Homeराजनीतिएक IAS तो दूजा IPS, VRS लेकर राजनीति में आए और अब योगी सरकार...

एक IAS तो दूजा IPS, VRS लेकर राजनीति में आए और अब योगी सरकार में मंत्री: जानिए कौन हैं अरविंद शर्मा और असीम अरुण

आईपीएस अधिकारी रह चुके असीम अरुण कानपुर शहर के पुलिस कमिश्नर रहे हैं। वे अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए प्रख्यात रहे हैं। एके शर्मा के नाम से विख्यात अरविंद कुमार शर्मा गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (25 मार्च, 2022) को लगातार दूसरी बार देश के सबसे बड़े सूबे (जनसंख्या के हिसाब से) के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस बीच दो नाम बेहद चर्चा में हैं, जिन्हें सीएम योगी ने मंत्री बनाया है। ये दो नाम अरविंद कुमार शर्मा (पूर्व आईएएस) और कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे असीम अरुण है।

असीम अरुण पहली बार चुनाव लड़े और जीते

आईपीएस अधिकारी रह चुके असीम अरुण कानपुर शहर के पुलिस कमिश्नर रहे हैं। वे अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए प्रख्यात रहे हैं। करीब 9 साल की अपनी शानदार पुलिस की नौकरी से वीआरएस लेकर असीम अरुण ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की शुरुआत में ही बीजेपी का दामन थामा था। भाजपा ने उन्हें कन्नौज सदर सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया और उन्होंने इस सीट पर लगातार तीन बार के विधायक रहे अनिल दोहरे को हराया।

कन्नौज के ही ठठिया इलाके के रहने वाले असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण भी आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। वे दो बार उत्तर प्रदेश के डीजीपी भी रहे थे। वहीं असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्हें योगी सरकार 2.0 में स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री का दर्जा दिया गया है।

अरविंद कुमार शर्मा

वहीं एके शर्मा के नाम से विख्यात अरविंद कुमार शर्मा गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। पीएम मोदी की नीतियों को धरातल में उतारने का काम करते थे। शर्मा ने पिछले साल जनवरी में ही बीजेपी की सदस्यता ली थी।

बाद में 19 जून 2021 को एके शर्मा को यूपी बीजेपी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। मूलरूप से यूपी में मऊ जिले के काझाखुर्द गाँव के रहने वाले शर्मा 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। माना जाता है कि शर्मा साल 2001 से पीएम मोदी के साथ हैं, जब वो गुजरात के सीएम थे। बहरहाल उन्हें योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -