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कर्नाटक की नई सरकार में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी बल्ले-बल्ले, बेटे प्रियांक को भी मंत्रिमंडल में जगह: लिंगायत समाज से सिर्फ एक ही मंत्री

कर्नाटक के क्रांतिवीर स्टेडियम में शपथग्रहण समारोह प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के सहारे 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भी विपक्ष कमर कस रहा है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक भी कर्नाटक में सिद्धारमैया की सरकार में मंत्री बनेंगे। बता दें कि शनिवार (20 मई, 2023) को दोपहर में कर्नाटक मंत्रिमंडल का शपथग्रहण प्रस्तावित है, जिसके लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी भी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने 5 दिनों तक चले खींचतान के बाद सिद्धारमैया को CM और DK शिवकुमार को उप-मुख्यमंत्री के रूप में चुना। शपथग्रहण में कई विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगेगा।

सीएम और डिप्टी सीएम के अलावा जिन 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया है, वो हैं – जी परमेश्वर, KH मुनियप्पा, KJ जॉर्ज, MB पाटिल, सतीश जर्कीहोली, प्रियांक खड़गे, रामलिंगा रेड्डी और BZ ज़मीर अहमद खान। इनमें इनमें परमेश्वर, मुनियप्पा और प्रियांक SC (अनुसूचित जाति) समाज से आते हैं, जबकि जॉर्ज ईसाई और अहमद मुस्लिम हैं। जहाँ पाटिल कर्नाटक के सबसे बड़े लिंगायत समाज से आते हैं, सतीश वाल्मीकि समाज से आते हैं, जो अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है।

कर्नाटक के कांतिरवा स्टेडियम में शपथग्रहण समारोह प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के सहारे 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भी विपक्ष कमर कस रहा है। 44 वर्षीय प्रियांक खड़गे चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। ये इलाका गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र और कुलबर्गी जिला के अंतर्गत आता है, जो मल्लिकार्जुन खड़गे का पुराना गढ़ रहा है। खुद मल्लिकार्जुन खड़गे यहाँ से 2008 में विधायक चुने गए थे।

वहीं उनके बेटे प्रियांक ने 2013, 2018 और 2023 में यहाँ से कॉन्ग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। प्रियांक कर्नाटक यूथ कंग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018-19 में जब कॉन्ग्रेस के समर्थन से JDS के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे, तब उस समय प्रियांक को सामाजिक कल्याण मंत्री बनाया गया था। प्रियांक खुद को अम्बेडकरवादी और बौद्ध बताते हैं। इस फैसले के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी पर वंशवाद के आरोप भी लग रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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