Sunday, September 19, 2021
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देवबंद में ATS कमांडो सेंटर के विरोध में कॉन्ग्रेस, नेता शाहनवाज आलम ने कहा – ‘बदनाम करने की साजिश’

"देवबंद से निकले हजारों उलेमाओं ने कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया और शहादत दी लेकिन अब देवबंद को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।"

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देवबंद में ATS (Anti-Terrorism Squad) का सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया। इसका समाजवादी पार्टी (सपा) ने विरोध किया था और अब कॉन्ग्रेस भी इसके विरोध में आ गई है। UP कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज आलम ने योगी सरकार के इस निर्णय को देवबंद को बदनाम करने की साजिश बताया है।

शाहनवाज आलम ने कहा कि देवबंद की छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। आलम ने कहा कि देवबंद से निकले हजारों उलेमाओं ने कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया और शहादत दी लेकिन अब देवबंद को बदनाम करने की साजिश वही लोग कर रहे हैं, जिनके पूर्वज अंग्रेजों से माफी माँगते थे और कॉन्ग्रेस नेताओं की जासूसी करते थे।

आलम ने मालेगाँव, मक्का मस्जिद, समझौता एक्सप्रेस आदि में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग खुद देश विरोधी गतिविधियों के चलते ATS की जाँच के दायरे में हैं, वही अंग्रेजों से लड़ने वाले देशभक्त संस्थानों पर पहरा लगाने की बात कर रहे हैं। इससे पहले योगी सरकार के इस फैसले का समाजवादी पार्टी ने भी विरोध किया था।

समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर मुस्लिमों को डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। सपा के विधायक दल के नेता रामगोविंद चौधरी का कहना था कि देवबंद इस्लामिक शिक्षा का बड़ा केंद्र है, जो कि दुनियाभर में धार्मिक शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है, ऐसे में ATS कमांडो सेंटर स्थापित कर योगी सरकार मुस्लिमों को डरा रही है। रामगोविंद का आरोप था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों की जनसंख्या काफी अधिक है इसीलिए ऐसा किया जा रहा है। बता दें कि देवबंद में ही ‘दारुल उलूम’ स्थापित है, जहाँ से इस्लामी देवबंदी अभियान शुरू हुआ था। तालिबान को भी इसी विचारधारा से प्रेरित बताया जाता है।

ज्ञात हो कि योगी सरकार के देवबंद में ATS कमांडो सेंटर बनाने के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने इसको लेकर जानकारी देते हुए बताया था कि आतंकवाद निरोधी अभियानों में तेजी लाने के लिए केवल देवबंद में ही नहीं, बल्कि मेरठ, बहराइच और श्रावस्ती व जेवर में भी एटीएस की इस तरह की इकाइयों की स्थापना की जा रही है। देवबंद से पहले लखनऊ और नोएडा में ATS का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। ऐसे में देवबंद में ATS कमांडो सेंटर का विरोध मात्र राजनैतिक स्वार्थ और मुस्लिम तुष्टिकरण से प्रेरित नजर आता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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