Sunday, June 23, 2024
Homeराजनीतिअरब का धौंस दिखाने वाले जफरुल इस्लाम ने माँगी माफी: देशद्रोह का मामला दर्ज,...

अरब का धौंस दिखाने वाले जफरुल इस्लाम ने माँगी माफी: देशद्रोह का मामला दर्ज, जाकिर नाइक को बताया था हीरो

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया कि जफरुल इस्लाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए और 153 ए के तहत FIR दर्ज की गई है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष की ओर से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार (अप्रैल 30, 2020) को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ देशद्रोह के तहत मामला दर्ज किया। इस्लाम ने 28 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भड़काऊ बयान दिया था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया कि जफरुल इस्लाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए और 153 ए के तहत FIR दर्ज की गई है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष की ओर से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनका कहना है, “मैंने एफआईआर नहीं देखा है। जब मैं इसे देखूँगा या फिर इसके बारे में मुझे पता चलेगा, तभी कुछ टिप्पणी करूँगा।”

बता दें कि यह FIR वसंत कुंज के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई है। सफदरजंग एनक्लेव के सहायक पुलिस आयुक्त के जरिए यह शिकायत लोधी कॉलोनी स्थित आतंकरोधी दल के स्पेशल सेल ऑफिस में पहुँची। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 28 अप्रैल को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने ट्विटर और फेसबुक पर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया जो कि भड़काऊ है और इसका मकसद सौहार्द्र बिगाड़ना और समाज में भेदभाव को पैदा करना है।

जफरुल इस्लाम खान ने माँगी माफी

इससे पहले जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल के अपने बयान को लेकर माफी माँगी है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा, “मेरा इरादा गलत नहीं था।” उन्होंने कहा, “28 अप्रैल, 2020 को मेरे द्वारा जारी किए गए ट्वीट में उत्तर-पूर्वी जिले की हिंसा के संदर्भ में कुवैत को भारतीय मुस्लिमों के उत्पीड़न पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया गया, कुछ लोगों को इससे पीड़ा हुई, जो कभी भी मेरा उद्देश्य नहीं था।”

इस्लाम ने आगे कहा, “मुझे महसूस हुआ कि जिस समय पूरा देश मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रहा है, उस समय मेरा ये ट्वीट असंवेदनशील था, मैं उन सभी से माफी माँगता हूँ, जिनकी भावनाएँ आहत हुईं।” उन्होंने कहा, “मैंने मीडिया के एक हिस्से को गंभीरता से लिया है जिसने मेरे ट्वीट के कंटेंट को गलत तरीके से पेश किया और मुझे उन चीजों के लिए जिम्मेदार ठहराया जो मैंने कभी नहीं कहा।” उन्होंने कहा कि इन न्यूज़ चैनल को वह लीगल नोटिस भी भिजवाएँगे। 

क्या है पूरा मामला?

28 अप्रैल को जफरुल इस्लाम ने ट्वीट कर कहा था कि कट्टर हिन्दुओं को शुक्र मनाना चाहिए कि भारत के समुदाय विशेष ने अरब जगत से कट्टर हिन्दुओं द्वारा हो रहे ‘घृणा के दुष्प्रचार, लिंचिंग और दंगों’ को लेकर कोई शिकायत नहीं की है और जिस दिन ऐसा हो जाएगा, उस दिन अरब के लोग एक आँधी लेकर आएँगे, एक तूफ़ान खड़ा कर देंगे।

खान ने पोस्ट में शाह वलीहुल्ला देहलवी, अबू हस्सान नदवी, बहुदुद्दीन खान और ज़ाकिर नाइक को हीरो की तरह पेश किया था। बता दें कि मलेशिया में रह रहे इस्लामी प्रचारक ज़ाकिर नाइक को वापस लाने के लिए भारत सरकार प्रयत्न कर रही है और उसके ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर आतंकियों को भड़काने तक के आरोप हैं। 

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा था कि जफरुल इस्लाम के खिलाफ देश भर में FIR दर्ज करवाएगी। विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा था कि देश के कोने-कोने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी ताकि एमएफ हुसैन की तरह इस्लाम को भारत में सिर छुपाने की जगह न मिले। इससे पहले इस विवादित पोस्ट को लेकर हिंदू सेना ने उनके ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘PM मोदी ने किया जी अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन, गिर गई उसकी दीवार’: News24 ने फेक न्यूज़ परोस कर डिलीट की ट्वीट,...

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन से जुड़े जिस दीवार के दिसंबर 2023 में बने होने का दावा किया जा रहा है, वो दावा पूरी तरह से गलत है।

‘मोदी के दिए घरों में रहते हैं, 100% वोट कॉन्ग्रेस को देते हैं’: बोले असम CM सरमा – राज्य पर कब्ज़ा करना चाहते हैं...

सीएम हिमंता ने कहा कि बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यकों ने कॉन्ग्रेस को इसलिए वोट दिया, क्योंकि अगले 10 सालों में वे राज्य को कब्जा चाहते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -