Sunday, April 11, 2021
Home राजनीति अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को...

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

आज अहमद पटेल के इंतकाल के बाद न जाने वो कौन से सूत्र हैं जो मीडिया को इतनी लिबर्टी दे रहे हैं कि वह ये दावा कर दें कि कॉन्ग्रेस पर कोई नॉन गाँधी भी कभी राज कर सकता है। पिछले दिनों सिर्फ पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने पर कपिल सिब्बल का क्या हाल हुआ यह किसी से छिपा नहीं है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन के बाद आज मीडिया में उन्हें लेकर तरह-तरह की खबरें चल रही हैं। कहा जा है कि वह अकेले इतनी बड़ी शख्सियत थे कि उन्होंने गाँधी परिवार से रिश्ता न होने के बाद भी पार्टी पर राज किया। 

अब सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा हो सकता है कि नेहरू-इंदिरा-राजीव की पीढ़ियों के अलावा किसी में इतना दम है कि वो कॉन्ग्रेस पर राज कर पाए? 

मीडिया में चलाई जा रही खबर

आज अहमद पटेल के इंतकाल के बाद न जाने वो कौन से सूत्र हैं जो मीडिया को इतनी लिबर्टी दे रहे हैं कि वह ये दावा कर दें कि कॉन्ग्रेस पर कोई नॉन गाँधी भी कभी राज कर सकता है। पिछले दिनों सिर्फ पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने पर कपिल सिब्बल का क्या हाल हुआ यह किसी से छिपा नहीं है। क्या ऐसी स्थिति में किसी की हिम्मत होगी कॉन्ग्रेस पर राज करने की?

अहमद पटेल को लेकर सुबह से हर कॉन्ग्रेसी नेता अपना दुख प्रकट कर रहा है। सोनिया गाँधी खुद उनके निधन को अपने लिए एक बड़ा नुकसान बता रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने एक वफादार सहयोगी और दोस्त खोया है। लेकिन, क्या यह शब्द काफी हैं इस कथन को साबित करने के लिए कि वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की कॉन्ग्रेस में गाँधी परिवार के सदस्यों जितनी पैठ थी?

इसे समझने के लिए तो पार्टी के ऑफिशियल अकॉउंट पर किए गए ट्वीट पर नजर डालनी पड़ेगी। दरअसल, अहमद पटेल की मृत्यु की जानकारी आज सुबह 4 बजे उनके बेटे फैसल खान ने ट्विटर पर दे दी थी। इसके बाद कई कॉन्ग्रेसी नेता भी इसे लेकर अपना शोक प्रकट करने लगे। मगर कॉन्ग्रेस के आधिकारिक अकॉउंट के लिए अपने इतने बड़े नेता की खबर पर दुख जताना सुबह का पहला काम नहीं था।

पहला काम था- राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर आज सुबह ठीक 8:00 बजे पहले राहुल गाँधी का संदेश शेयर किया गया। इसमें उन्होंने कहा था, “महिलाओं के खिलाफ हिंसा कई रूपों में सामने आती है और जिसे एक ऐसी संस्कृति द्वारा पोषित किया जाता है जो स्त्रित्व के चिह्नों का महिमामंडन करती है और साथ में महिलाओं की निंदा और अनादर भी करती हैं।”

इसके बाद कॉन्ग्रेस के आधिकारिक अकॉउंट से राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी जैसे नेताओं के ट्वीट को रीट्वीट किया गया, और पहले ट्वीट के करीब 22 मिनट बाद सुबह के 8:22 पर जाकर लिखा जाता है, “श्री अहमद पटेल के अचानक निधन के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपना एक मजबूत स्तंभ और राष्ट्र ने एक समर्पित नेता खो दिया। भारी मन के साथ हम उनके परिवार और समर्थकों के प्रति इस दुख की घड़ी में संवेदना व्यक्त करते हैं।”

हो सकता है कॉन्ग्रेस पार्टी के आलाकमान के प्रति अंधभक्ति को कई लोगों ने गौर किया हो। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि दूसरी ही ओर कॉन्ग्रेस समर्थक होने के नाम पर संवेदनाओं को मार चुके कई लोगों ने कॉन्ग्रेस के ट्वीट में हाँ में हाँ मिलाना सही समझा, उनसे ये सवाल पूछना जरूरी नहीं समझा कि आखिर अहमद पटेल की मृत्यु से बड़ा राहुल गाँधी के कोट में क्या है?

