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जामिया हिंसा में कॉन्ग्रेस का हाथ? पूर्व MLA आसिफ मोहम्मद ख़ान को क्राइम ब्रांच ने किया तलब

पूर्व विधायक ख़ान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास सबूत है कि वो हिंसा के समय जामिया नगर में नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि वे उस वक़्त शाहीन बाग़ में प्रदर्शनकारियों के साथ थे और इस बात को साबित करने के लिए उनके पास सबूत भी है।

दिल्ली पुलिस ने कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद ख़ान के ख़िलाफ़ सीआरपीसी की धारा-160 के तहत मामला दर्ज किया है। ये मामला हिंसक उपद्रव से संबंधित है। पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक से कहा गया है कि वो शुक्रवार (जनवरी 24, 2020) को चाणक्यपुरी स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश हों। मामला 15 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के नाम पर दिल्ली के जामिया नगर में हुई हिंसा से जुड़ा है। आरोप है कि कई लोगों ने वहाँ के छात्रों व स्थानीय लोगों को भड़काया, जिसके बाद कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। कुछ वीडियो सामने आये थे जिसमें आप विधायक अमानतुल्लाह ख़ान को भी भीड़ का नेतृत्व करते देखा गया था।

इस बार कॉन्ग्रेस पार्टी ने आसिफ मोहम्मद ख़ान का टिकट काट दिया है। ओखला से पूर्व राज्यसभा सांसद परवेज हाश्मी को टिकट दिया है। इसके बाद आसिफ मोहम्मद ख़ान ने ऐलान किया कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन में भी आसिफ मोहम्मद ख़ान का हाथ है। वकील महमूद पाशा ने आरोप लगया था कि कुछ लोग मामले को शांत कराने के लिए उप राज्यपाल से प्रदर्शनकारी महिलाओं को मिलवा रहे हैं और वो इस विरोध को ठंडा होता देखना चाहते थे। उनके इस बयान पर आसिफ ने कहा कि इसमें उनका कोई रोल नहीं है।

शाहीन बाग़ विरोध प्रदर्शन के साजिशकर्ताओं के बीच भी मतभेद उत्पन्न होने लगा है। एक तरफ महमूद पाशा कह रहे हैं कि किसी भी अधिकारी या नेता से मुलाक़ात हो, प्रदर्शनकारी तब तक नहीं उठेंगे जब तक सीएए को वापस न ले लिया जाए, वहीं दूसरी तरफ़ आसिफ मोहम्मद ख़ान का मानना है कि अधिकारीयों को धरना स्थल पर जाकर लोगों से बातचीत करनी चाहिए ताकि हिंसा की कोई वारदात न हो। शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन से लाखों लोगों को आवागमन में घंटों देरी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने स्थानीय नेता आशु ख़ान के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया है। जामिया नगर में हुई हिंसा में उनका भी नाम सामने आ रहा है। इन दोनों के अलावा जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आइसा के नेता चन्दन कुमार सिंह को भी शुक्रवार 11 बजे क्राइम ब्रांच के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है।

पूर्व विधायक ख़ान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास सबूत है कि वो हिंसा के समय जामिया नगर में नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि वे उस वक़्त शाहीन बाग़ में प्रदर्शनकारियों के साथ थे और इस बात को साबित करने के लिए उनके पास सबूत भी है। उन्होंने कहा कि अगर वहाँ उनके उपस्थित होने का एक सबूत भी मिल जाए तो वो पूरी हिंसा की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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