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हनुमान जी में है अटूट आस्था, हमारे बीच कोई नहीं आ सकता: ‘वनवास’ से लौटे योगी आदित्यनाथ

"हनुमान जी में मेरी अटूट आस्था है और संकटमोचन में इस आस्था के बीच कोई नहीं आ सकता। उनका दृढ़ संकल्पित, समर्पित जीवन मेरे लिए एक प्रेरणास्रोत है। नासै रोग हरै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।" सीएम योगी ने हनुमान जी की जयंती पर सभी को शुभकामनाएँ दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘वनवास’ समाप्त हो चुका है। चुनाव आयोग की तरफ से लगाए गए 72 घंटे का बैन समाप्त होने के बाद UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जयंती के अवसर पर कई ट्वीट किए हैं। CM योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हिंदू उनकी धार्मिक पहचान है और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश का सम्मान किया। इसके साथ ही योगी ने ट्वीट में कहा कि उनके मंदिर दर्शन को सियासत से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हाल ही में चुनावी सभा में बजरंग बली और अली वाले बयान को लेकर आयोग ने योगी के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

सीएम योगी ने कहा, “हनुमान जी में मेरी अटूट आस्था है और संकटमोचन में इस आस्था के बीच कोई नहीं आ सकता। उनका दृढ़ संकल्पित, समर्पित जीवन मेरे लिए एक प्रेरणास्रोत है। नासै रोग हरै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।” सीएम योगी ने हनुमान जी की जयंती पर सभी को शुभकामनाएँ दी।

चुनाव आयोग के निर्णय पर योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि विगत 72 घण्टों में उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश का सम्मान किया और उसे समुचित आदर दिया।

योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि उन्हें आस्था का अधिकार संविधान से प्राप्त है और इसे राजनीतिक तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि दलित भाई महावीर और उनके परिवार से मिलकर पता चला कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से जन-जन कितने प्रसन्न हैं। उनकी पत्नी सावित्री द्वारा बनाया गया सादा सुस्वादु भोजन ग्रहण कर प्रसन्नता हुई। समाज के आखिरी पायदान पर बैठे वंचितों के जीवन में ऐसी खुशियाँ हों, यही भाजपा का लक्ष्य है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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