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बेटे संग फिर ‘दीदी’ की गोद में मुकुल रॉय, BJP में शुभेंदु अधिकारी के बढ़ते कद से थे बेचैन

इस दौरान TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि मुकुल रॉय पार्टी में एक बड़ा किरदार अदा करेंगे। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने अन्य ऐसे नेताओं को चेतावनी भी दी जो विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ कर चले गए थे।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने ‘घर-वापसी’ करते हुए वापस तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) का रुख किया है। कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय में वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ताज़ा परिस्थिति ऐसी है कि कोई भी भाजपा में नहीं रहना चाहता है। उन्होंने सितंबर 2017 में TMC से इस्तीफा दिया था। पार्टी ने उन्हें 6 वर्ष के लिए निलंबित भी कर दिया था।

इस दौरान TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि मुकुल रॉय पार्टी में एक बड़ा किरदार अदा करेंगे। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने अन्य ऐसे नेताओं को चेतावनी भी दी जो विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ कर चले गए थे। ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्होंने पार्टी को धोखा दिया है और पैसे के लिए पार्टी की आलोचना की, उनके वापस आने पर विचार नहीं किया जाएगा। बंगाल सीएम से पूछा गया था कि क्या और लोग TMC में वापस आ सकते हैं?

कभी तृणमूल में नंबर-2 माने जाने वाले मुकुल रॉय को मई 2011 में भारत का रेल मंत्री बनाया गया था। मार्च 2012 में उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्रीय राज्यमंत्री से कैबिनेट मंदतरी के रूप में प्रमोट किया। यूथ कॉन्ग्रेस के दिनों से ही वो ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं। ताज़ा चुनाव में वो नादिया के कृष्णानगर से बतौर भाजपा उम्मीदवार विधायक चुने गए थे। 2015 में ही ममता से उनकी खटपट चालू हो गई थी, जब शारदा और नारदा स्कैम में उनका नाम आया।

उनके कुछ करीबी नेताओं ने ये भी कहा है कि वो भाजपा में शुभेंदु अधिकारी के बढ़ते कद से नाराज़ थे। शुभेंदु को बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। ‘आउटलुक’ ने अपनी खबर में बताया है कि उनसे मिलने वाले कुछ नेताओं ने इस बात की जानकारी दी है कि भाजपा आलाकमान उनकी नजर में शुभेंदु अधिकारी को ज्यादा महत्व दे रहा था, जिससे वो असहज महसूस कर रहे थे। मुकुल रॉय के साथ उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने भी टीएमसी ज्वाइन की है।

शुभ्रेन्दु रॉय नॉर्थ 24 परगना के बीजपुर से 2 बार विधायक रहे हैं। मई 2019 में उन्होंने भाजपा का रुख किया था। तृणमूल ने उन्हें भी 6 वर्षों के लिए पार्टी से सस्पेंड किया था। वहीं उनके पिता मुकुल रॉय 2 बार राज्यसभा सांसद रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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