Friday, April 19, 2024
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क्या औकात है, जमीर मरी है, भारत रत्न के लायक नहीं: सचिन-अक्षय पर कॉन्ग्रेसी MP

सचिन तेंदुलकर को 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और 2012 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इस दौरान केंद्र में कॉन्ग्रेस नीत यूपीए की सरकार चल रही थी। ऐसे में एक कॉन्ग्रेस सांसद का यह कहना कि वह भारत रत्न के योग्य नहीं है, काफी आश्चर्यजनक है।

कथित किसान आंदोलन की आड़ में रची गई विदेशी साजिशों के खिलाफ जिस तरह देश की नामी हस्तियों ने एकजुटता दिखाई है, वह विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। कॉन्ग्रेस नेता तो लगातार सचिन तेंदुलकर को निशाना बना रहे हैं।

कॉन्ग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने तेंदुलकर पर हमला करते हुए कहा है कि वे ‘भारत रत्न के लायक नहीं हैं’। साथ ही दावा किया है कि सचिन अपने बेटे को आईपीएल टीम में जगह दिलाने के लिए सरकार का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा अक्षय कुमार के फिल्मों का भी उन्होंने बहिष्कार करने की अपील की है।

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सचिन को अपने क्षेत्र से इतर विषय पर बोलने में ‘सावधानी बरतने’ की ‘सलाह’ दी थी। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार जैसी हस्तियों ने भारत के खिलाफ चलाए जा रहे वैश्विक अभियान के विरोध में एकजुट रहने का आह्वान किया था।

पंजाब के कॉन्ग्रेस सांसद जसबीर गिल ने कहा, “मैं अपील करता हूँ सभी लोगों से, देशवासियों से, किसान के समर्थकों से कि इनकी फिल्मों का बहिष्कार करना चाहिए। इन लोगों की क्या औकात है, इनकी जमीर मरी हुई है, जिन्होंने किसानों के खिलाफ बयान देकर सरकार की पूँछ पकड़ी है। मैंने तो पहले ही कह दिया कि ये सचिन तेंदुलकर ने सिर्फ अपने बेटे को आईपीएल में जगह दिलाने के लिए सरकार का समर्थन किया। आप अपने आप सोच लीजिए, मैं आपके दर्शकों पर छोड़ देता हूँ कि वो फैसला करें कि क्या ये आदमी भारत रत्न के लायक है। मैं समझता हूँ कि ये उसके लायक नहीं है।”

सचिन तेंदुलकर को 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और 2012 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इस दौरान केंद्र में कॉन्ग्रेस नीत यूपीए की सरकार चल रही थी। ऐसे में एक कॉन्ग्रेस सांसद का यह कहना कि वह भारत रत्न के योग्य नहीं है, काफी आश्चर्यजनक है।

दिलचस्प बात यह है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्रियों का इतिहास रहा है कि वे खुद को ही ‘भारत रत्न’ से सम्मानित कर चुके हैं। जवाहरलाल नेहरू ने खुद को पद पर रहते हुए भारत रत्न दिया था। उनकी बेटी इंदिरा गाँधी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते ही ऐसा किया था। लेकिन कोई भी कॉन्ग्रेस सदस्य यह सवाल नहीं करता कि क्या वे सम्मान के योग्य थे।

बता दें कि क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में ट्वीट कर कहा था कि किसान आंदोलन में बाहरी ताकतों को दखल नहीं करना चाहिए। भारतीय ही भारतीयों के बारे में सोचने में सक्षम हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता। बाहरी ताकत दर्शक हो सकते हैं, लेकिन भागीदार नहीं। भारतीय नागरिक भारत के बारे में जानते हैं। हम एक राष्ट्र के तौर पर एकजुट रहें।”

बाहरी ताकतों के ख़िलाफ़ सचिन के आवाज उठाते ही सोशल मीडिया पर केरल वाले यूजर्स के एक धड़े ने खुलकर न केवल उनका विरोध किया, बल्कि देश के साथ खड़े होने के लिए उनका अपमान भी किया। केरल के कोच्चि में शुक्रवार (5 फरवरी 2021) को युवा कॉन्ग्रेस के सदस्यों ने विरोध जताते हुए सचिन तेंदुलकर के कट आउट पर कालिख पोत दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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