महिला की सुरक्षा और उनकी समानता पर बात करना एक ऐसा विषय है जो हमेशा प्रासंगिक रहता है लेकिन गुलामी में जकड़े कॉन्ग्रेसियों को मालूम है कि गाँधी परिवार के किसी भी सदस्य के मुख से निकलने वाली बात अहमद पटेल की मृत्यु से ज्यादा बड़ी सूचना है।

भले ही अहमद पटेल के पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के साथ करीबी रिश्ते हों। वो उनके अच्छे दोस्त हों, अच्छे सहयोगी हों। राहुल गाँधी भले ही उन्हें स्तंभ मानते हों। प्रियंका गाँधी उन्हें सलाहकार मानती हों, वफादार मानती हों। मगर, इसका मतलब ये नहीं है कि वो पार्टी पर राज कर पाए। मीडिया में किए जा रहे दावे अतिश्योक्ति से अधिक कुछ भी नहीं हैं।

आज अगर अहमद पटेल के जीवित रहते ये माँग उठा दी जाती कि वह इतने बड़े नेता हैं उन्हें पार्टी कमान सौंपी जाए, तो शायद कपिल सिब्बल की तरह कॉन्ग्रेसी उन्हें भी उनकी जगह दिखा देते। मात्र गाँधी परिवार का करीबी होना उन्हें कॉन्ग्रेस पर राज करने का अधिकार नहीं देता। बिलकुल वैसे ही जैसे कोई भी फैमिली फ्रेंड चाहे कितना भी खास, वफादार, समझदार हो लेकिन व्यक्ति फैमिली फ्रेंड को उसे नहीं सौंपता, उसे अपने बच्चों के लिए बचाए रखता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब आइसक्रीम नहीं धूल खाएँगे’: सचिन वाजे के तलोजा जेल पहुँचने पर अर्नब गोस्वामी ने साधा बरखा दत्त पर निशाना

डिबेट के 46 मिनट 19 सेकेंड के स्लॉट पर अर्नब ने सीधे बरखा दत्ता को उनकी अवैध गिरफ्तारी पर जश्न मनाने और सचिन वाजे जैसे भ्रष्ट अधिकारी के कुकर्मों का महिमामंडन करने के लिए लताड़ा है।

PM मोदी ने भारत में नई शक्ति का निर्माण कर सांस्कृतिक बदलाव को दिया जन्म, उन्हें रोकना मुश्किल: संजय बारू

करन थापर को दिए इंटरव्यू में राजनीतिक विश्लेषक संजय बारू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सांस्कृतिक बदलाव को जन्म दिया है।

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

एंटीलिया के बाहर जिलेटिन कांड के बाद सचिन वाजे करने वाला था एनकाउंटर, दूसरों पर आरोप मढ़ने की थी पूरी प्लानिंग

अपने इस काम को अंजाम देने के लिए वाजे औरंगाबाद से चोरी हुई मारुती इको का इस्तेमाल करता, जिसका नंबर प्लेट कुछ दिन पहले मीठी नदी से बरामद हुआ था।

खुद के सर्वे में हार रही TMC, मुस्लिम तुष्टिकरण से आजिज हो हिंदू BJP के साथ: क्लबहाउस पर सब कुछ बोल गए PK

बंगाल में बीजेपी क्यों जीत रही? पीएम मोदी कितने पॉपुलर? टीएमसी के आंतरिक सर्वे क्या कहते हैं? सबके बारे में क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर ने बात की।

‘दलित भाई-बहनों से इतनी नफरत’: सिलीगुड़ी में बोले PM मोदी- दीदी आपको जाना होगा

“दीदी, ओ दीदी! बंगाल के लोग यहीं रहेंगे। अगर जाना ही है तो सरकार से आपको जाना होगा। दीदी आप बंगाल के लोगों की भाग्य विधाता नहीं हैं। बंगाल के लोग आपकी जागीर नहीं हैं।”

प्रचलित ख़बरें

‘ASI वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएँगे, आप मारे जाओगे’: काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को धमकी

ज्ञानवापी केस में काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले का नाम यासीन बताया जा रहा।

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

पॉर्न फिल्म में दिखने के शौकीन हैं जो बायडेन के बेटे, परिवार की नंगी तस्वीरें करते हैं Pornhub अकॉउंट पर शेयर: रिपोर्ट्स

पॉर्न वेबसाइट पॉर्नहब पर बायडेन का अकॉउंट RHEast नाम से है। उनके अकॉउंट को 66 badge मिले हुए हैं। वेबसाइट पर एक बैच 50 सब्सक्राइबर होने, 500 वीडियो देखने और एचडी में पॉर्न देखने पर मिलता है।

कूच बिहार में 300-350 की भीड़ ने CISF पर किया था हमला, ममता ने समर्थकों से कहा था- केंद्रीय बलों का घेराव करो

कूच बिहार में भीड़ ने CISF की टीम पर हमला कर हथियार छीनने की कोशिश की। फायरिंग में 4 की मौत हो गई।

‘मोदी में भगवान दिखता है’: प्रशांत किशोर ने लुटियंस मीडिया को बताया बंगाल में TMC के खिलाफ कितना गुस्सा

"मोदी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी नहीं है। मोदी का पूरे देश में एक कल्ट बन गया है। 10 से 25 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनको मोदी में भगवान दिखता है।"

बंगाल: हिंसा में 4 की मौत, कूच बिहार में पहली बार के वोटर को मारी गोली, हुगली में BJP कैंडिडेट-मीडिया पर हमला

बंगाल के कूच बिहार में फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें 18 साल का आनंद बर्मन भी है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,166FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe