‘जय श्री राम’ बोलने पर TMC के गुंडों ने की एक और BJP कार्यकर्ता की हत्या

“एक युवा जिसका नाम कृष्णा देबनाथ था उसकी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने हत्या कर दी, क्योंकि वह जय श्रीराम के नारे लगा रहा था। ममता बनर्जी की खूनी राजनीति का जल्द ही अंत होगा।"

पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की वजह से भाजपा के एक और कार्यकर्ता की हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना नदिया जिले के स्वरूपनगर की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई की ओर से जारी बयान के मुताबिक स्वरूपगंज क्षेत्र के फकीरतल्ला इलाके के सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण देवनाथ को शनिवार जय श्रीराम का नारा लगाने पर इस कदर पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। है। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि तृणमूल के स्थानीय नेताओं के निर्देश पर एक समूह द्वारा निशाना बनाया गया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।

शुक्रवार (जूलाई 5, 2019) शाम कृष्ण देवनाथ को सड़क किनारे घायल पड़ा देख परिवार के सदस्य उन्हें एक स्थानीय अस्पताल ले गए। फिर बाद में उन्हें कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ भाजपा कार्यकर्ता को मृत घोषित कर दिया गया। नादिया भाजपा ने इस हत्या के पीछे सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के समर्थकों का हाथ बताया है। भाजपा के राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गृह मंत्री के पद से तत्काल इस्तीफा देने की माँग करते हुए कहा कि वह राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम हो गई हैं।

हत्या के बाद बीजेपी समर्थकों ने नवद्वीप में सड़क जाम कर दी और एक घंटे तक मृतक कृष्ण देवनाथ की लाश लेकर सड़क पर बैठे रहे। बीजेपी समर्थकों की माँग थी कि आरोपितों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कृष्णा देबनाथ की मौत पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, “एक युवा जिसका नाम कृष्णा देबनाथ था उसकी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने हत्या कर दी, क्योंकि वह जय श्रीराम के नारे लगा रहा था। ममता बनर्जी की खूनी राजनीति का जल्द ही अंत होगा। भगवान, कृष्णा के परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।”

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नवद्वीप के एक बीजेपी नेता ने कहा कि देबनाथ को टीएमसी के स्थानीय गुंडों द्वारा पीटा गया क्योंकि वह भगवान राम के नारे लगा रहा था। टीएमसी, भाजपा के हमारे कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सुबह से सड़क जाम इसलिए की थी, क्योंकि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने इस दावे को खारिज कर दिया है।  टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि इस घटना का जय श्री राम बोलने से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता शराब पीकर स्थानीय महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके कारण स्थानीय निवासियों ने उसकी पिटाई कर दी। इस घटना से तृणमूल का कोई संबंध नहीं है।

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