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कन्हैया कुमार के काफिले पर 5वीं बार हमला: फेंके गए अंडे और मोबिल, बाउंसरों ने की बदतमीजी

जेएनयू छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार जमुई परिसदन में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को अलीगंज के लिए निकले थे। सोमवार को अलीगंज प्रखंड में उनकी सभा हुई। इससे पहले मोतिहारी, सुपौल, कटिहार और सीवान में कन्हैया कुमार पर हमला हो चुका है।

बिहार के जमुई में कन्हैया कुमार के काफिले पर हमले की ख़बर आई है। कन्हैया बिहार में जहाँ भी जा रहे हैं, लोग उन्हें मारने दौड़ रहे हैं। अबकी कन्हैया के काफिले में गाड़ियों पर अंडे फेंके गए। लोगों ने कन्हैया की गाड़ी पर मोबिल भी फेंका। पिछले कुछ दिनों में ये पाँचवी बार है, जब कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला हुआ है। हालाँकि, बिहार में उनकी रैलियों में लोग भी जुट रहे हैं क्योंकि वामपंथी दलों को वहाँ एक चेहरा मिल गया है। भाकपा कन्हैया कुमार की ‘जन गण मन’ यात्रा के जरिए अपने पुराने कैडर को एक्टिवेट करने में जुटी है।

कन्हैया कुमार पर हो रहे हमले में सिर्फ़ लोगों का दोष नहीं है। उनके बाउंसर्स भी मीडियाकर्मी और लोगों के साथ बदतमीजी से पेश आते हैं और मारपीट करते हैं। कन्हैया का काफिला जहाँ से गुजरता है, वहाँ नारेबाजी की जाती है। इसी तरह की नारेबाजी के दौरान एक दूसरा गुट आ गया और वो भी विरोध में नारेबाजी करने लगा। इस भिड़ंत में कन्हैया कुमार पर हमला कर दिया गया। ये मामला बिहार के जमुई का है। आढा आने के क्रम में महिसौड़ी चौक पर ये घटना हुई।

कन्हैया कुमार के समर्थकों का आरोप है कि पुलिस व प्रशासन इस मामले में लापरवाही बरत रहा है। विरोधी गुट का कहना है कि कन्हैया देशद्रोही है। लगभग 15 मिनट तक चली झड़प के कारण वहाँ जाम लगा रहा। जेएनयू छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार जमुई परिसदन में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को अलीगंज के लिए निकले थे। सोमवार को अलीगंज प्रखंड में उनकी सभा हुई। इससे पहले मोतिहारी, सुपौल, कटिहार और सीवान में कन्हैया कुमार पर हमला हो चुका है।

कन्हैया कुमार इस यात्रा के दौरान कुल 50 सभाएँ करने वाले हैं। 29 फरवरी तक चलने वाली इस रैली के जरिए वो सक्रिय राजनीति में पाँव जमाने निकले हैं। 30 जनवरी को बेतिया से उनकी ये यात्रा शुरू हुई थी। वो सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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