि हाल ही में उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर जो बयान दिया था, उसे लेकर पार्टी नेतृत्व ने उन्हें फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में अपने शब्दों के चयन को लेकर अधिक सावधान रहेंगी। कंगना ने कहा कि मुझे अभी बहुत आगे जाना है। मैं आगे पार्टी के हिसाब से ही बात करने की कोशिश करूँगी। उन्होंने कहा, “मैं रहूँ या न रहूँ, भारत रहना चाहिए”

बता दें कि कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर 2024 को रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा देश पर थोपे गए आपातकाल के बारे में है।

कंगना रनौत से जब राहुल की तुलना इंदिरा गाँधी से करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह एक मजाक है। प्लीज देश के साथ इस तरह के मजाक मत करिए।” कंगना ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की तुलना में राहुल का रास्ता बिल्कुल अलग है। ऐसा लगता है कि उनके पास किसी तरह के ठोस विचार नहीं हैं, जिस तरह के किसी नेता के होने चाहिए। वह सिर्फ कुर्सी के पीछे हैं और हर बार अपना रास्ता बदल लेते हैं।

इंदिरा गाँधी के बारे में बात करते हुए रनौत ने कहा कि उनकी विचारधाराएँ और राजनीति उनके पिता जवाहरलाल नेहरू से अलग थी, जिन्हें रनौत ने “लिबरलों का प्रिय” करार दिया। वहीं, रनौत ने इंदिरा गाँधी के बारे में कहा, ‘वो सोशलिस्ट नहीं थीं।” उन्होंने इंदिरा गाँधी को ध्रुवीकरण करने वाली शख्सियत करार दिया। कंगना ने कहा कि “उन्हें सबसे ज्यादा प्यार किया जाता था और (फिर भी) सबसे ज्यादा नफरत भी की जाती थी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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