Homeराजनीतिअयोध्या की तरह मथुरा का विकास, यमुना को स्नान नहीं... आचमन योग्य बनाएँगे: ब्रज...

अयोध्या की तरह मथुरा का विकास, यमुना को स्नान नहीं… आचमन योग्य बनाएँगे: ब्रज क्षेत्र के लिए CM योगी का रोडमैप

"हम 2022 तक यमुना जल को स्नान योग्य नहीं बल्कि आचमन योग्य बनाना चाहते हैं। मथुरा जिले को 411 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं के साथ..."

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (14 फरवरी 2021) को मथुरा-वृंदावन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कान्हा की नगरी मथुरा में हरिद्वार कुंभ के पहले आयोजित होने वाली वैष्णव बैठक में हिस्सा लिया।

वैष्णव बैठक के मंच से मुख्यमंत्री ने मथुरा जिले को 411 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात दी। 47 योजनाओं का लोकार्पण और 48 योजनाओं का शिलान्यास भी किया। दरअसल उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद हरिद्वार कुंभ से पहले वृंदावन मेले का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम पूरे 40 दिनों तक चलने वाला है। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक़:

“जब मुझे पहली बार वृंदावन कुंभ का प्रस्ताव मिला, तब देश-दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर रही थी। आप सभी जानते हैं कि महामारी की वजह से सभी कार्यक्रम रोकने पड़े थे क्योंकि हमारे पास दो ही विकल्प थे। या तो हम त्यौहार मना सकते थे या लोगों की जान बचा सकते थे। इस लड़ाई में जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमारी अगुवाई की, वह प्रशंसनीय था। भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसने इस माहामारी का सामना करने के लिए दो वैक्सीन तैयार की है। अब हमारे देश में और अन्य देशों में भी कोरोना वैक्सीन का वितरण किया जा रहा है। इन बातों से हमें साहस मिला कि हम यह आयोजन कर पाए, जो पूरे 12 साल बाद होने वाला है। मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूँ कि पहले क्या हुआ था लेकिन अब भाजपा की सरकार है। हमारी सरकार में वृंदावन कुंभ के रूप में वृंदावन बैठक भी वैसे ही होगी, जैसे प्रयागराज कुंभ किया गया था।”  

प्रयागराज कुंभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसकी सराहना तो UNESCO ने भी की थी। उनका कहना था कि इसके पहले भी कुंभ होता था लेकिन पिछली बार हुआ प्रयागराज कुंभ इस बात का प्रमाण था कि कैसे इसका आयोजन बड़े पैमाने पर किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साधू-संतों के आशीर्वाद की वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की नींव रखी। संत समाज हमेशा इस आंदोलन का हिस्सा था, इस अभियान में पीढ़ियों का योगदान है। ऐसे ही ब्रज क्षेत्र में भी विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ब्रज देवरहा बाबा के प्रख्यात संत की स्मृति में स्थापित घाट का भी उदघाटन किया। उन्होंने कहा, “हम 2022 तक यमुना जल को स्नान योग्य नहीं बल्कि आचमन योग्य बनाना चाहते हैं। हमने नमामि गंगे परियोजना में सबसे प्रदूषित शहर कानपुर में गंगा को सीवरविहीन बना दिया तो दिल्ली सरकार ये काम क्यों नहीं कर सकती है। यदि दिल्ली सरकार अपने यहाँ यमुना को शुद्ध कर ले तो उत्तर प्रदेश में यमुना की स्थिति सुधारने की ज़िम्मेदारी हमारी।”

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए ही हुआ है।       

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।

क्या एक एथेनॉल फैक्ट्री ने ही बर्बाद कर दी बर्नीहाट की हवा? असम-मेघालय सीमा पर बसे इस ‘दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर’ और उमियाम...

मेघालय का बर्नीहाट प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री के बाद बहस तेज हुई लेकिन इसकी टाइमलाइन और सरकारी रिपोर्ट अलग हकीकत दिखाती हैं।
- विज्ञापन -