Tuesday, June 25, 2024
HomeराजनीतिCM केजरीवाल की याचिका तत्काल सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब CJI चंद्रचूड़...

CM केजरीवाल की याचिका तत्काल सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब CJI चंद्रचूड़ करेंगे फैसला: 2 जून को करना है सरेंडर, अब कह रहे 7 दिन और बढ़ा दो बेल

सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले को CJI चंद्रचूड़ के सामने रखा जाए, वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे कि याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए या नहीं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी को लेकर CJI डीवाई चंद्रचूड़ फैसला करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच ने इस मामले को तत्काल सुनने से मना कर दिया है। केजरीवाल ने 7 दिन की जमानत स्वास्थ्य आधार पर माँगी है।

मंगलवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट की जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की अवकाश बेंच ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। बेंच के सामने अरविन्द केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर लगाई गई याचिका की तत्काल सुनवाई की माँग की। उन्होंने दावा किया कि यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं बल्कि केवल एक छोटी सी माँग है।

अवकाश बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले को CJI चंद्रचूड़ के सामने रखा जाए, वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे कि याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए या नहीं। CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था । अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

CM केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NEET-UG विवाद: क्या है NTA, क्यों किया गया इसका गठन, किस तरह से कराता है परीक्षाओं का आयोजन… जानिए सब कुछ

सरकार ने परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति की घोषणा की है

हिंदुओं का गला रेता, महिलाओं को नंगा कर रेप: जो ‘मालाबर स्टेट’ माँग रहे मुस्लिम संगठन वहीं हुआ मोपला नरसंहार, हमें ‘किसान विद्रोह’ पढ़ाकर...

जैसे मोपला में हिंदुओं के नरसंहार पर गाँधी चुप थे, वैसे ही आज 'मालाबार स्टेट' पर कॉन्ग्रेसी और वामपंथी खामोश हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -