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‘कानून से ऊपर कोई नहीं’: फरार हुए CM हेमंत सोरेन तो राज्यपाल ने DGP और मुख्य सचिव को तलब किया, राँची में कई जगहों पर धारा-144 लागू

उधर झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ऐलान किया है कि जो भी 'होनहार' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खोज निकालेगा, उसे 11,000 रुपए इनाम के रूप में दिया जाएगा।

जमीन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग में फँसे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 2 दिनों से गायब हैं। राँची से लेकर दिल्ली तक ED उनकी खोजबीन कर रही है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झामुमो एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। वहीं राँची में कई जगहों पर इसे देखते हुए धारा-144 लागू कर दी गई है। धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्यपाल CP राधाकृष्णन ने राज्य के मुख्य सचिव, DGP और गृह सचिव को राजभवन तलब कर उनके साथ बैठक की है।

झामुमो कह रही है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लापता नहीं हैं, वो जहाँ भी हैं सही-सलामत हैं। वहीं कॉन्ग्रेस के एक विधायक का कहना है कि सीएम मंगलवार (30 जनवरी, 2024) को सबके सामने आएँगे। हालाँकि, अब तक उनका कोई अता-पता नहीं है। दिल्ली में हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन के आवास पर भी ED ने दबिश दी थी। देर रात तक ED की टीम वहाँ रही। उसके बाद उनकी BMW कार और कुछ कागजात भी लेकर गई। मंगलवार को दोपहर 2 बजे सत्ता पक्ष गठबंधन के विधायकों की बैठक भी बुलाई गई है।

उधर झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ऐलान किया है कि जो भी ‘होनहार’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खोज निकालेगा, उसे 11,000 रुपए इनाम के रूप में दिया जाएगा। झारखंड के लोगों से उन्होंने ये ‘मार्मिक अपील’ की। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के मुख्यमंत्री केन्द्रीय एजेंसियों के डर के मारे पिछले क़रीब चालीस घंटे से लोकलाज त्याग कर लापता हैं और चेहरा छिपाकर भागे-भागे फिर रहे हैं। बकौल बाबूलाल मरांडी, यह न सिर्फ़ मुख्यमंत्री की निजी सुरक्षा के लिए ख़तरा है बल्कि झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुरक्षा, इज़्ज़त, मान-सम्मान भी ख़तरे में है।

ख़बरों में बताया गया है कि 2 गाड़ियों और 36 लाख रुपए के अलावा ED ने हेमंत सोरेन के ठिकानों से जब्त की है। जब्त किए गए कागजातों में क्या है, ये अभी खुलासा नहीं किया गया है। राँची में हेमंत सोरेन के आवास, राजभवन और ED दफ्तर के 100 मीटर के आसपास धारा-144 लागू की गई है। झारखंड के राज्यपाल ने कहा कि मीडिया की तरह वो भी मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, हम संविधान के हिसाब से काम करते हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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