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स्टालिन ने जिस ‘₹’ को मिटाया उसे तमिलनाडु के धर्मलिंगम ने ही देश को दिया, पिता रहे हैं DMK के MLA: कहा- ऐसी कल्पना नहीं थी, सीतारमण बोलीं- इससे बढ़ेगा अलगाववाद

'₹' चिह्न को डिजाइन करने वाले डॉ उदय कुमार धर्मलिंगम ने इस पूरे विवाद पर हैरानी जताई है। वह स्वयं तमिलनाडु के रहने वाले हैं और DMK के पूर्व विधायक के ही बेटे हैं। वर्तमान में धर्मलिंगम IIT गुवाहाटी में प्रोफ़ेसर हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे विवाद की कभी कल्पना नहीं की थी।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की स्टालिन सरकार के बजट से ‘₹’ चिह्न हटाने के निर्णय की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि यह कदम अलगाववाद की भावना को बढ़ाने वाला है। वित्त मंत्री ने स्टालिन सरकार के इस फैसले की टाइमिंग पर भी प्रश्न उठाए हैं। वहीं ‘₹’ चिह्न डिजाइन करने वाले तमिल प्रोफ़ेसर डी उदय कुमार ने इस विवाद पर आश्चर्य प्रकट किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु के इस कदम को लेकर एक्स (पहले ट्विटर) पर अपनी राय रखी है। उन्होंने पूछा है कि DMK सरकार ने अब ‘₹’ को हटाया है लेकिन उसने 2010 में प्रश्न क्यों नहीं उठाए थे जब कॉन्ग्रेस की केंद्र सरकार ने इसे अपनाया था। वित्त मंत्री ने कहा कि तब तो DMK इस सरकार का हिस्सा भी थी।

उन्होंने कहा, “₹ चिह्न पूर्व DMK विधायक एन. धर्मलिंगम के पुत्र उदयकुमार द्वारा डिजाइन किया गया था। अब इसे हटाकर DMK ना केवल एक राष्ट्रीय प्रतीक को अस्वीकार कर रही है, बल्कि तमिलनाडु के एक युवा के काम को भी पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही है।”

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा है कि रुपया शब्द संस्कृत से आया है और इस शब्द का उपयोग तमिल संस्कृति में लम्बे समय से होता आया है। उन्होंने श्रीलंका, सेशेल्स, मॉरीशस समेत और कई देशों के उदाहरण दिए जहाँ रुपया या इससे मिलता-जुलता शब्द मुद्रा के नाम के लिए उपयोग में लाया जाता है।

उन्होंने इसे दक्षिण एशिया की सांझी विरासत बताया है। DMK सरकार पर वित्त मंत्री ‘₹’ चिह्न हटा कर राष्ट्र की अखंडता कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम अलगाव की भावना भड़काने वाला है और इससे देश की एकता को खतरा है।

वहीं ‘₹’ चिह्न को डिजाइन करने वाले डॉ उदय कुमार धर्मलिंगम ने इस पूरे विवाद पर हैरानी जताई है। वह स्वयं तमिलनाडु के रहने वाले हैं और DMK के पूर्व विधायक के ही बेटे हैं। वर्तमान में धर्मलिंगम IIT गुवाहाटी में प्रोफ़ेसर हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे विवाद की कभी कल्पना नहीं की थी।

धर्मलिंगम ने 2010 में ‘₹’ डिजाइन किया था। तब की UPA सरकार ने इसके लिए एक प्रतियोगिता करवाई थी। इसमें 3300 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। इनके बीच से धर्मलिंगम के डिजाइन को मंजूरी मिली थी। तब से यह चिह्न उपयोग में है। भारतीय मुद्रा के साथ ही इसे बजट और यहाँ तक कि रिजर्व बैंक के डिजिटल रुपया में भी उपयोग किया गया है।

DMK सरकार के इस कदम पर तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष K अन्नामलाई ने कहा है कि उदयकुमार के डिजाइन को स्टालिन के पिता करूणानिधि ने सराहा था लेकिन उनके बेटे अब इसे नकार रहे हैं। उन्होंने इसे तमिलनाडु के बेटे का अपमान बताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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